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Bilaspur News: एसीसी प्रबंधन से उठाईं छह मांगें, समाधान के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम

Mon, 10 Aug 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2026 11:55 PM IST
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Six demands raised with ACC management; one-week ultimatum for resolution.
एसीसी प्रबंधन को छह मांगें, समाधान के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम
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संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। एसीसी सीमेंट फैक्ट्री और माइनिंग क्षेत्र से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सोमवार को ग्राम पंचायत पंजगाईं और धौन कोठी के पंचायत प्रतिनिधियों ने एसीसी अदाणी ग्रुप प्रबंधन के अधिकारियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कंपनी प्रबंधन के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखीं और इनके समाधान के लिए एक सप्ताह का समय दिया।
पंजगाईं पंचायत प्रधान सुशीला शर्मा, उपप्रधान सुनील शर्मा और धौन कोठी पंचायत की प्रधान सपना ठाकुर, उपप्रधान छोटा राम ठाकुर सहित अन्य पंचायत सदस्यों ने एसीसी के चीफ मैनेजर प्लांट महावीर बोलिया और एचआर विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने माइनिंग क्षेत्र में धूल और मिट्टी से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने तथा नियमित प्रदूषण नियंत्रण और निरीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। पंचायत प्रतिनिधियों ने आबादी के आसपास होने वाली भारी ब्लास्टिंग से लोगों और मकानों को होने वाले नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में उचित सुरक्षा और राहत व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने फैक्ट्री में स्थानीय युवाओं को उनकी ट्रेड, योग्यता और स्किल के अनुसार रोजगार देने की मांग की। उन्होंने स्थानीय लोगों के लिए 70 फीसदी और बाहरी लोगों के लिए 30 फीसदी रोजगार का प्रावधान करने की मांग रखी। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि क्षेत्र के कई आईटीआई प्रशिक्षित युवा कंपनी के ठेकेदारों के पास करीब 12 हजार रुपये मासिक वेतन पर हेल्पर के रूप में काम कर रहे हैं, जबकि समान योग्यता वाले कुछ अन्य युवाओं को स्किल्ड श्रेणी में रखकर लगभग दोगुना वेतन दिया जा रहा है।
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उन्होंने समान योग्यता और स्किल वाले युवाओं के साथ भेदभाव खत्म करने तथा एक वर्ष से अधिक समय से हेल्पर के रूप में काम कर रहे युवाओं को स्किल्ड श्रेणी में शामिल करने की मांग की। पंचायत प्रतिनिधियों ने फैक्ट्री में कार्यरत श्रमिकों को निर्धारित समय पर लंच ब्रेक देने और मेस के माध्यम से कम दर पर उचित भोजन उपलब्ध करवाने की मांग की। कर्मचारियों के लिए आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और मेडिकल इंश्योरेंस की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने माइनिंग क्षेत्र के डेंजर जोन में आने वाले मकानों का एसीसी की ओर से अधिग्रहण करने तथा प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधा देने की मांग प्रमुखता से उठाई। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि कंपनी प्रबंधन को सभी मांगों पर गंभीरता से विचार कर एक सप्ताह के भीतर सकारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।
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एसीसी प्रबंधन ने पंचायत प्रतिनिधियों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना। प्रबंधन ने आश्वस्त किया कि मांगों को उच्च प्रबंधन के समक्ष रखा जाएगा और जल्द ही समाधान के लिए बातचीत की जाएगी।


एसीसी प्रबंधन के समक्ष छह मांगें रखीं, सप्ताहभर में समाधान का अल्टीमेटम
धूल प्रदूषण, ब्लास्टिंग से नुकसान, स्थानीय युवाओं को रोजगार और मकानों के अधिग्रहण समेत उठाए मुद्दे
संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। एसीसी सीमेंट फैक्ट्री और माइनिंग क्षेत्र से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर सोमवार को ग्राम पंचायत पंजगाईं और धौन कोठी के पंचायत प्रतिनिधियों ने एसीसी अदाणी ग्रुप प्रबंधन के अधिकारियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने कंपनी के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखीं और समाधान के लिए एक सप्ताह का समय दिया।
पंजगाईं पंचायत प्रधान सुशीला शर्मा, उपप्रधान सुनील शर्मा और धौन कोठी पंचायत प्रधान सपना ठाकुर, उपप्रधान छोटा राम ठाकुर समेत अन्य सदस्यों ने एसीसी के चीफ मैनेजर प्लांट महावीर बोलिया और एचआर अधिकारियों से बातचीत की। प्रतिनिधिमंडल ने माइनिंग क्षेत्र में धूल-मिट्टी से प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने और नियमित प्रदूषण नियंत्रण व निरीक्षण की व्यवस्था करने की मांग की। आबादी के आसपास होने वाली भारी ब्लास्टिंग से मकानों और लोगों को होने वाले नुकसान का मुद्दा उठाते हुए सुरक्षा और राहत व्यवस्था मजबूत करने की मांग भी रखी। पंचायत प्रतिनिधियों ने स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता और ट्रेड के अनुसार रोजगार देने तथा 70 फीसदी स्थानीय और 30 फीसदी बाहरी युवाओं के लिए रोजगार का प्रावधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कई आईटीआई प्रशिक्षित युवा ठेकेदारों के पास करीब 12 हजार रुपये मासिक वेतन पर हेल्पर के रूप में काम कर रहे हैं, जबकि समान योग्यता वाले कुछ युवाओं को स्किल्ड श्रेणी में अधिक वेतन दिया जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने समान योग्यता वाले युवाओं के साथ भेदभाव खत्म करने और एक वर्ष से अधिक समय से हेल्पर के रूप में काम कर रहे युवाओं को स्किल्ड श्रेणी में शामिल करने की मांग की। श्रमिकों को समय पर लंच ब्रेक, कम दर पर उचित भोजन, आपातकालीन चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस, नियमित स्वास्थ्य जांच और मेडिकल इंश्योरेंस उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई गई।


इसके अलावा माइनिंग क्षेत्र के डेंजर जोन में आने वाले मकानों का अधिग्रहण कर प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधा देने की मांग की गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रबंधन से एक सप्ताह में सकारात्मक कार्रवाई की मांग की। एसीसी प्रबंधन ने पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याएं सुनीं और मांगों को उच्च प्रबंधन के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। प्रबंधन ने कहा कि समस्याओं के समाधान को लेकर जल्द बातचीत की जाएगी।
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