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Yamuna Nagar News: निगम में हर तीसरी शिकायत सीवरेज जाम की, समाधान की गति धीमी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 06 Mar 2026 01:54 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में लगातार जाम हो रही सीवरेज लाइनों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। नगर निगम को मिल रही शिकायतों में हर तीसरी शिकायत सीवरेज जाम की है, लेकिन समाधान की रफ्तार बेहद धीमी है।
हालात यह हैं कि शिकायत दर्ज कराने के कई दिन बाद भी लाइनों की सफाई नहीं हो पा रही। जगह-जगह ओवरफ्लो हो रही सीवरेज से सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है, जिससे बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कई कॉलोनियों में सीवरेज के ढक्कन टूटे पड़े हैं, जिससे हादसे का खतरा भी बना हुआ है।
सीवरेज सफाई की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के पास है, जबकि नगर निगम के पास सीधे तौर पर यह काम कराने का अधिकार नहीं है। निगम अधिकारियों का कहना है कि दूसरे विभाग से काम लेने में तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें आती हैं, जिससे समय पर सफाई नहीं हो पाती।
संसाधनों की कमी भी बड़ी वजह बन रही है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास सीवरेज सफाई के लिए केवल एक जेट मशीन है। पूरे शहर की लाइनों की सफाई के लिए यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। जब एक मशीन किसी क्षेत्र में व्यस्त होती है तो दूसरे इलाकों की शिकायतें लंबित पड़ी रहती हैं।
वार्ड दो के पार्षद अरुण कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में सीवरेज के ढक्कन टूटे होने से खतरा बना हुआ था। विभागीय अधिकारियों से कई बार आग्रह करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने अपने स्तर पर 43 हजार रुपये खर्च कर ढक्कन लगवाए। उनका आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सुनवाई नहीं करते और सफाई कार्य लगभग ठप है। वार्ड तीन के पार्षद जयंत स्वामी ने कहा कि उनके क्षेत्र में कई जगह सीवरेज लाइनें महीनों से जाम हैं। शिकायतों के बावजूद समय पर मशीन नहीं पहुंचती। गंदा पानी सड़कों पर भरने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। इसलिए इसमे तत्काल सुधार की जरूरत है। वहीं वार्ड 13 के पार्षद श्याम लाल का कहना है कि सीवरेज समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है।
उन्होंने मांग की कि अतिरिक्त जेट मशीनें उपलब्ध कराई जाएं और सफाई के लिए स्थायी शेड्यूल बनाया जाए, ताकि बार-बार जाम की स्थिति न बने। सदन की बैठकों में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठ चुका है। विभागीय समन्वय के अभाव में समस्या जस की तस है। शहरवासियों का कहना है कि टैक्स समय पर वसूला जाता है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है।
जाम सीवरेज लाइन का कराए जाएगा सर्वे : मेयर
मेयर सुमन बहमनी का कहना है कि शहर में सीवरेज जाम की समस्या बहुत ज्यादा गंभीर है। नगर निगम कार्यालय के अलावा पार्षदों के पास भी इसकी शिकायतें बहुत ज्यादा आ रही हैं। नई जेट मशीन खरीदने की बात चल रही हैं। वहीं नगर निगम सदन की बैठक में यह निर्णय भी लिया गया है कि शहर के सीवरेज का एक्सपर्ट एजेंसी से सर्वे कराया जाएगा ताकि इसके लेवल व बहाव का पता चल सके। इसके बाद इसका स्थायी समाधान किया जाएगा।
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यमुनानगर। शहर में लगातार जाम हो रही सीवरेज लाइनों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। नगर निगम को मिल रही शिकायतों में हर तीसरी शिकायत सीवरेज जाम की है, लेकिन समाधान की रफ्तार बेहद धीमी है।
हालात यह हैं कि शिकायत दर्ज कराने के कई दिन बाद भी लाइनों की सफाई नहीं हो पा रही। जगह-जगह ओवरफ्लो हो रही सीवरेज से सड़कों पर गंदा पानी बह रहा है, जिससे बदबू और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कई कॉलोनियों में सीवरेज के ढक्कन टूटे पड़े हैं, जिससे हादसे का खतरा भी बना हुआ है।
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सीवरेज सफाई की जिम्मेदारी जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के पास है, जबकि नगर निगम के पास सीधे तौर पर यह काम कराने का अधिकार नहीं है। निगम अधिकारियों का कहना है कि दूसरे विभाग से काम लेने में तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें आती हैं, जिससे समय पर सफाई नहीं हो पाती।
संसाधनों की कमी भी बड़ी वजह बन रही है। जनस्वास्थ्य विभाग के पास सीवरेज सफाई के लिए केवल एक जेट मशीन है। पूरे शहर की लाइनों की सफाई के लिए यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है। जब एक मशीन किसी क्षेत्र में व्यस्त होती है तो दूसरे इलाकों की शिकायतें लंबित पड़ी रहती हैं।
वार्ड दो के पार्षद अरुण कुमार ने बताया कि उनके क्षेत्र में सीवरेज के ढक्कन टूटे होने से खतरा बना हुआ था। विभागीय अधिकारियों से कई बार आग्रह करने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने अपने स्तर पर 43 हजार रुपये खर्च कर ढक्कन लगवाए। उनका आरोप है कि जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सुनवाई नहीं करते और सफाई कार्य लगभग ठप है। वार्ड तीन के पार्षद जयंत स्वामी ने कहा कि उनके क्षेत्र में कई जगह सीवरेज लाइनें महीनों से जाम हैं। शिकायतों के बावजूद समय पर मशीन नहीं पहुंचती। गंदा पानी सड़कों पर भरने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। इसलिए इसमे तत्काल सुधार की जरूरत है। वहीं वार्ड 13 के पार्षद श्याम लाल का कहना है कि सीवरेज समस्या अब गंभीर रूप ले चुकी है।
उन्होंने मांग की कि अतिरिक्त जेट मशीनें उपलब्ध कराई जाएं और सफाई के लिए स्थायी शेड्यूल बनाया जाए, ताकि बार-बार जाम की स्थिति न बने। सदन की बैठकों में भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठ चुका है। विभागीय समन्वय के अभाव में समस्या जस की तस है। शहरवासियों का कहना है कि टैक्स समय पर वसूला जाता है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के नाम पर उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है।
जाम सीवरेज लाइन का कराए जाएगा सर्वे : मेयर
मेयर सुमन बहमनी का कहना है कि शहर में सीवरेज जाम की समस्या बहुत ज्यादा गंभीर है। नगर निगम कार्यालय के अलावा पार्षदों के पास भी इसकी शिकायतें बहुत ज्यादा आ रही हैं। नई जेट मशीन खरीदने की बात चल रही हैं। वहीं नगर निगम सदन की बैठक में यह निर्णय भी लिया गया है कि शहर के सीवरेज का एक्सपर्ट एजेंसी से सर्वे कराया जाएगा ताकि इसके लेवल व बहाव का पता चल सके। इसके बाद इसका स्थायी समाधान किया जाएगा।