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Yamuna Nagar News: बदलते मौसम ने बढ़ाई बच्चों की मुश्किलें, बुखार और दस्त के मरीज बढ़े

Fri, 31 Jul 2026 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 31 Jul 2026 12:39 AM IST
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Changing weather adds to children's woes; rise in cases of fever and diarrhea.
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में बच्चाें का चेकअप कराने पहुंचे लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले में लगातार बदल रहा मौसम अब लोगों के स्वास्थ्य पर असर डालने लगा है। कभी बारिश, कभी तेज धूप और उमस के कारण दिन और रात के तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चों के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों खांसी, बुखार और दस्त से पीड़ित बच्चों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिंद्र संधू ने बताया कि अस्पताल में रोजाना 100 से 150 की ओपीड़ी हो रही है। इसमें से करीब 40 मरीज खांसी, बुखार और दस्त के आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव के कारण बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे में वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। इसके अलावा घरों में एसी, कूलर और पंखों का असंतुलित उपयोग भी बच्चों के बीमार होने का बड़ा कारण बन रहा है। दिन में तेज गर्मी और रात में ठंडी हवा के बीच शरीर तापमान के अनुरूप खुद को ढाल नहीं पाता, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
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डॉ. संधू ने बताया कि पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में यह समस्या सबसे अधिक देखी जा रही है। छोटे बच्चों की तापमान सहन करने की क्षमता व्यस्कों की तुलना में कम होती है। रात के समय एसी या कूलर चलने के दौरान यदि बच्चे के शरीर से चादर हट जाती है तो उन्हें जल्दी ठंड लग जाती है। इससे सर्दी, खांसी, वायरल बुखार और गले के संक्रमण की शिकायत बढ़ जाती है। कई बच्चों में तेज बुखार के साथ कमजोरी और भूख कम लगने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
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डॉ. संधू ने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को मौसम के अनुसार कपड़े पहनाएं और एसी का तापमान बहुत कम न रखें। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पानी पिलाएं, आवश्यकता पड़ने पर ओआरएस का घोल दें और हल्का व ताजा भोजन ही खिलाएं। यदि बच्चे को तेज बुखार, लगातार उल्टी, बार-बार दस्त, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक सुस्ती महसूस हो तो बिना देरी किए चिकित्सक से संपर्क करें।
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