{"_id":"6a208dd4a8e33c31060de192","slug":"accused-of-embezzling-compensation-amount-by-giving-false-affidavit-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1007-157158-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: झूठा शपथ पत्र देकर मुआवजे की राशि हड़पने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: झूठा शपथ पत्र देकर मुआवजे की राशि हड़पने का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
यमुनानगर। बिजली की 132 केवी लाइन के लिए सरकार की ओर से दी गई मुआवजा राशि में दो किसानों ने एक अन्य किसान के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। जांच के बाद सदर यमुनानगर थाना पुलिस ने गांव औरंगाबाद निवासी कैलाश चंद के खिलाफ झूठा हलफनामा देकर अन्य हिस्सेदारों की मुआवजा राशि हड़पने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
दामला गांव निवासी करनैलो देवी और औरंगाबाद गांव निवासी गुलाब चंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे गांव औरंगाबाद के जिन खसरा नंबर में हिस्सेदार हैं। उन खेतों से 132 केवी बिजली लाइन गुजरने के कारण सरकार की ओर से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाना था। आरोप है कि एक अन्य किसान कैलाश चंद ने विभाग के समक्ष झूठा शपथ पत्र दाखिल कर यह दर्शाया कि संबंधित भूमि पर केवल वही काश्त करता है। इसके आधार पर सरकार ने उसके खाते में 12 लाख 63 हजार 933 रुपये की मुआवजा राशि जारी कर दी। शिकायतकर्ताओं ने मामले की शिकायत एसडीएम जगाधरी को दी। पुलिस ने मामले की जांच और मौके पर कराई गई निशानदेही के बाद पाया कि जमीन पर अन्य हिस्सेदार भी काश्त कर रहे थे। जांच में करनैलो देवी के हिस्से 6 लाख 18 हजार 921 रुपये व गुलाब चंद के हिस्से 1 लाख 6 हजार 99 रुपये की राशि बनती पाई गई। बताया गया कि जांच के दौरान कैलाश चंद ने एसडीएम के समक्ष रकम लौटाने का आश्वासन दिया था। बाद में उसे पूरी राशि सरकारी खाते में जमा कराने के निर्देश भी दिए गए, लेकिन उसने न तो शिकायतकर्ताओं को उनका हिस्सा दिया और न ही सरकारी खाते में राशि जमा कराई। संवाद
Trending Videos
दामला गांव निवासी करनैलो देवी और औरंगाबाद गांव निवासी गुलाब चंद ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वे गांव औरंगाबाद के जिन खसरा नंबर में हिस्सेदार हैं। उन खेतों से 132 केवी बिजली लाइन गुजरने के कारण सरकार की ओर से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाना था। आरोप है कि एक अन्य किसान कैलाश चंद ने विभाग के समक्ष झूठा शपथ पत्र दाखिल कर यह दर्शाया कि संबंधित भूमि पर केवल वही काश्त करता है। इसके आधार पर सरकार ने उसके खाते में 12 लाख 63 हजार 933 रुपये की मुआवजा राशि जारी कर दी। शिकायतकर्ताओं ने मामले की शिकायत एसडीएम जगाधरी को दी। पुलिस ने मामले की जांच और मौके पर कराई गई निशानदेही के बाद पाया कि जमीन पर अन्य हिस्सेदार भी काश्त कर रहे थे। जांच में करनैलो देवी के हिस्से 6 लाख 18 हजार 921 रुपये व गुलाब चंद के हिस्से 1 लाख 6 हजार 99 रुपये की राशि बनती पाई गई। बताया गया कि जांच के दौरान कैलाश चंद ने एसडीएम के समक्ष रकम लौटाने का आश्वासन दिया था। बाद में उसे पूरी राशि सरकारी खाते में जमा कराने के निर्देश भी दिए गए, लेकिन उसने न तो शिकायतकर्ताओं को उनका हिस्सा दिया और न ही सरकारी खाते में राशि जमा कराई। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन