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Bilaspur News: क्षेत्रीय अस्पताल में अब बुजुर्गों को नहीं लगना पड़ेगा कतारों में
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 12 Jan 2026 11:46 PM IST
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जिला अस्पताल में वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू की गई विशेष ओपीडी। स्रोत: विभाग
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70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 209 नंबर में विशेष ओपीडी शुरू
मुख्यमंत्री की घोषणा पर अमल, स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित सीनियर सिटीजन ओपीडी का विधिवत संचालन शुरू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब बुजुर्ग मरीजों को सामान्य ओपीडी की थका देने वाली भीड़ और लंबी कतारों से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
अस्पताल का कमरा नंबर 209 पूरी तरह से वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित कर दिया गया है। इस ओपीडी के सुचारू संचालन के लिए एक विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति की गई है जो केवल 70 वर्ष से ऊपर के मरीजों की जांच करेंगे। यहां केवल लक्षणों का इलाज नहीं होगा, बल्कि बुजुर्गों का ''''होलिस्टिक हेल्थ असेसमेंट'''' (समग्र स्वास्थ्य आकलन) किया जाएगा। इसमें उनके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक परिस्थितियों का भी बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। अक्सर बढ़ती उम्र के साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप, जोड़ों में दर्द और भूलने की बीमारी (डिमेंशिया) जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इन सभी बीमारियों के लिए एक ही स्थान पर परामर्श और उपचार की योजना बनाई गई है ताकि बुजुर्गों को अलग-अलग काउंटरों पर न भटकना पड़े। बढ़ती उम्र में हड्डियां कमजोर होने और गिरने के खतरों को देखते हुए विशेष स्क्रीनिंग और फिजियोथेरेपी की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। गंभीर मामलों में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों (जैसे कार्डियोलॉजिस्ट या ऑर्थोपेडिक सर्जन) के साथ तालमेल बैठाकर प्रत्येक मरीज के लिए एक व्यक्तिगत चार्ट तैयार किया जाएगा। इस समर्पित ओपीडी के शुरू होने से बिलासपुर जिले के सैकड़ों बुजुर्गों को सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्रीय अस्पताल में आने वाले बुजुर्गों का कहना है कि पहले उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता था, जिससे उनकी शारीरिक तकलीफ बढ़ जाती थी। अब अलग ओपीडी होने से उन्हें ने केवल सम्मान मिलेगा बल्कि कम समय में बेहतर इलाज भी संभव होगा।
चिकित्सा अधीक्षक बिलासपुर डॉक्टर एके सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित ओपीडी एक मील का पत्थर साबित होगी। हमारा प्रयास है कि बुजुर्गों को घर जैसा माहौल और बिना किसी मानसिक तनाव के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती के साथ अब हम उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी कर सकेंगे। प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की कड़ी में यह एक बड़ा कदम है। सरकार का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके जीवन के उत्तरार्ध में सुलभ और सम्मानजनक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री की इस प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल में विशेष प्रबंध किए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित सीनियर सिटीजन ओपीडी का विधिवत संचालन शुरू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब बुजुर्ग मरीजों को सामान्य ओपीडी की थका देने वाली भीड़ और लंबी कतारों से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
अस्पताल का कमरा नंबर 209 पूरी तरह से वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित कर दिया गया है। इस ओपीडी के सुचारू संचालन के लिए एक विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति की गई है जो केवल 70 वर्ष से ऊपर के मरीजों की जांच करेंगे। यहां केवल लक्षणों का इलाज नहीं होगा, बल्कि बुजुर्गों का ''''होलिस्टिक हेल्थ असेसमेंट'''' (समग्र स्वास्थ्य आकलन) किया जाएगा। इसमें उनके शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक परिस्थितियों का भी बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। अक्सर बढ़ती उम्र के साथ मधुमेह, उच्च रक्तचाप, जोड़ों में दर्द और भूलने की बीमारी (डिमेंशिया) जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। इन सभी बीमारियों के लिए एक ही स्थान पर परामर्श और उपचार की योजना बनाई गई है ताकि बुजुर्गों को अलग-अलग काउंटरों पर न भटकना पड़े। बढ़ती उम्र में हड्डियां कमजोर होने और गिरने के खतरों को देखते हुए विशेष स्क्रीनिंग और फिजियोथेरेपी की सुविधा को प्राथमिकता दी गई है। गंभीर मामलों में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों (जैसे कार्डियोलॉजिस्ट या ऑर्थोपेडिक सर्जन) के साथ तालमेल बैठाकर प्रत्येक मरीज के लिए एक व्यक्तिगत चार्ट तैयार किया जाएगा। इस समर्पित ओपीडी के शुरू होने से बिलासपुर जिले के सैकड़ों बुजुर्गों को सीधा लाभ मिलेगा। क्षेत्रीय अस्पताल में आने वाले बुजुर्गों का कहना है कि पहले उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता था, जिससे उनकी शारीरिक तकलीफ बढ़ जाती थी। अब अलग ओपीडी होने से उन्हें ने केवल सम्मान मिलेगा बल्कि कम समय में बेहतर इलाज भी संभव होगा।
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चिकित्सा अधीक्षक बिलासपुर डॉक्टर एके सिंह ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पताल में वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित ओपीडी एक मील का पत्थर साबित होगी। हमारा प्रयास है कि बुजुर्गों को घर जैसा माहौल और बिना किसी मानसिक तनाव के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती के साथ अब हम उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी कर सकेंगे। प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों की कड़ी में यह एक बड़ा कदम है। सरकार का मुख्य उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके जीवन के उत्तरार्ध में सुलभ और सम्मानजनक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मुख्यमंत्री की इस प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल में विशेष प्रबंध किए हैं।