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Yamuna Nagar News: शिवभक्तों की राह में अव्यवस्था के रोड़े ही रोड़े
Fri, 31 Jul 2026 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:19 AM IST
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सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर शादीपुर मोड़ के पास सड़क पर पड़े गड्ढ़े। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। सावन की कांवड़ यात्रा वीरवार से शुरू हो गई है, लेकिन कांवड़ियों की यात्रा इस बार आसान नहीं होने वाली है। चूंकि कांवड़ियों के रास्ते में प्रशासनिक अव्यवस्था और लापरवाही के गड्ढ़े व कांटे पड़े हुए हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर है।
हालांकि प्रशासन कांवड़ियों रास्ते दुरुस्त करने, उचित लाइट व्यवस्था और अतिक्रमण हटाने का दावा कर रहा है परंतु जमीनी हालात इन दावों की पोल खोल रहे हैं। उत्तर प्रदेश से जिले में प्रवेश करते ही स्टेट हाईवे पथरीले रास्ते और गड्ढों में बदल जाता है। कलानौर से चीनी मिल तक पथरीले संकीर्ण रास्ते कांवड़ियों के परेशानी बनने वाले हैं।
इसके साथ शादीपुर मोड़ से चीनी मिल तक हाईवे के दोनों ओर वाहनों व दुकानदारों का अतिक्रमण कांवड़ियों की यात्रा और भी मुश्किल करने वाला है। प्रशासन ने यात्रा से पहले यहां पर व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा किया था। इसे लेकर टीम ने पड़ताल की तो पाया कि इस रूट पर कोई भी काम नहीं हुआ है। यही मार्ग कांवड़ यात्रा का प्रमुख रूट है। 30 जुलाई से हजारों कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लेकर इसी रास्ते से जिले में प्रवेश करेंगे। इस रूट से हरियाणा के कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, पंजाब व हिमाचल प्रदेश के लिए हजारों कांवड़िये निकलते हैं। परंतु यहां से निकलने कांवड़ियों की सुरक्षा व सुविधा को लेकर कोई बंदोबस्त नहीं किया गया है।
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ब्लैक स्पॉट पर नहीं हटा मौत का खतरा
सबसे बड़ी चिंता यह है कि चीनी मिल से जमना गली अंडरपास तक का हिस्सा प्रशासन की ब्लैक स्पॉट सूची में शामिल है। पिछले चार वर्षों में यहां 25 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 13 लोगों की जान गई है। हादसों का यह रिकॉर्ड बताता है कि यह मार्ग पहले से ही संवेदनशील है। इसके बावजूद सड़क किनारे ट्रकों की पार्किंग और मरम्मत का काम धड़ल्ले से जारी है।
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कांवड़ियों के लिए बढ़ेगी चुनौती
कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन आमतौर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करता है लेकिन जिस मार्ग पर पहले से ही सड़क का बड़ा हिस्सा ट्रकों के कब्जे में हो, वहां ट्रैफिक व्यवस्था संभालना आसान नहीं होगा। श्रद्धालुओं को भारी वाहनों के बीच से गुजरना पड़ेगा। जाम लगने पर एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
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स्टेट हाईवे पर पेचिंग की गई थी परंतु बारिश के कारण सड़क दोबारा खराब हो गई है। लगातार बारिश होने से काम करने में दिक्कत हो रही है। परंतु इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। यात्रा के दौरान सड़क ठीक कर दी जाएगी। -पुनीत मित्तल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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जगाधरी। सावन की कांवड़ यात्रा वीरवार से शुरू हो गई है, लेकिन कांवड़ियों की यात्रा इस बार आसान नहीं होने वाली है। चूंकि कांवड़ियों के रास्ते में प्रशासनिक अव्यवस्था और लापरवाही के गड्ढ़े व कांटे पड़े हुए हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर है।
हालांकि प्रशासन कांवड़ियों रास्ते दुरुस्त करने, उचित लाइट व्यवस्था और अतिक्रमण हटाने का दावा कर रहा है परंतु जमीनी हालात इन दावों की पोल खोल रहे हैं। उत्तर प्रदेश से जिले में प्रवेश करते ही स्टेट हाईवे पथरीले रास्ते और गड्ढों में बदल जाता है। कलानौर से चीनी मिल तक पथरीले संकीर्ण रास्ते कांवड़ियों के परेशानी बनने वाले हैं।
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इसके साथ शादीपुर मोड़ से चीनी मिल तक हाईवे के दोनों ओर वाहनों व दुकानदारों का अतिक्रमण कांवड़ियों की यात्रा और भी मुश्किल करने वाला है। प्रशासन ने यात्रा से पहले यहां पर व्यवस्था दुरुस्त करने का दावा किया था। इसे लेकर टीम ने पड़ताल की तो पाया कि इस रूट पर कोई भी काम नहीं हुआ है। यही मार्ग कांवड़ यात्रा का प्रमुख रूट है। 30 जुलाई से हजारों कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल लेकर इसी रास्ते से जिले में प्रवेश करेंगे। इस रूट से हरियाणा के कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, पंजाब व हिमाचल प्रदेश के लिए हजारों कांवड़िये निकलते हैं। परंतु यहां से निकलने कांवड़ियों की सुरक्षा व सुविधा को लेकर कोई बंदोबस्त नहीं किया गया है।
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ब्लैक स्पॉट पर नहीं हटा मौत का खतरा
सबसे बड़ी चिंता यह है कि चीनी मिल से जमना गली अंडरपास तक का हिस्सा प्रशासन की ब्लैक स्पॉट सूची में शामिल है। पिछले चार वर्षों में यहां 25 सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 13 लोगों की जान गई है। हादसों का यह रिकॉर्ड बताता है कि यह मार्ग पहले से ही संवेदनशील है। इसके बावजूद सड़क किनारे ट्रकों की पार्किंग और मरम्मत का काम धड़ल्ले से जारी है।
कांवड़ियों के लिए बढ़ेगी चुनौती
कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन आमतौर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू करता है लेकिन जिस मार्ग पर पहले से ही सड़क का बड़ा हिस्सा ट्रकों के कब्जे में हो, वहां ट्रैफिक व्यवस्था संभालना आसान नहीं होगा। श्रद्धालुओं को भारी वाहनों के बीच से गुजरना पड़ेगा। जाम लगने पर एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
स्टेट हाईवे पर पेचिंग की गई थी परंतु बारिश के कारण सड़क दोबारा खराब हो गई है। लगातार बारिश होने से काम करने में दिक्कत हो रही है। परंतु इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। यात्रा के दौरान सड़क ठीक कर दी जाएगी। -पुनीत मित्तल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी

सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर शादीपुर मोड़ के पास सड़क पर पड़े गड्ढ़े। संवाद

सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाईवे पर शादीपुर मोड़ के पास सड़क पर पड़े गड्ढ़े। संवाद