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Bilaspur News: शहर के बीच नाले में कूड़े का ढेर, चंपा पार्क के पास गंदगी
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बिलासपुर शहर स्थित नाले में लगे कूड़े के ढेर। संवाद
गोबिंद सागर झील दूषित पानी मिलने से पर्यावरण को खतरा
प्लास्टिक की थैलियों, रैपर और अन्य कचरे से बढ़ रही गंदगी व दुर्गंध, शहर की सुंदरता को लग रहा ग्रहण
सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और चालान करने से लग सकती है लापरवाही पर लगाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के बीचोबीच नाले में जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा है। प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा होने से गंदगी और दुर्गंध की समस्या बढ़ रही है। चंपा पार्क के पास से गुजरने वाले नाले की हालत भी खराब है। शहर के प्रमुख हिस्से से गुजर रहे इस नाले में कूड़ा जमा होने से स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और शहर की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है।
नाले में प्लास्टिक की थैलियां, रैपर और कचरा फंसा है। चंपा पार्क जैसे सार्वजनिक स्थल के पास गंदगी होने से यहां आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। नगर परिषद की ओर से समय-समय पर नाले की सफाई करवाई जाती है, लेकिन कुछ लोग फिर से इसमें कूड़ा फेंक देते हैं। इससे सफाई के कुछ समय बाद ही नाला दोबारा गंदगी से भरने लगता है। ऐसे में कर्मचारियों की मेहनत और सफाई पर होने वाले खर्च के बावजूद समस्या बनी हुई है।
नाले में कूड़ा फेंकने पर रोक लगाने के लिए नियमित सफाई के साथ निगरानी और कार्रवाई भी जरूरी है। जब तक कचरा डालने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल है। नाले में जमा कूड़ा केवल गंदगी और दुर्गंध का कारण नहीं है, बल्कि इससे जल प्रदूषण का खतरा भी बढ़ रहा है। नाले का पानी आगे जाकर गोबिंद सागर झील में मिलता है। ऐसे में प्लास्टिक और अन्य कचरा झील के पर्यावरण को प्रभावित कर सकता है।
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स्थानीय स्तर पर पहले भी नाले में कूड़ा फेंकने वालों के चालान किए जा चुके हैं। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ाकर कचरा डालने वालों की पहचान की जा सकती है। इससे नाले में कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
नगर परिषद अध्यक्ष जमुना देवी ने बताया कि नाले की समय-समय पर सफाई करवाई जाती है, लेकिन कुछ लोग खुले में कूड़ा फेंक देते हैं। उन्होंने लोगों से खुले में कूड़ा न फेंकने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, वहां की फुटेज देखकर कूड़ा फेंकने वालों की पहचान की जाएगी और उनके चालान किए जाएंगे।
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प्लास्टिक की थैलियों, रैपर और अन्य कचरे से बढ़ रही गंदगी व दुर्गंध, शहर की सुंदरता को लग रहा ग्रहण
सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और चालान करने से लग सकती है लापरवाही पर लगाम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के बीचोबीच नाले में जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा है। प्लास्टिक और अन्य कचरा जमा होने से गंदगी और दुर्गंध की समस्या बढ़ रही है। चंपा पार्क के पास से गुजरने वाले नाले की हालत भी खराब है। शहर के प्रमुख हिस्से से गुजर रहे इस नाले में कूड़ा जमा होने से स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और शहर की सुंदरता भी प्रभावित हो रही है।
नाले में प्लास्टिक की थैलियां, रैपर और कचरा फंसा है। चंपा पार्क जैसे सार्वजनिक स्थल के पास गंदगी होने से यहां आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। नगर परिषद की ओर से समय-समय पर नाले की सफाई करवाई जाती है, लेकिन कुछ लोग फिर से इसमें कूड़ा फेंक देते हैं। इससे सफाई के कुछ समय बाद ही नाला दोबारा गंदगी से भरने लगता है। ऐसे में कर्मचारियों की मेहनत और सफाई पर होने वाले खर्च के बावजूद समस्या बनी हुई है।
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नाले में कूड़ा फेंकने पर रोक लगाने के लिए नियमित सफाई के साथ निगरानी और कार्रवाई भी जरूरी है। जब तक कचरा डालने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल है। नाले में जमा कूड़ा केवल गंदगी और दुर्गंध का कारण नहीं है, बल्कि इससे जल प्रदूषण का खतरा भी बढ़ रहा है। नाले का पानी आगे जाकर गोबिंद सागर झील में मिलता है। ऐसे में प्लास्टिक और अन्य कचरा झील के पर्यावरण को प्रभावित कर सकता है।
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स्थानीय स्तर पर पहले भी नाले में कूड़ा फेंकने वालों के चालान किए जा चुके हैं। संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ाकर कचरा डालने वालों की पहचान की जा सकती है। इससे नाले में कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
नगर परिषद अध्यक्ष जमुना देवी ने बताया कि नाले की समय-समय पर सफाई करवाई जाती है, लेकिन कुछ लोग खुले में कूड़ा फेंक देते हैं। उन्होंने लोगों से खुले में कूड़ा न फेंकने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, वहां की फुटेज देखकर कूड़ा फेंकने वालों की पहचान की जाएगी और उनके चालान किए जाएंगे।