Haryana: खाटूश्याम दर्शन के बाद अपनी मां को उतारा मौत के घाट, कुल्हाड़ी से सिर पर किया वार; फिर दी मुखाग्नि
गोमित 18 दिसंबर को भारत पहुंच गया था और उसने सबसे पहले अपने दोस्त के साथ खाटूश्याम के दर्शन किए जिसके बाद करनाल के एक पीजी में रहकर उसने अपनी मां की हत्या की साजिश रची।
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शामपुर गांव में मां की हत्या के मामले में आरोपी बेटे गोमित राठी ने जिस कुल्हाड़ी से अपनी मां बलजिंद्र कौर को मौत के घाट उतारा था, वह पुलिस ने बरामद कर ली है। मां की हत्या के मामले में आरोपी गोमित राठी की साजिश किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं निकली।
18 दिंसबर को गोमित पहुंचा था भारत
पुलिस की जांच में सामने आया है कि गोमित ने 18 दिसंबर को ही भारत आने का पूरा प्लान तैयार कर लिया था। इसमें उसने अपने खास दोस्त पंकज पूनिया को शामिल किया, जिसने न सिर्फ गोमित को छिपाने बल्कि उसके ठहरने और आने-जाने की पूरी व्यवस्था संभाली। 18 दिसंबर को गोमित के भारत पहुंचने पर पंकज उसे दिल्ली एयरपोर्ट से रिसीव करने पहुंचा। इसके बाद दोनों सीधे राजस्थान के खाटूश्यामजी दर्शन करने चले गए। वहां पर दर्शन के बाद गोमित करनाल के एक पीजी में पहुंचा।
करनाल में बनाई हत्या की साजिश
यहीं बैठकर गोमित ने अपनी मां बलजिंद्र कौर की हत्या की पूरी योजना बनाई। गोमित को अपनी मां की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी। उसे पता था कि बलजिंद्र कौर रोजाना देर शाम पशुओं को चारा डालने के लिए पशु बाड़े में जाती है। इसी जानकारी का फायदा उठाकर 24 दिसंबर को वह शामपुर गांव पहुंचा। गांव पहुंचते ही वह अपने पशु बाड़े में छिप गया और सभी लाइटें बंद कर दीं। रात करीब नौ बजे जैसे ही बलजिंद्र कौर वहां आई, गोमित ने उस पर हमला कर दिया। पहले सिर पर वार किया और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को पानी की हौद में फेंककर वह उसी रात करनाल पीजी में लौट गया।
हत्यारे बेटे ने दी थी मां को मुखाग्नि
हत्या के बाद गोमित करनाल में बैठकर परिजनों के फोन का इंतजार करता रहा। पशु बाड़े में हौद के अंदर बलजिंद्र कौर का शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। 25 दिसंबर की सुबह परिजनों ने गोमित को फोन कर मां की हत्या की सूचना दी। इस पर उसने खुद को विदेश में बताते हुए कहा कि वह फ्लाइट पकड़कर इंडिया आ रहा है।
बताया जा रहा है कि गोमित पहले से ही करनाल से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच चुका था। 26 दिसंबर को कुछ रिश्तेदार उसे लेने एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उसने मां की मौत पर रोने का दिखावा किया। गांव शामपुर पहुंचने के बाद उसने पूरे रीति-रिवाज से मां का अंतिम संस्कार कराया और खुद ही मुखाग्नि दी।