{"_id":"6a137630891900b9f10d92e4","slug":"awareness-rally-against-female-foeticide-yamuna-nagar-news-c-245-1-kn11005-149834-2026-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ निकाली जागरूकता रैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ निकाली जागरूकता रैली
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 25 May 2026 03:35 AM IST
विज्ञापन
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता रैली निकालते स्कूली बच्चे व उपस्थित स्वास्थ्य विभाग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
राजौंद। शहर मेंं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने रैली निकालकर कन्या भ्रूण हत्या रोकने, बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया। उप स्वास्थ्य केंद्र राजौंद के अंतर्गत एवीएम स्कूल की मुख्य अध्यापिका नीलम शर्मा के सहयोग से आयोजित इस रैली में बच्चों ने गली-गली जाकर नारे लगाए और लोगों को जागरूक किया। रैली का गांव में व्यापक प्रभाव देखने को मिला।
स्वास्थ्य विभाग की एएनएम दर्शन ने कहा कि बेटियां अब बोझ नहीं, बल्कि देश का भविष्य हैं। उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान समय में कन्या भ्रूण हत्या जैसे गंभीर और गैरकानूनी अपराध अब भी हो रहे हैं, जिससे समाज का लिंगानुपात लगातार बिगड़ रहा है। उन्होंने पीएनडीटी एक्ट की जानकारी दी और बताया कि गर्भ में शिशु का लिंग जांच करवाना और करना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं। ऐसे मामलों में पहली बार पकड़े जाने पर 3 साल की सजा और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति लिंग जांच करवाता हुआ पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें। सूचना देने वाले का नाम और पता पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। संवाद
Trending Videos
स्वास्थ्य विभाग की एएनएम दर्शन ने कहा कि बेटियां अब बोझ नहीं, बल्कि देश का भविष्य हैं। उन्होंने चिंता जताई कि वर्तमान समय में कन्या भ्रूण हत्या जैसे गंभीर और गैरकानूनी अपराध अब भी हो रहे हैं, जिससे समाज का लिंगानुपात लगातार बिगड़ रहा है। उन्होंने पीएनडीटी एक्ट की जानकारी दी और बताया कि गर्भ में शिशु का लिंग जांच करवाना और करना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं। ऐसे मामलों में पहली बार पकड़े जाने पर 3 साल की सजा और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति लिंग जांच करवाता हुआ पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत स्वास्थ्य विभाग को दें। सूचना देने वाले का नाम और पता पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन