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Yamuna Nagar News: रसायनमुक्त खेती कर रहे विजय को राष्ट्रपति ने भेजा बुलावा
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 22 Jan 2026 01:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रसायनमुक्त खेती को जीवन का लक्ष्य बनाकर समाज को स्वस्थ भोजन देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करने वाले गांव जैधर के प्रगतिशील किसान विजय कुमार और उनकी पत्नी निरूपा को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय मंच से सम्मान मिला है।
प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान के चलते उन्हें नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु की ओर से गणतंत्र दिवस की संध्या पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले एट होम कार्यक्रम में शामिल होने का भी विशेष निमंत्रण मिला है। विजय कुमार करीब आठ साल से प्राकृतिक खेती के माध्यम से न केवल जहरमुक्त खाद्य उत्पाद तैयार कर रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत भी बने हुए हैं। इससे पहले उन्हें प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट कार्य के लिए गुरुकुल कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जा चुका है।
इस उपलब्धि पर उन्होंने राज्यपाल आचार्य देवव्रत और पद्मश्री डॉ. हरिओम का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। विजय कुमार ने बताया कि उन्होंने हल्दी और गेहूं की मिश्रित खेती से प्राकृतिक खेती की शुरुआत की थी। आज वे करीब 16 एकड़ भूमि में विभिन्न फसलों की खेती कर रहे हैं। वे जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और बीजामृत जैसे जैविक घोल स्वयं अपने खेतों में तैयार करते हैं, जिनके लिए किसी महंगे रसायन की आवश्यकता नहीं होती। यह सभी घोल घरेलू व प्राकृतिक संसाधनों से आसानी से तैयार हो जाते हैं।
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यमुनानगर। रसायनमुक्त खेती को जीवन का लक्ष्य बनाकर समाज को स्वस्थ भोजन देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करने वाले गांव जैधर के प्रगतिशील किसान विजय कुमार और उनकी पत्नी निरूपा को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय मंच से सम्मान मिला है।
प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान के चलते उन्हें नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु की ओर से गणतंत्र दिवस की संध्या पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले एट होम कार्यक्रम में शामिल होने का भी विशेष निमंत्रण मिला है। विजय कुमार करीब आठ साल से प्राकृतिक खेती के माध्यम से न केवल जहरमुक्त खाद्य उत्पाद तैयार कर रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत भी बने हुए हैं। इससे पहले उन्हें प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट कार्य के लिए गुरुकुल कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जा चुका है।
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इस उपलब्धि पर उन्होंने राज्यपाल आचार्य देवव्रत और पद्मश्री डॉ. हरिओम का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है। विजय कुमार ने बताया कि उन्होंने हल्दी और गेहूं की मिश्रित खेती से प्राकृतिक खेती की शुरुआत की थी। आज वे करीब 16 एकड़ भूमि में विभिन्न फसलों की खेती कर रहे हैं। वे जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र और बीजामृत जैसे जैविक घोल स्वयं अपने खेतों में तैयार करते हैं, जिनके लिए किसी महंगे रसायन की आवश्यकता नहीं होती। यह सभी घोल घरेलू व प्राकृतिक संसाधनों से आसानी से तैयार हो जाते हैं।