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Sonipat News: फर्जी रजिस्ट्री मामले में एसआईटी को नहीं मिल रहा रिकॉर्ड, भेजा नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 25 Feb 2026 03:06 AM IST
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गन्नौर। गांव बांय में 36 कनाल जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा मामला जांच के बावजूद आगे नहीं बढ़ पा रहा। पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गठित एसआईटी ने रिकॉर्ड नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों को दोबारा नोटिस जारी किया है और ढील बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
अभियोग के अनुसार दिल्ली निवासी विकास कुमार की फर्म ने साल 2011 में गांव बांय में 36 कनाल जमीन खरीदी थी। 27 नवंबर 2025 को जाली प्राधिकरण पत्र और हस्ताक्षरों के आधार पर जमीन का पंजीकरण किसी और को कर दिया गया। इस मामले में पुलिस पहले ही नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है।
एसीपी ऋषिकांत ने बताया कि एसआईटी रजिस्ट्री प्रक्रिया, दस्तावेजों की वैधता और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। नायब तहसीलदार की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि रजिस्ट्री के दौरान स्टांप शुल्क में अनियमितता की आशंका है। इस बात की पड़ताल की जाएगी कि कहीं जमीन की श्रेणी बदलकर शुल्क कम तो नहीं दिखाया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि जैसे ही पूरा रिकॉर्ड मिलेगा, मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, रजिस्ट्री क्लर्क योगेश कुमार ने बताया कि संबंधित रिकॉर्ड पूरी तरह तैयार और सुरक्षित है। नायब तहसीलदार प्रशिक्षण पर गए हुए हैं। उनके लौटते ही नियमानुसार रिकॉर्ड एसआईटी को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
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अभियोग के अनुसार दिल्ली निवासी विकास कुमार की फर्म ने साल 2011 में गांव बांय में 36 कनाल जमीन खरीदी थी। 27 नवंबर 2025 को जाली प्राधिकरण पत्र और हस्ताक्षरों के आधार पर जमीन का पंजीकरण किसी और को कर दिया गया। इस मामले में पुलिस पहले ही नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर चुकी है।
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एसीपी ऋषिकांत ने बताया कि एसआईटी रजिस्ट्री प्रक्रिया, दस्तावेजों की वैधता और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। नायब तहसीलदार की जिम्मेदारी भी जांच के दायरे में बताई जा रही है।
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि रजिस्ट्री के दौरान स्टांप शुल्क में अनियमितता की आशंका है। इस बात की पड़ताल की जाएगी कि कहीं जमीन की श्रेणी बदलकर शुल्क कम तो नहीं दिखाया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि जैसे ही पूरा रिकॉर्ड मिलेगा, मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उधर, रजिस्ट्री क्लर्क योगेश कुमार ने बताया कि संबंधित रिकॉर्ड पूरी तरह तैयार और सुरक्षित है। नायब तहसीलदार प्रशिक्षण पर गए हुए हैं। उनके लौटते ही नियमानुसार रिकॉर्ड एसआईटी को उपलब्ध करा दिया जाएगा।