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Bilaspur News: चिट्टा मामले में आरोपी को मिली राहत, विशेष अदालत ने मंजूर की जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 16 Mar 2026 11:34 PM IST
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अदालत से
युवा है आरोपी, जेल में आदतन अपराधियों के बीच रखने से सुधार की गुंजाइश होगी कम
विशेष न्यायाधीश-II बिलासपुर की अदालत ने चिट्टा तस्करी के मामले में जमानत याचिका की स्वीकार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश-II बिलासपुर की अदालत ने चिट्टा तस्करी के मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे एक युवक की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। अदालत ने आरोपी हरीश, निवासी स्वाहण तहसील श्री नयना देवी जी, को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, 13 दिसंबर 2025 की रात करीब पौने 12 बजे स्वारघाट पुलिस की टीम करमाला बस स्टैंड के पास गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस ने दो युवकों को संदिग्ध अवस्था में देखा। पुलिस वाहन को देखते ही आरोपी ने अपनी जेब से एक पारदर्शी पैकेट सड़क पर फेंक दिया। तलाशी लेने पर पैकेट से 30 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए दोनों के खिलाफ थाना स्वारघाट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। वहीं, सरकारी वकील ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ पहले भी दो मामले लंबित हैं और वह युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी मात्र 32 वर्ष का युवक है। यदि उसे लंबे समय तक जेल में रखा गया, तो उसके सुधरने की संभावना क्षीण हो जाएगी क्योंकि वहां वह शातिर अपराधियों के संपर्क में आ सकता है। केवल पिछले मामलों के आधार पर किसी को जमानत के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने जमानत मंजूर करते हुए कुछ कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। आरोपी बिना अदालत की अनुमति के देश नहीं छोड़ेगा। वह भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होगा। गवाहों को डराने या प्रभावित करने की कोशिश करने पर जमानत रद्द की जा सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ये टिप्पणियां केवल जमानत के निपटारे के लिए हैं और मुख्य ट्रायल पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। विशेष न्यायाधीश-II बिलासपुर की अदालत ने चिट्टा तस्करी के मामले में न्यायिक हिरासत में चल रहे एक युवक की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। अदालत ने आरोपी हरीश, निवासी स्वाहण तहसील श्री नयना देवी जी, को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत पर रिहा करने के आदेश जारी किए हैं।
जानकारी के अनुसार, 13 दिसंबर 2025 की रात करीब पौने 12 बजे स्वारघाट पुलिस की टीम करमाला बस स्टैंड के पास गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस ने दो युवकों को संदिग्ध अवस्था में देखा। पुलिस वाहन को देखते ही आरोपी ने अपनी जेब से एक पारदर्शी पैकेट सड़क पर फेंक दिया। तलाशी लेने पर पैकेट से 30 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए दोनों के खिलाफ थाना स्वारघाट में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। वहीं, सरकारी वकील ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ पहले भी दो मामले लंबित हैं और वह युवाओं को नशे की ओर धकेल रहा है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी मात्र 32 वर्ष का युवक है। यदि उसे लंबे समय तक जेल में रखा गया, तो उसके सुधरने की संभावना क्षीण हो जाएगी क्योंकि वहां वह शातिर अपराधियों के संपर्क में आ सकता है। केवल पिछले मामलों के आधार पर किसी को जमानत के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने जमानत मंजूर करते हुए कुछ कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। आरोपी बिना अदालत की अनुमति के देश नहीं छोड़ेगा। वह भविष्य में किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होगा। गवाहों को डराने या प्रभावित करने की कोशिश करने पर जमानत रद्द की जा सकती है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ये टिप्पणियां केवल जमानत के निपटारे के लिए हैं और मुख्य ट्रायल पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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