{"_id":"6a6b9e5efa3bcdc6a40dadf7","slug":"electricity-corporations-negligence-compromises-highway-safety-eight-lighting-connections-stalled-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-160421-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: हाईवे की सुरक्षा पर भारी बिजली निगम की लापरवाही, लाइटों के आठ कनेक्शन अटके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: हाईवे की सुरक्षा पर भारी बिजली निगम की लापरवाही, लाइटों के आठ कनेक्शन अटके
विज्ञापन
सहारनपुर-पंचकूला नेशनल हाईवे से गुजरते वाहन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। यमुनानगर-पंचकूला राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) के अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। दुर्घटना संभावित स्थानों पर हाईवे की लाइटें चालू करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 10 स्थानों पर बिजली कनेक्शन के आवेदन किए थे, लेकिन महीनों बाद भी आठ स्थानों पर कनेक्शन जारी नहीं हो सके हैं।
इतना ही नहीं, दो आवेदनों को मामूली दस्तावेजी त्रुटियों का हवाला देकर रद्द कर दिया गया जबकि मामला सीधे सड़क सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में तकनीकी कमियां दूर कराने के बजाय आवेदन निरस्त करना अधिकारियों की संवेदनहीनता माना जा रहा है।
लगातार देरी से नाराज एनएचएआई ने अब यूएचबीवीएन को पत्र लिखते हुए लंबित बिजली कनेक्शनों को तत्काल स्वीकृत करने की मांग की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि बिजली कनेक्शन में देरी के कारण हाईवे पर कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी बिजली निगम की होगी। पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्याप्त रोशनी केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि यात्रियों और आसपास के ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य व्यवस्था है।
विज्ञापन
एनएचएआई के अनुसार, हाईवे लाइटिंग के संचालन के लिए हरनौल, रेस्ट एरिया, औरंगाबाद, भंभौली, धीन, धीन बस स्टैंड, कैल, सुढैल और खंडवा सहित 10 स्थानों पर बिजली मीटर कनेक्शन के आवेदन किए गए थे। इनमें केवल हरनौल और रेस्ट एरिया के कनेक्शन ही स्वीकृत हुए हैं, जबकि शेष आठ स्थानों पर प्रक्रिया अधूरी पड़ी है। धीन और धीन बस स्टैंड के आवेदन तो दस्तावेजों में मामूली त्रुटियां बताकर सीधे रद्द कर दिए गए।
एनएचएआई ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि बारिश और कोहरे के मौसम में हाईवे पर दृश्यता पहले ही काफी कम हो जाती है। ऐसे समय स्ट्रीट लाइटें दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद बिजली कनेक्शन लंबित रहने से करोड़ों रुपये की हाईवे पर लाइटिंग व्यवस्था बेकार पड़ी हुई है और कई संवेदनशील स्थान अंधेरे में डूबे हैं।
प्राधिकरण ने बताया कि हाल ही में संपन्न कांवड़ यात्रा के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने हाईवे और हाई-मास्ट लाइटों को निर्बाध रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए थे, ताकि कांवड़ियों और अन्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके बावजूद बिजली कनेक्शन जारी न होने से लाइटें चालू नहीं हो सकीं, जिससे प्रशासनिक निर्देशों का उद्देश्य भी अधूरा रह गया।
-- -- -- --
एनएचएआई के केवल दो आवेदन ही सही पाए गए हैं। बाकी के आवेदनों में स्ट्रीट लाइट श्रेणी के बजाय कमर्शियल में कनेक्शन देने के लिए आवेदन किया गया था। जो आवेदन सही है, उन्हें जल्द ही कनेक्शन दे दिया जाएगा। - पंकज, एक्सईएन, जोड़ियो डिवीजन
विज्ञापन
यमुनानगर। यमुनानगर-पंचकूला राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) के अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। दुर्घटना संभावित स्थानों पर हाईवे की लाइटें चालू करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 10 स्थानों पर बिजली कनेक्शन के आवेदन किए थे, लेकिन महीनों बाद भी आठ स्थानों पर कनेक्शन जारी नहीं हो सके हैं।
इतना ही नहीं, दो आवेदनों को मामूली दस्तावेजी त्रुटियों का हवाला देकर रद्द कर दिया गया जबकि मामला सीधे सड़क सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में तकनीकी कमियां दूर कराने के बजाय आवेदन निरस्त करना अधिकारियों की संवेदनहीनता माना जा रहा है।
विज्ञापन
लगातार देरी से नाराज एनएचएआई ने अब यूएचबीवीएन को पत्र लिखते हुए लंबित बिजली कनेक्शनों को तत्काल स्वीकृत करने की मांग की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि बिजली कनेक्शन में देरी के कारण हाईवे पर कोई दुर्घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी बिजली निगम की होगी। पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर पर्याप्त रोशनी केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि यात्रियों और आसपास के ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य व्यवस्था है।
विज्ञापन
एनएचएआई के अनुसार, हाईवे लाइटिंग के संचालन के लिए हरनौल, रेस्ट एरिया, औरंगाबाद, भंभौली, धीन, धीन बस स्टैंड, कैल, सुढैल और खंडवा सहित 10 स्थानों पर बिजली मीटर कनेक्शन के आवेदन किए गए थे। इनमें केवल हरनौल और रेस्ट एरिया के कनेक्शन ही स्वीकृत हुए हैं, जबकि शेष आठ स्थानों पर प्रक्रिया अधूरी पड़ी है। धीन और धीन बस स्टैंड के आवेदन तो दस्तावेजों में मामूली त्रुटियां बताकर सीधे रद्द कर दिए गए।
एनएचएआई ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि बारिश और कोहरे के मौसम में हाईवे पर दृश्यता पहले ही काफी कम हो जाती है। ऐसे समय स्ट्रीट लाइटें दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसके बावजूद बिजली कनेक्शन लंबित रहने से करोड़ों रुपये की हाईवे पर लाइटिंग व्यवस्था बेकार पड़ी हुई है और कई संवेदनशील स्थान अंधेरे में डूबे हैं।
प्राधिकरण ने बताया कि हाल ही में संपन्न कांवड़ यात्रा के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने हाईवे और हाई-मास्ट लाइटों को निर्बाध रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए थे, ताकि कांवड़ियों और अन्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके बावजूद बिजली कनेक्शन जारी न होने से लाइटें चालू नहीं हो सकीं, जिससे प्रशासनिक निर्देशों का उद्देश्य भी अधूरा रह गया।
एनएचएआई के केवल दो आवेदन ही सही पाए गए हैं। बाकी के आवेदनों में स्ट्रीट लाइट श्रेणी के बजाय कमर्शियल में कनेक्शन देने के लिए आवेदन किया गया था। जो आवेदन सही है, उन्हें जल्द ही कनेक्शन दे दिया जाएगा। - पंकज, एक्सईएन, जोड़ियो डिवीजन