{"_id":"69e62a5a1502caab29081cab","slug":"nutrition-fortnight-awareness-camp-in-sungal-village-emphasis-on-maternal-and-child-health-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-158387-2026-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोषण पखवाड़ा : सुंगल गांव में जागरूकता शिविर, मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर रहा जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोषण पखवाड़ा : सुंगल गांव में जागरूकता शिविर, मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर रहा जोर
विज्ञापन
पोषण पखवाड़ा के तहत सुंगल में बच्चे का अन्नप्राशन संस्कार करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य
विज्ञापन
गोद भराई व अन्नप्राशन के माध्यम से दिया पोषण का संदेश
पहले छह साल में बच्चे के मस्तिष्क का 85% विकास, देखभाल जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बाल विकास परियोजना सदर, बिलासपुर के सौजन्य से सोमवार को वृत्त सदर-1 के अंतर्गत ग्राम सुंगल में पोषण पखवाड़ा के तहत वृत्त स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वृत्त पर्यवेक्षिक हेमलता शर्मा ने की।
शिविर के दौरान पोषण पखवाड़ा की विभिन्न गतिविधियों और उनके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर रीता देवी की गोद भराई रस्म हुई। वहीं सिद्धार्थ का अन्नप्राशन संस्कार भी सम्पन्न करवाया गया। इन पारंपरिक आयोजनों के जरिए मातृ एवं शिशु पोषण का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं, किशोरियों और अन्य प्रतिभागियों को गर्भावस्था से लेकर शिशु के शुरुआती वर्षों तक की देखभाल के बारे में जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चे के जीवन के पहले छह वर्षों में उसके मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास हो जाता है, इसलिए इस अवधि में उचित पोषण, स्वास्थ्य जांच और देखभाल अत्यंत आवश्यक है। पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पोषण, स्वच्छता, टीकाकरण और संतुलित आहार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस शिविर में गांव की महिलाओं, किशोरियों, वृत्त की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना रहा।
Trending Videos
पहले छह साल में बच्चे के मस्तिष्क का 85% विकास, देखभाल जरूरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बाल विकास परियोजना सदर, बिलासपुर के सौजन्य से सोमवार को वृत्त सदर-1 के अंतर्गत ग्राम सुंगल में पोषण पखवाड़ा के तहत वृत्त स्तरीय जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वृत्त पर्यवेक्षिक हेमलता शर्मा ने की।
शिविर के दौरान पोषण पखवाड़ा की विभिन्न गतिविधियों और उनके महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस अवसर पर रीता देवी की गोद भराई रस्म हुई। वहीं सिद्धार्थ का अन्नप्राशन संस्कार भी सम्पन्न करवाया गया। इन पारंपरिक आयोजनों के जरिए मातृ एवं शिशु पोषण का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं, किशोरियों और अन्य प्रतिभागियों को गर्भावस्था से लेकर शिशु के शुरुआती वर्षों तक की देखभाल के बारे में जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि बच्चे के जीवन के पहले छह वर्षों में उसके मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास हो जाता है, इसलिए इस अवधि में उचित पोषण, स्वास्थ्य जांच और देखभाल अत्यंत आवश्यक है। पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से लोगों को पोषण, स्वच्छता, टीकाकरण और संतुलित आहार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इस तरह के शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस शिविर में गांव की महिलाओं, किशोरियों, वृत्त की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा वर्करों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कमेंट
कमेंट X