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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   70 schemes worth 166 crore to be implemented in villages bordering China; infrastructure to be strengthened

हिमाचल: चीन सीमा से लगते गांवों में 166 करोड़ से बनेंगी 70 स्कीमें, मजबूत होगा आधारभूत ढांचा, रुकेगा पलायन

Tue, 11 Aug 2026 06:00 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 11 Aug 2026 06:00 AM IST
सार

राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव केके पंत की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इन योजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह आरडी नजीम और जनजातीय विकास विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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70 schemes worth 166 crore to be implemented in villages bordering China; infrastructure to be strengthened
चीन सीमा से सटा काैरिक गांव। - फोटो : संवाद

विस्तार

चीन अधिकृत तिब्बत सीमा से लगते हिमाचल के गांवों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने के लिए सरकार ने 70 विकास योजनाओं को प्रारंभिक मंजूरी दी है। इन पर करीब 166 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह योजनाएं किन्नौर और लाहौल-स्पीति के सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए हैं। प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के बाद केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और इनके लिए वित्तीय मंजूरी मांगी जाएगी। सोमवार को राज्य सचिवालय में मुख्य सचिव केके पंत की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में इन योजनाओं पर चर्चा हुई। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह आरडी नजीम और जनजातीय विकास विभाग समेत संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में योजनाओं की प्राथमिकता, लागत और केंद्र को भेजे जाने वाले प्रस्तावों पर विचार किया गया।

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केंद्र सरकार भी हिमाचल से सीमावर्ती क्षेत्रों में अब तक किए गए विकास कार्यों और आगे प्रस्तावित योजनाओं की जानकारी लगातार मांग रही है। इसी क्रम में राज्य स्तर पर सीमावर्ती गांवों की जरूरतों के आधार पर नए प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। अब इन 70 योजनाओं को अंतिम रूप देकर केंद्र को भेजा जाएगा जिससे इनके लिए करीब 166 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता हासिल की जा सके। इन विकास कार्यों का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, संचार और दूसरी जरूरी सुविधाओं को बेहतर करना है। सरकार का जोर स्थानीय लोगों को गांवों में ही सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है, जिससे रोजमर्रा की जरूरतों और आजीविका के लिए उन्हें दूसरे क्षेत्रों की ओर पलायन न करना पड़े। सीमावर्ती इलाकों में आबादी का बने रहना रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

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चीन के साथ करीब 240 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है हिमाचल
हिमाचल प्रदेश चीन के साथ करीब 240 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। इसमें किन्नौर में करीब 160 किलोमीटर और लाहौल-स्पीति में करीब 80 किलोमीटर सीमा शामिल है। सीमावर्ती गांवों का विकास केंद्र सरकार के वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से भी जुड़ा है। इस कार्यक्रम के तहत हिमाचल में 75 गांवों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित किया गया है और 98 परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। राज्य की 70 नई योजनाएं भी सीमावर्ती क्षेत्रों में विकास और सुविधाओं के विस्तार की इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण कई सीमावर्ती क्षेत्रों में लंबे समय तक संपर्क प्रभावित रहता है। ऐसे में सड़क और संचार नेटवर्क को मजबूत करना स्थानीय लोगों के साथ प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की पहुंच के लिए भी अहम है। अब विभाग 70 योजनाओं को अंतिम रूप देकर केंद्र को भेजेंगे। केंद्र की मंजूरी के बाद इन योजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
 
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