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Yamuna Nagar News: हत्या के दोषी भाई-भतीजे को उम्रकैद
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:28 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार की अदालत ने गांव बसातियां वाला में गली में कार खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में शेर सिंह की हत्या के मामले में उसके भाई श्योराम और भतीजे इंद्रजीत को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मृतक शेर सिंह के बेटे नरेंद्र सिंह ने थाना व्यासपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 11 मार्च 2022 को उसकी विवाहित बहन मायके आईथी। घर के समीप गली में उसके चाचा श्योराम का कमरा है। श्योराम ने अपनी कार गली में खड़ी कर रखी थी, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो रहा था। उसके पिता शेर सिंह और उसने श्योराम से कार हटाने के लिए कहा ताकि उसकी बहन अपने ससुराल लौट सके। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। बाद में उसकी बहन घर चली गई, लेकिन रात के समय श्योराम ने अपने बेटे इंद्रजीत के साथ मिलकर शेर सिंह पर लाठियों से हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल शेर सिंह को उपचार के लिए पहले नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान 18 मार्च 2022 को उनकी मृत्यु हो गई। शेर सिंह की मौत के बाद पुलिस ने पहले दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे में हत्या की धारा जोड़ते हुए जांच पूरी की और अदालत में चालान पेश किया।
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यमुनानगर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश कुमार की अदालत ने गांव बसातियां वाला में गली में कार खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में शेर सिंह की हत्या के मामले में उसके भाई श्योराम और भतीजे इंद्रजीत को दोषी करार देते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर एक वर्ष का कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मृतक शेर सिंह के बेटे नरेंद्र सिंह ने थाना व्यासपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 11 मार्च 2022 को उसकी विवाहित बहन मायके आईथी। घर के समीप गली में उसके चाचा श्योराम का कमरा है। श्योराम ने अपनी कार गली में खड़ी कर रखी थी, जिससे रास्ता अवरुद्ध हो रहा था। उसके पिता शेर सिंह और उसने श्योराम से कार हटाने के लिए कहा ताकि उसकी बहन अपने ससुराल लौट सके। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। बाद में उसकी बहन घर चली गई, लेकिन रात के समय श्योराम ने अपने बेटे इंद्रजीत के साथ मिलकर शेर सिंह पर लाठियों से हमला कर दिया।
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हमले में गंभीर रूप से घायल शेर सिंह को उपचार के लिए पहले नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान 18 मार्च 2022 को उनकी मृत्यु हो गई। शेर सिंह की मौत के बाद पुलिस ने पहले दर्ज हत्या के प्रयास के मुकदमे में हत्या की धारा जोड़ते हुए जांच पूरी की और अदालत में चालान पेश किया।