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Bilaspur News: आयुर्वेदिक अस्पताल बस्सी बदहाली का शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 11 Jan 2026 11:46 PM IST
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बस्सी में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल। संवाद
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दो माह से खाली चल रहे दो चिकित्सकों के पद
बिना डॉक्टरों के कागजों तक ही सीमित रह गई सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। विधानसभा क्षेत्र श्री नयना देवी जी की पंचायत बस्सी में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल बदहाली का शिकार हो गया है। अस्पताल में पिछले करीब दो महीनों से दो चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में यह अस्पताल केवल एक फार्मासिस्ट और एक स्टाफ नर्स के सहारे चल रहा है, जबकि चिकित्सकों की अनुपस्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों के लिए दस बिस्तरों की सुविधा मौजूद है, लेकिन बिना डॉक्टरों के यह व्यवस्था केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है। जानकारी के अनुसार, यहां पहले तैनात चिकित्सकों को प्रतिनियुक्ति पर अन्य स्थानों पर भेज दिया गया, जिसके बाद से यह अस्पताल लगभग राम भरोसे छोड़ दिया गया है। विडंबना यह भी है कि आयुर्वेदिक अस्पताल किराये के कमरों में संचालित हो रहा है और इसके तहत आने वाली करीब दो हजार से अधिक आबादी को समुचित स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि मजबूरन मरीजों को इलाज के लिए पंजाब का रुख करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह आयुर्वेदिक अस्पताल स्थानीय विधायक की पंचायत में ही स्थित है, इसके बावजूद यहां लंबे समय से चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने सरकार और विभाग से पुरजोर मांग की है कि जल्द से जल्द आयुर्वेदिक अस्पताल में स्थायी चिकित्सकों के रिक्त पद भरे जाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
आयुर्वेदिक अस्पताल बस्सी की खबर में पक्ष
आयुष अधिकारी सुखविंदर कौर ने कहा कि बस्सी डिस्पेंसरी में दो डॉक्टर नियुक्त किए गए हैं, लेकिन सरकार के आदेश अनुसार दोनों ही डॉक्टर डेपुटेशन पर नालागढ़ में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस बाबत उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया है कि बस्सी डिस्पेंसरी में डॉक्टर न होने के कारण वहां के लोग परेशानी झेल रहे हैं।
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बिना डॉक्टरों के कागजों तक ही सीमित रह गई सुविधाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयना देवी जी (बिलासपुर)। विधानसभा क्षेत्र श्री नयना देवी जी की पंचायत बस्सी में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल बदहाली का शिकार हो गया है। अस्पताल में पिछले करीब दो महीनों से दो चिकित्सकों के पद खाली पड़े हैं, जिससे मरीजों को इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में यह अस्पताल केवल एक फार्मासिस्ट और एक स्टाफ नर्स के सहारे चल रहा है, जबकि चिकित्सकों की अनुपस्थिति में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों के लिए दस बिस्तरों की सुविधा मौजूद है, लेकिन बिना डॉक्टरों के यह व्यवस्था केवल कागजों तक ही सीमित रह गई है। जानकारी के अनुसार, यहां पहले तैनात चिकित्सकों को प्रतिनियुक्ति पर अन्य स्थानों पर भेज दिया गया, जिसके बाद से यह अस्पताल लगभग राम भरोसे छोड़ दिया गया है। विडंबना यह भी है कि आयुर्वेदिक अस्पताल किराये के कमरों में संचालित हो रहा है और इसके तहत आने वाली करीब दो हजार से अधिक आबादी को समुचित स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि मजबूरन मरीजों को इलाज के लिए पंजाब का रुख करना पड़ रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह आयुर्वेदिक अस्पताल स्थानीय विधायक की पंचायत में ही स्थित है, इसके बावजूद यहां लंबे समय से चिकित्सकों की तैनाती नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने सरकार और विभाग से पुरजोर मांग की है कि जल्द से जल्द आयुर्वेदिक अस्पताल में स्थायी चिकित्सकों के रिक्त पद भरे जाएं, ताकि क्षेत्रवासियों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
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आयुर्वेदिक अस्पताल बस्सी की खबर में पक्ष
आयुष अधिकारी सुखविंदर कौर ने कहा कि बस्सी डिस्पेंसरी में दो डॉक्टर नियुक्त किए गए हैं, लेकिन सरकार के आदेश अनुसार दोनों ही डॉक्टर डेपुटेशन पर नालागढ़ में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस बाबत उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया है कि बस्सी डिस्पेंसरी में डॉक्टर न होने के कारण वहां के लोग परेशानी झेल रहे हैं।