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Yamuna Nagar News: गिरफ्तारी के बचने के लिए मां-बेटा बदलते रहे स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:21 AM IST
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सुषमा शास्वत।
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के जगाधरी क्षेत्र में 33 वर्षीय युवक गुंजन की हत्या के बाद भागे मां-बेटे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। दोनों ने मोबाइल लोकेशन और संभावित दबिश से बचने के लिए लगातार शहर बदलते हुए अलग-अलग जगहों पर ठिकाने बदले, लेकिन आखिरकार पुलिस की टीम ने उनका सुराग लगाकर उन्हें पकड़ लिया।
दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। गुंजन की 50 वर्षीय लिव-इन पार्टनर सुषमा उर्फ रानी को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसके 25 वर्षीय बेटे आकाश को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान हत्या में इस्तेमाल चाकू और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी की जाएगी।
वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मां-बेटे ने उसी रात यमुनानगर से निकलने की योजना बनाई। दोनों ट्रेन से सबसे पहले पठानकोट पहुंचे। वहां कुछ समय तक रुककर हालात का जायजा लिया और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि पुलिस उनकी लोकेशन तक न पहुंच सके। पठानकोट में कुछ समय बिताने के बाद मां-बेटे ने अपना ठिकाना फिर बदल लिया।
पुलिस को गुमराह करने के लिए दोनों वहां से बठिंडा पहुंच गए। यहां भी वे ज्यादा समय तक नहीं रुके और लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहे। इसके बाद आरोपियों ने अगला ठिकाना आगरा चुना। दोनों ट्रेन के माध्यम से आगरा पहुंच गए और वहीं रुकने की कोशिश करने लगे। उनका मानना था कि लगातार शहर बदलने से पुलिस के लिए उनका पता लगाना मुश्किल हो जाएगा और वे गिरफ्तारी से बच जाएंगे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी आकाश का घर मथुरा में है। इसके बाद पुलिस टीम मथुरा पहुंची और वहां उसके घर पर पूछताछ की। इस दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर जांच की दिशा बदल गई। तकनीकी जांच और लगातार की जा रही छानबीन के बाद पुलिस को उनके मूवमेंट की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।
करीब 11 साल पहले गुंजन और सुषमा की मुलाकात मानेसर की एक फैक्ट्री में हुई थी। उस समय गुंजन की उम्र करीब 22 साल थी, जबकि सुषमा 39 वर्ष की थी। सुषमा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के जमुना विहार, बल रोड की रहने वाली है। बताया जा रहा है कि उस समय सुषमा का पति प्रेमपाल भी वहीं रहता था। इसके बावजूद सुषमा और गुंजन के बीच प्रेम संबंध बन गए।
जांच अधिकारी जसपाल सिंह ने बताया कि आकाश की पत्नी को भी यह नहीं पता था कि वे हत्या करके भागे हैं। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से सुषमा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि आकाश को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पति और बेटे को छोड़कर चली गई थी गुंजन के साथ
फैक्ट्री में काम शुरू करने के करीब एक साल के भीतर ही सुषमा ने अपने पति और 14 वर्षीय बेटे आकाश को छोड़कर गुंजन के साथ रहने का फैसला कर लिया। वह घर छोड़कर गुंजन के साथ रहने लगी। करीब चार साल पहले दोनों यमुनानगर के जगाधरी क्षेत्र में आकर किराए के मकान में रहने लगे। इस दौरान सुषमा का अपने पति और बेटे से संपर्क लगभग खत्म हो गया था। हालांकि करीब छह साल बाद उसका अपने बेटे आकाश से दोबारा संपर्क हो गया। इसके बाद आकाश अपनी मां के पास आने-जाने लगा, लेकिन आकाश की गुंजन से बिल्कुल नहीं बनती थी और दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे।
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यमुनानगर। शहर के जगाधरी क्षेत्र में 33 वर्षीय युवक गुंजन की हत्या के बाद भागे मां-बेटे ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की। दोनों ने मोबाइल लोकेशन और संभावित दबिश से बचने के लिए लगातार शहर बदलते हुए अलग-अलग जगहों पर ठिकाने बदले, लेकिन आखिरकार पुलिस की टीम ने उनका सुराग लगाकर उन्हें पकड़ लिया।
दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। गुंजन की 50 वर्षीय लिव-इन पार्टनर सुषमा उर्फ रानी को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि उसके 25 वर्षीय बेटे आकाश को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान हत्या में इस्तेमाल चाकू और अन्य साक्ष्यों की बरामदगी की जाएगी।
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वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मां-बेटे ने उसी रात यमुनानगर से निकलने की योजना बनाई। दोनों ट्रेन से सबसे पहले पठानकोट पहुंचे। वहां कुछ समय तक रुककर हालात का जायजा लिया और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की कि पुलिस उनकी लोकेशन तक न पहुंच सके। पठानकोट में कुछ समय बिताने के बाद मां-बेटे ने अपना ठिकाना फिर बदल लिया।
पुलिस को गुमराह करने के लिए दोनों वहां से बठिंडा पहुंच गए। यहां भी वे ज्यादा समय तक नहीं रुके और लगातार अपनी लोकेशन बदलते रहे। इसके बाद आरोपियों ने अगला ठिकाना आगरा चुना। दोनों ट्रेन के माध्यम से आगरा पहुंच गए और वहीं रुकने की कोशिश करने लगे। उनका मानना था कि लगातार शहर बदलने से पुलिस के लिए उनका पता लगाना मुश्किल हो जाएगा और वे गिरफ्तारी से बच जाएंगे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी आकाश का घर मथुरा में है। इसके बाद पुलिस टीम मथुरा पहुंची और वहां उसके घर पर पूछताछ की। इस दौरान पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर जांच की दिशा बदल गई। तकनीकी जांच और लगातार की जा रही छानबीन के बाद पुलिस को उनके मूवमेंट की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।
करीब 11 साल पहले गुंजन और सुषमा की मुलाकात मानेसर की एक फैक्ट्री में हुई थी। उस समय गुंजन की उम्र करीब 22 साल थी, जबकि सुषमा 39 वर्ष की थी। सुषमा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के जमुना विहार, बल रोड की रहने वाली है। बताया जा रहा है कि उस समय सुषमा का पति प्रेमपाल भी वहीं रहता था। इसके बावजूद सुषमा और गुंजन के बीच प्रेम संबंध बन गए।
जांच अधिकारी जसपाल सिंह ने बताया कि आकाश की पत्नी को भी यह नहीं पता था कि वे हत्या करके भागे हैं। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से सुषमा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि आकाश को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पति और बेटे को छोड़कर चली गई थी गुंजन के साथ
फैक्ट्री में काम शुरू करने के करीब एक साल के भीतर ही सुषमा ने अपने पति और 14 वर्षीय बेटे आकाश को छोड़कर गुंजन के साथ रहने का फैसला कर लिया। वह घर छोड़कर गुंजन के साथ रहने लगी। करीब चार साल पहले दोनों यमुनानगर के जगाधरी क्षेत्र में आकर किराए के मकान में रहने लगे। इस दौरान सुषमा का अपने पति और बेटे से संपर्क लगभग खत्म हो गया था। हालांकि करीब छह साल बाद उसका अपने बेटे आकाश से दोबारा संपर्क हो गया। इसके बाद आकाश अपनी मां के पास आने-जाने लगा, लेकिन आकाश की गुंजन से बिल्कुल नहीं बनती थी और दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे।

सुषमा शास्वत।

सुषमा शास्वत।