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Bilaspur News: विवाद के बाद पिस्तौल होने का दावा निकला गलत
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उपायुक्त कार्यालय के बाहर पार्किंग में मारपीट
सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण में किया गया हथियार होने का दावा
एसपी बोले, तथ्यों की पुष्टि के बाद ही साझा करें पोस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर के बाहर पार्किंग में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर पिस्तौल होने का दावा किया गया। हालांकि, बाद में शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसका विवाद परिचितों के साथ हुआ था और गुस्से में उसने पिस्तौल होने की बात कही थी, जो सही नहीं थी।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित लाइव प्रसारण में कुछ व्यक्तियों पर मारपीट करने और उनके पास पिस्तौल होने के आरोप लगाए गए थे। इस पर पुलिस ने शिकायतकर्ता को चौकी बुलाकर लिखित शिकायत देने को कहा, ताकि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस दौरान शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया कि पिस्तौल होने की बात सही नहीं थी।
पुलिस अधीक्षक ने सोशल मीडिया पेज संचालकों और आम लोगों से अपील की कि किसी भी घटना से संबंधित पोस्ट साझा करने से पहले तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि करें। बिना सत्यापन भ्रामक या अपुष्ट जानकारी प्रसारित करने से आम जनता में भय और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करने की अपील की।
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सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण में किया गया हथियार होने का दावा
एसपी बोले, तथ्यों की पुष्टि के बाद ही साझा करें पोस्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर के बाहर पार्किंग में दो पक्षों के बीच हुए विवाद के बाद सोशल मीडिया पर पिस्तौल होने का दावा किया गया। हालांकि, बाद में शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उसका विवाद परिचितों के साथ हुआ था और गुस्से में उसने पिस्तौल होने की बात कही थी, जो सही नहीं थी।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान ने बताया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित लाइव प्रसारण में कुछ व्यक्तियों पर मारपीट करने और उनके पास पिस्तौल होने के आरोप लगाए गए थे। इस पर पुलिस ने शिकायतकर्ता को चौकी बुलाकर लिखित शिकायत देने को कहा, ताकि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। इस दौरान शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया कि पिस्तौल होने की बात सही नहीं थी।
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पुलिस अधीक्षक ने सोशल मीडिया पेज संचालकों और आम लोगों से अपील की कि किसी भी घटना से संबंधित पोस्ट साझा करने से पहले तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि करें। बिना सत्यापन भ्रामक या अपुष्ट जानकारी प्रसारित करने से आम जनता में भय और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करने की अपील की।
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