{"_id":"6a74d0035d90d2310b0c0a2b","slug":"do-not-ignore-high-fever-during-the-rainy-season-stay-alert-for-scrub-typhus-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-165041-2026-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: बरसात में तेज बुखार को न करें नजरअंदाज, स्क्रब टाइफस से रहें सतर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: बरसात में तेज बुखार को न करें नजरअंदाज, स्क्रब टाइफस से रहें सतर्क
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीएमओ झंडूता ने दी सलाह, खेतों और झाड़ियों में काम करते समय शरीर ढककर रखने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। बरसात के मौसम में तेज बुखार के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग झंडूता ने लोगों को डेंगू, मलेरिया के साथ-साथ स्क्रब टाइफस से भी सतर्क रहने की सलाह दी है। खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) झंडूता डॉ. अतुल भारद्वाज ने कहा कि बरसात के दिनों में आने वाले तेज बुखार को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
डॉ. भारद्वाज ने बताया कि स्क्रब टाइफस एक जीवाणु संक्रमण है, जो संक्रमित पिस्सू के काटने से फैलता है। ये पिस्सू खेतों, झाड़ियों और घास वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी में बुखार 104 से 105 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसके अलावा जोड़ों में दर्द, कंपकंपी, शरीर में ऐंठन, अकड़न और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। संक्रमण बढ़ने पर गर्दन, बाजुओं के नीचे और कूल्हों के आसपास गिल्टियां भी हो सकती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्क्रब टाइफस सामान्य तौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता और समय पर उपचार मिलने पर यह पूरी तरह ठीक हो सकता है। इसलिए लक्षण दिखाई देने पर घबराने के बजाय तुरंत चिकित्सीय सलाह लेना आवश्यक है। बीएमओ ने लोगों से अपील की कि खेतों, झाड़ियों और घास वाले क्षेत्रों में काम करते समय पूरे शरीर को ढक कर रखें। विशेष रूप से पैरों, टांगों और बाजुओं को खुला न छोड़ें। साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ घर और आसपास के वातावरण की सफाई बनाए रखें। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में थोड़ी सी सावधानी बरतकर डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस जैसी गंभीर बीमारियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। बरसात के मौसम में तेज बुखार के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग झंडूता ने लोगों को डेंगू, मलेरिया के साथ-साथ स्क्रब टाइफस से भी सतर्क रहने की सलाह दी है। खंड चिकित्सा अधिकारी (बीएमओ) झंडूता डॉ. अतुल भारद्वाज ने कहा कि बरसात के दिनों में आने वाले तेज बुखार को सामान्य वायरल समझकर नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
डॉ. भारद्वाज ने बताया कि स्क्रब टाइफस एक जीवाणु संक्रमण है, जो संक्रमित पिस्सू के काटने से फैलता है। ये पिस्सू खेतों, झाड़ियों और घास वाले क्षेत्रों में पाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी में बुखार 104 से 105 डिग्री तक पहुंच सकता है। इसके अलावा जोड़ों में दर्द, कंपकंपी, शरीर में ऐंठन, अकड़न और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं। संक्रमण बढ़ने पर गर्दन, बाजुओं के नीचे और कूल्हों के आसपास गिल्टियां भी हो सकती हैं।
विज्ञापन
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्क्रब टाइफस सामान्य तौर पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता और समय पर उपचार मिलने पर यह पूरी तरह ठीक हो सकता है। इसलिए लक्षण दिखाई देने पर घबराने के बजाय तुरंत चिकित्सीय सलाह लेना आवश्यक है। बीएमओ ने लोगों से अपील की कि खेतों, झाड़ियों और घास वाले क्षेत्रों में काम करते समय पूरे शरीर को ढक कर रखें। विशेष रूप से पैरों, टांगों और बाजुओं को खुला न छोड़ें। साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ घर और आसपास के वातावरण की सफाई बनाए रखें। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में थोड़ी सी सावधानी बरतकर डेंगू, मलेरिया और स्क्रब टाइफस जैसी गंभीर बीमारियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
विज्ञापन