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Bilaspur News: 27.60 ग्राम चिट्टा बरामदगी मामले में आरोपी को जमानत
Thu, 15 Oct 2026 12:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 15 Oct 2026 12:56 AM IST
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स्वारघाट में एचआरटीसी बस में पकड़ा गया था आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्वारघाट थाना क्षेत्र में 27.60 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश-द्वितीय नविश भारद्वाज की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती सहित अन्य शर्तों पर रिहाई के आदेश दिए।
पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को गरा में आरटीओ कार्यालय के पास चौधरी ढाबे के नजदीक नाकाबंदी के दौरान कीरतपुर की ओर से आ रही एचआरटीसी बस को जांच के लिए रोका गया। बस में तीन लोग संदिग्ध परिस्थितियों में बैठे मिले। इनमें से एक के काले-नारंगी बैग की तलाशी लेने पर दो पैकेटों में 27.60 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इस मामले में 27 जुलाई को स्वारघाट थाने में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 व 29 और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। जांच पूरी हो चुकी है और कोई बरामदगी शेष नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ एक अन्य एनडीपीएस मामला भी लंबित है। अभियोजन ने उसके दोबारा अपराध करने और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताई।
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अदालत ने कहा कि बरामदगी की मात्रा पांच ग्राम की छोटी मात्रा से अधिक, लेकिन 250 ग्राम की व्यावसायिक मात्रा से कम है। आरोपी पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 19, 24 या 27-ए के तहत आरोप नहीं होने के कारण धारा 37 की जमानत संबंधी कठोर शर्तें लागू नहीं होतीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि दूसरे मामले का लंबित होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
अदालत के अनुसार, बरामद पदार्थ जब्त हो चुका है और फोरेंसिक रिपोर्ट भी मिल गई है। आरोपी पुलिस और न्यायिक हिरासत में रह चुका है। जमानत की शर्तों के तहत उसे देश छोड़ने, दोबारा अपराध करने और गवाहों को प्रभावित करने से रोका गया है। शर्तों का उल्लंघन होने पर राज्य जमानत रद्द करने की मांग कर सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। स्वारघाट थाना क्षेत्र में 27.60 ग्राम चिट्टा बरामदगी के मामले में विशेष न्यायाधीश-द्वितीय नविश भारद्वाज की अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी है। अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के एक जमानती सहित अन्य शर्तों पर रिहाई के आदेश दिए।
पुलिस के अनुसार, 26 जुलाई 2026 को गरा में आरटीओ कार्यालय के पास चौधरी ढाबे के नजदीक नाकाबंदी के दौरान कीरतपुर की ओर से आ रही एचआरटीसी बस को जांच के लिए रोका गया। बस में तीन लोग संदिग्ध परिस्थितियों में बैठे मिले। इनमें से एक के काले-नारंगी बैग की तलाशी लेने पर दो पैकेटों में 27.60 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इस मामले में 27 जुलाई को स्वारघाट थाने में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 व 29 और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
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बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। जांच पूरी हो चुकी है और कोई बरामदगी शेष नहीं है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए बताया कि आरोपी के खिलाफ एक अन्य एनडीपीएस मामला भी लंबित है। अभियोजन ने उसके दोबारा अपराध करने और गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताई।
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अदालत ने कहा कि बरामदगी की मात्रा पांच ग्राम की छोटी मात्रा से अधिक, लेकिन 250 ग्राम की व्यावसायिक मात्रा से कम है। आरोपी पर एनडीपीएस अधिनियम की धारा 19, 24 या 27-ए के तहत आरोप नहीं होने के कारण धारा 37 की जमानत संबंधी कठोर शर्तें लागू नहीं होतीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि दूसरे मामले का लंबित होना अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है।
अदालत के अनुसार, बरामद पदार्थ जब्त हो चुका है और फोरेंसिक रिपोर्ट भी मिल गई है। आरोपी पुलिस और न्यायिक हिरासत में रह चुका है। जमानत की शर्तों के तहत उसे देश छोड़ने, दोबारा अपराध करने और गवाहों को प्रभावित करने से रोका गया है। शर्तों का उल्लंघन होने पर राज्य जमानत रद्द करने की मांग कर सकता है।