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Bilaspur News: गृह जांच में बिगड़ी हालत का चला पता, अस्पताल पहुंचाकर बचाई प्रसूता की जान
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घुमारवीं में आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य टीम की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रसव के बाद निर्धारित स्वास्थ्य जांच की अहमियत घुमारवीं में सामने आए एक मामले से साबित हुई है। स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता, आशा कार्यकर्ता की सजगता और त्वरित एंबुलेंस सेवा के चलते एक प्रसूता की जान बच गई। समय पर गंभीर स्थिति का पता चलने से संभावित मातृ जटिलता को टाल दिया गया।
जानकारी के अनुसार प्रवासी परिवार की प्रसूता बूंदी देवी पत्नी भाभी का 14 मई 2026 को सिविल अस्पताल घुमारवीं में सुरक्षित प्रसव हुआ था। उपचार के बाद 19 मई को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अगले दिन 20 मई को स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित प्रसवोत्तर गृह जांच के तहत आशा कार्यकर्ता रीना देवी, सहायक नर्स पवना कुमारी और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी विंटा उनके घर पहुंचे। जांच के दौरान प्रसूता की हालत गंभीर पाई गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने बिना देरी किए इसकी सूचना खंड चिकित्सा अधिकारी एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम शर्मा तथा पर्यवेक्षक रीना कुमारी को दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस के माध्यम से करीब 15 से 25 मिनट के भीतर प्रसूता को सिविल अस्पताल घुमारवीं पहुंचाया गया।
अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के दौरान उनका रक्तचाप कम और शरीर में खून की मात्रा भी काफी कम पाई गई। डॉ. अनुपम शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। आवश्यक चिकित्सा प्रबंधन के साथ रक्तचाप सामान्य किया गया और समय रहते रक्त चढ़ाकर प्रसूता की जान बचा ली गई। इस कार्य में डॉ. अनुपम शर्मा, आशा कार्यकर्ता रीना देवी, सहायक नर्स पवना कुमारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी विंटा, पर्यवेक्षक रीना कुमारी तथा सिविल अस्पताल घुमारवीं की पूरी चिकित्सकीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्तमान में प्रसूता और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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कोट
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुपम शर्मा ने कहा कि प्रसव के बाद निर्धारित समय पर स्वास्थ्य जांच कराना प्रत्येक प्रसूता के लिए बेहद जरूरी है। इससे संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान कर उपचार किया जा सकता है। उन्होंने सभी गर्भवती और प्रसूता महिलाओं से स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित प्रसवोत्तर जांच अवश्य करवाने की अपील की।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। प्रसव के बाद निर्धारित स्वास्थ्य जांच की अहमियत घुमारवीं में सामने आए एक मामले से साबित हुई है। स्वास्थ्य विभाग की सतर्कता, आशा कार्यकर्ता की सजगता और त्वरित एंबुलेंस सेवा के चलते एक प्रसूता की जान बच गई। समय पर गंभीर स्थिति का पता चलने से संभावित मातृ जटिलता को टाल दिया गया।
जानकारी के अनुसार प्रवासी परिवार की प्रसूता बूंदी देवी पत्नी भाभी का 14 मई 2026 को सिविल अस्पताल घुमारवीं में सुरक्षित प्रसव हुआ था। उपचार के बाद 19 मई को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अगले दिन 20 मई को स्वास्थ्य विभाग की निर्धारित प्रसवोत्तर गृह जांच के तहत आशा कार्यकर्ता रीना देवी, सहायक नर्स पवना कुमारी और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी विंटा उनके घर पहुंचे। जांच के दौरान प्रसूता की हालत गंभीर पाई गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने बिना देरी किए इसकी सूचना खंड चिकित्सा अधिकारी एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपम शर्मा तथा पर्यवेक्षक रीना कुमारी को दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस के माध्यम से करीब 15 से 25 मिनट के भीतर प्रसूता को सिविल अस्पताल घुमारवीं पहुंचाया गया।
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अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के दौरान उनका रक्तचाप कम और शरीर में खून की मात्रा भी काफी कम पाई गई। डॉ. अनुपम शर्मा के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। आवश्यक चिकित्सा प्रबंधन के साथ रक्तचाप सामान्य किया गया और समय रहते रक्त चढ़ाकर प्रसूता की जान बचा ली गई। इस कार्य में डॉ. अनुपम शर्मा, आशा कार्यकर्ता रीना देवी, सहायक नर्स पवना कुमारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी विंटा, पर्यवेक्षक रीना कुमारी तथा सिविल अस्पताल घुमारवीं की पूरी चिकित्सकीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्तमान में प्रसूता और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।
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खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुपम शर्मा ने कहा कि प्रसव के बाद निर्धारित समय पर स्वास्थ्य जांच कराना प्रत्येक प्रसूता के लिए बेहद जरूरी है। इससे संभावित जटिलताओं की समय रहते पहचान कर उपचार किया जा सकता है। उन्होंने सभी गर्भवती और प्रसूता महिलाओं से स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित प्रसवोत्तर जांच अवश्य करवाने की अपील की।