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Yamuna Nagar News: 2.21 लाख मतदाताओं का पिछले रिकॉर्ड से नहीं हो सका मिलान
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 17 Jun 2026 12:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया ने लाखों मतदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। बीएलओ द्वारा घर-घर की गई मैपिंग के दौरान दो लाख 21 हजार 682 मतदाताओं का पुराना रिकॉर्ड मेल नहीं खा सका है। ऐसे में इन मतदाताओं के वोट कटने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि निर्वाचन आयोग की ओर से अंतिम निर्णय से पहले इन्हें अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
जिले की चारों विधानसभा सीटों साढौरा, जगाधरी, यमुनानगर और रादौर में कुल नौ लाख 18 हजार 682 मतदाता पंजीकृत हैं। बीएलओ द्वारा की गई मैपिंग में वर्ष 2002 में हुए अंतिम एसआईआर के रिकॉर्ड से केवल छह लाख 97 हजार मतदाताओं का ही डाटा मिलान हो पाया है। शेष बड़ी संख्या में मतदाताओं का रिकॉर्ड या तो अपूर्ण है या फिर मिलान से बाहर पाया गया है।
निर्वाचन विभाग के अनुसार जिन मतदाताओं का डाटा मेल नहीं खा रहा है, उन्हें अब नोटिस और अवसर दिया जा रहा है ताकि वे अपने निवास और पहचान से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत कर सकें। इसके बाद ही अंतिम सूची तैयार की जाएगी। मैपिंग में शामिल न हो पाने वाले कई मतदाताओं का कहना है कि 2002 के समय वे जिले या राज्य से बाहर रह रहे थे, जिसके कारण उनका रिकॉर्ड उस समय की सूची से नहीं जुड़ पाया।
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ऐसे मामलों में निर्वाचन आयोग अब संबंधित स्थानों की एसआईआर रिपोर्ट से भी मिलान करेगा। यदि दस्तावेजों के आधार पर मतदाता अपनी पहचान और निवास साबित नहीं कर पाए तो उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है।
घर-घर मैपिंग से सामने आया बड़ा अंतर : बीएलओ की ओर से की गई मैपिंग में यह अंतर सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। अधिकारी लगातार डेटा मिलान और सत्यापन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि वास्तविक मतदाताओं के नाम ही सूची में रहें।
एसआईआर के लिए 7 प्रतिशत लोगों को दिए फार्म
जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 979 बूथों पर मतदाता सत्यापन के लिए फार्म वितरण का कार्य शुरू हो चुका है। प्रशासन की ओर से मंगलवार तक लगभग सात प्रतिशत मतदाताओं को फार्म उपलब्ध करवा दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने प्रतिदिन 10 से 15 प्रतिशत लोगों तक फार्म पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि पहले सप्ताह के भीतर सभी पात्र मतदाताओं तक फार्म पहुंचाए जा सकें। इसके बाद भरे हुए फार्म एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिले में शत-प्रतिशत बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से घर-घर जाकर फार्म वितरित किए जा रहे हैं।इस सप्ताह तक सभी घरों में फार्म पहुंच जाएंगे। वहीं मैपिंग में जिन मतदाताओं के डाटा का मिलान नहीं हुआ है उन्हें भी आगे मौका दिया जाएगा। - नवीन आहूजा, एडीसी, यमुनानगर।
यमुनानगर। जिले में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया ने लाखों मतदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। बीएलओ द्वारा घर-घर की गई मैपिंग के दौरान दो लाख 21 हजार 682 मतदाताओं का पुराना रिकॉर्ड मेल नहीं खा सका है। ऐसे में इन मतदाताओं के वोट कटने की संभावना बढ़ गई है। हालांकि निर्वाचन आयोग की ओर से अंतिम निर्णय से पहले इन्हें अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा।
जिले की चारों विधानसभा सीटों साढौरा, जगाधरी, यमुनानगर और रादौर में कुल नौ लाख 18 हजार 682 मतदाता पंजीकृत हैं। बीएलओ द्वारा की गई मैपिंग में वर्ष 2002 में हुए अंतिम एसआईआर के रिकॉर्ड से केवल छह लाख 97 हजार मतदाताओं का ही डाटा मिलान हो पाया है। शेष बड़ी संख्या में मतदाताओं का रिकॉर्ड या तो अपूर्ण है या फिर मिलान से बाहर पाया गया है।
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निर्वाचन विभाग के अनुसार जिन मतदाताओं का डाटा मेल नहीं खा रहा है, उन्हें अब नोटिस और अवसर दिया जा रहा है ताकि वे अपने निवास और पहचान से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत कर सकें। इसके बाद ही अंतिम सूची तैयार की जाएगी। मैपिंग में शामिल न हो पाने वाले कई मतदाताओं का कहना है कि 2002 के समय वे जिले या राज्य से बाहर रह रहे थे, जिसके कारण उनका रिकॉर्ड उस समय की सूची से नहीं जुड़ पाया।
ऐसे मामलों में निर्वाचन आयोग अब संबंधित स्थानों की एसआईआर रिपोर्ट से भी मिलान करेगा। यदि दस्तावेजों के आधार पर मतदाता अपनी पहचान और निवास साबित नहीं कर पाए तो उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है।
घर-घर मैपिंग से सामने आया बड़ा अंतर : बीएलओ की ओर से की गई मैपिंग में यह अंतर सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। अधिकारी लगातार डेटा मिलान और सत्यापन प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि वास्तविक मतदाताओं के नाम ही सूची में रहें।
एसआईआर के लिए 7 प्रतिशत लोगों को दिए फार्म
जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 979 बूथों पर मतदाता सत्यापन के लिए फार्म वितरण का कार्य शुरू हो चुका है। प्रशासन की ओर से मंगलवार तक लगभग सात प्रतिशत मतदाताओं को फार्म उपलब्ध करवा दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने प्रतिदिन 10 से 15 प्रतिशत लोगों तक फार्म पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि पहले सप्ताह के भीतर सभी पात्र मतदाताओं तक फार्म पहुंचाए जा सकें। इसके बाद भरे हुए फार्म एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिले में शत-प्रतिशत बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से घर-घर जाकर फार्म वितरित किए जा रहे हैं।इस सप्ताह तक सभी घरों में फार्म पहुंच जाएंगे। वहीं मैपिंग में जिन मतदाताओं के डाटा का मिलान नहीं हुआ है उन्हें भी आगे मौका दिया जाएगा। - नवीन आहूजा, एडीसी, यमुनानगर।