{"_id":"6a7a17cb0f48c8327e0cbf6f","slug":"electricity-board-technical-staff-to-protest-by-wearing-black-badges-over-denial-of-promotion-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-165298-2026-08-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: पदोन्नति न मिलने पर काले बिल्ले लगाकर विरोध करेंगे बिजली बोर्ड के तकनीकी कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: पदोन्नति न मिलने पर काले बिल्ले लगाकर विरोध करेंगे बिजली बोर्ड के तकनीकी कर्मचारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
15 दिन तक जारी रहेगा विरोध, 1200 से अधिक कर्मचारी पदोन्नति का कर रहे इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ की ओर से लंबित पदोन्नतियों को लेकर बोर्ड प्रबंधन को दिया गया दस दिन का अल्टीमेटम सोमवार को समाप्त हो गया। निर्धारित अवधि में बोर्ड प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं किए जाने के बाद संघ ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का फैसला लिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर ठाकुर ने सोमवार को घुमारवीं में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अब प्रदेशभर के तकनीकी कर्मचारी 15 दिन तक काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी करते हुए बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करवाएंगे।
रणवीर ठाकुर ने कहा कि संघ ने 10 दिन पहले बोर्ड प्रबंधन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया था कि लंबित पदोन्नतियों के मामले में निर्धारित समय के भीतर ठोस निर्णय लिया जाए। संघ को उम्मीद थी कि इस अवधि में बोर्ड प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बातचीत करेगा, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बावजूद न तो बोर्ड ने मांगों पर कोई निर्णय लिया और न ही संघ के पदाधिकारियों से संपर्क करने की कोई कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि आज 10 अगस्त को अल्टीमेटम की अवधि पूरी हो गई है, जिसके बाद संघ ने विरोध का अगला चरण शुरू करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि मंगलवार से प्रदेशभर के तकनीकी कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर कार्य करेंगे। यह विरोध लगातार 15 दिनों तक चलेगा। हालांकि कर्मचारियों के इस विरोध का आम बिजली उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ता हैं और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी अपने नियमित कार्यों का बहिष्कार नहीं करेंगे। सभी तकनीकी कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और तन्मयता के साथ अपनी ड्यूटी करते रहेंगे, ताकि बिजली आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाएं सुचारू बनी रहें।
विज्ञापन
संघ के अनुसार राज्य बिजली बोर्ड में 1200 से अधिक आईटीआई और नॉन-आईटीआई तकनीकी कर्मचारी लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। इनमें करीब 350 नॉन-आईटीआई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने पदोन्नति के लिए निर्धारित सभी पात्रताएं पूरी कर ली हैं, लेकिन उन्हें अभी तक पदोन्नति नहीं मिल पाई है। इसी तरह आईटीआई श्रेणी के कर्मचारी भी विभिन्न पदों पर निर्धारित कार्यकाल पूरा करने के बावजूद पदोन्नति से वंचित हैं। संघ की मुख्य मांग लंबित पदोन्नतियों को शीघ्र जारी करना और संशोधित पदोन्नति नियमों के बाद पैदा हुए गतिरोध का स्थायी समाधान करना है। कर्मचारियों का कहना है कि पात्रता और निर्धारित सेवाकाल पूरा करने के बावजूद पदोन्नति न मिलने से कर्मचारियों में भारी रोष है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन 15 दिन के दौरान भी सरकार अथवा बोर्ड प्रबंधन ने कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो संघ को अपनी मांगों को लेकर कोई बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 25 अगस्त की बैठक में आंदोलन को आगे बढ़ाने सहित अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष चंदेल ,जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार, जिला महामंत्री श्याम लाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील कुमार, जिला इकाई सचिव रविशंकर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ की ओर से लंबित पदोन्नतियों को लेकर बोर्ड प्रबंधन को दिया गया दस दिन का अल्टीमेटम सोमवार को समाप्त हो गया। निर्धारित अवधि में बोर्ड प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों की मांगों पर कोई सकारात्मक पहल नहीं किए जाने के बाद संघ ने आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का फैसला लिया है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रणवीर ठाकुर ने सोमवार को घुमारवीं में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अब प्रदेशभर के तकनीकी कर्मचारी 15 दिन तक काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी करते हुए बोर्ड प्रबंधन के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करवाएंगे।
रणवीर ठाकुर ने कहा कि संघ ने 10 दिन पहले बोर्ड प्रबंधन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया था कि लंबित पदोन्नतियों के मामले में निर्धारित समय के भीतर ठोस निर्णय लिया जाए। संघ को उम्मीद थी कि इस अवधि में बोर्ड प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बातचीत करेगा, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बावजूद न तो बोर्ड ने मांगों पर कोई निर्णय लिया और न ही संघ के पदाधिकारियों से संपर्क करने की कोई कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि आज 10 अगस्त को अल्टीमेटम की अवधि पूरी हो गई है, जिसके बाद संघ ने विरोध का अगला चरण शुरू करने का निर्णय लिया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मंगलवार से प्रदेशभर के तकनीकी कर्मचारी काले बिल्ले लगाकर कार्य करेंगे। यह विरोध लगातार 15 दिनों तक चलेगा। हालांकि कर्मचारियों के इस विरोध का आम बिजली उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 30 लाख बिजली उपभोक्ता हैं और उनके हितों को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी अपने नियमित कार्यों का बहिष्कार नहीं करेंगे। सभी तकनीकी कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और तन्मयता के साथ अपनी ड्यूटी करते रहेंगे, ताकि बिजली आपूर्ति और उपभोक्ता सेवाएं सुचारू बनी रहें।
विज्ञापन
संघ के अनुसार राज्य बिजली बोर्ड में 1200 से अधिक आईटीआई और नॉन-आईटीआई तकनीकी कर्मचारी लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं। इनमें करीब 350 नॉन-आईटीआई कर्मचारी ऐसे हैं, जिन्होंने पदोन्नति के लिए निर्धारित सभी पात्रताएं पूरी कर ली हैं, लेकिन उन्हें अभी तक पदोन्नति नहीं मिल पाई है। इसी तरह आईटीआई श्रेणी के कर्मचारी भी विभिन्न पदों पर निर्धारित कार्यकाल पूरा करने के बावजूद पदोन्नति से वंचित हैं। संघ की मुख्य मांग लंबित पदोन्नतियों को शीघ्र जारी करना और संशोधित पदोन्नति नियमों के बाद पैदा हुए गतिरोध का स्थायी समाधान करना है। कर्मचारियों का कहना है कि पात्रता और निर्धारित सेवाकाल पूरा करने के बावजूद पदोन्नति न मिलने से कर्मचारियों में भारी रोष है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन 15 दिन के दौरान भी सरकार अथवा बोर्ड प्रबंधन ने कर्मचारियों की मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो संघ को अपनी मांगों को लेकर कोई बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 25 अगस्त की बैठक में आंदोलन को आगे बढ़ाने सहित अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष आशीष चंदेल ,जिला अध्यक्ष प्रवीण कुमार, जिला महामंत्री श्याम लाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुनील कुमार, जिला इकाई सचिव रविशंकर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।