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चंबा हादसा: खाई से कफन में लिपटे छह शव निकाले तो रो पड़ा गांव, संकरे रास्ते पर हाथों से बना दिया पुल

मोहम्मद अयूब, संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा। Published by: Krishan Singh Updated Fri, 19 Jun 2026 10:54 AM IST
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सार

चंबा के दर्दनाक हादसे में जब महल गांव के छह लोग सफेद कफन में लिपटकर घर पहुंचे तो पूरा गांव फफक उठा। अपने लोगों को देखकर परिजन फूट-फूटकर रो पड़े और हर गली, हर आंगन में सिर्फ सिसकियां और मातम की गूंज रह गई।

Chamba road accident: The village wept as bodies wrapped in shrouds were pulled from the gorge
ग्रामीणों ने हाथों से चेन बनाकर शवों को सड़क तक पहुंचाया। - फोटो : संवाद
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विस्तार

खाई से शव जब एक-एक कर बाहर निकाले जा रहे थे और हाथों की जंजीर बनाकर ग्रामीण अपनों को ऊपर ला रहे थे तो पहाड़ भी मानो उस दर्द को देखकर खामोश हो गया। चंबा के दर्दनाक हादसे में जब महल गांव के छह लोग सफेद कफन में लिपटकर घर पहुंचे तो पूरा गांव फफक उठा। अपने लोगों को देखकर परिजन फूट-फूटकर रो पड़े और हर गली, हर आंगन में सिर्फ सिसकियां और मातम की गूंज रह गई।

शवों को घटनास्थल से सड़क तक पहुंचाने में स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई

बोलेरो दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के शवों को घटनास्थल से सड़क तक पहुंचाने में स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस, गृह रक्षक और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ग्रामीणों की सहायता से मौके पर पहुंची। शवों को स्ट्रेचर, सफेद कपड़े, तिरपाल और कंबलों में लपेटकर खाई से निकाला। खड़ी चढ़ाई, संकरे और ढलानदार रास्ते को पार करने के लिए ग्रामीणों ने हाथों की चेन बनाई। रेस्क्यू अभियान के दौरान कड़ी मशक्कत के बाद शवों को सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद सभी शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा भेजे गए।

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सड़क के किनारे वाहन के टूटे शीशे और बिखरा सामान दिखा तो पुलिस को सूचित किया

पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे सैर पर निकले कुछ लोगों ने सड़क के किनारे वाहन के टूटे शीशे और बिखरा सामान देखा। इससे उन्हें खाई में वाहन गिरा होने की आशंका हुई। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर सुबह करीब आठ बजे सदर थाना प्रभारी रमन चौधरी के नेतृत्व में पुलिस, गृह रक्षक और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम घटनास्थल पर पहुंची। वाहन से एक महिला, आसपास पड़े दो अन्य शवों समेत छिटक कर झाड़ियों में गिरे शवों को बरामद किया। शवों को स्ट्रेचर, सफेद कपड़े और तिरपाल में लपेटकर सुरक्षित लाने का कार्य शुरू किया गया। 
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एक कंधा थक गया तो दूसरा आ गया शव उठाने

घटनास्थल तक पहुंचने और शवों को निकालने का रास्ता बेहद दुर्गम था। ग्रामीणों और बचाव दल ने स्ट्रेचर पर शवों को कंधों पर उठाया और खस्ताहाल पगडंडी से खड़ी चढ़ाई चढ़कर सड़क तक पहुंचाया। रास्ते में थकान होने पर लोग बारी-बारी से एक-दूसरे की मदद करते रहे। सड़क से कुछ दूरी पहले एक जगह पर शव रखकर राहत दल ने कुछ देर विश्राम किया। इसके बाद शव वाहन के माध्यम से मेडिकल कॉलेज भेजे। रेस्क्यू अभियान करीब दो घंटे तक चला।

कब, कब हुए हादसे

  1. वर्ष 2020 में 98 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 71 लोगों की मौत जबकि 188 घायल हुए
  2. साल 2021 में 93 वाहन दुर्घटनाओं में 85 लोगों की मौत और 166 घायल हुए
  3. 2022 में 98 दुर्घटनाओं में 73 की मौत और 172 घायल
  4. 2023 में 94 दुर्घटनाओं में 62 की मौत और 128 घायल
  5. 2024 में 79 वाहन दुर्घटनाओं में 66 लोगों की मौत और 114 लोग घायल हुए।
  6. 2025 में 68 वाहन दुर्घटनाओं में 58 लोगों की मौत और 116 घायल हुए।
  7. 19 जून 2026 तक 32 सड़क दुर्घटनाओं में 50 लोगों की मौत और 46 लोग घायल हुए।
  8. जिले में चिह्नित हैं 953 ब्लैक स्पॉट
  9. जिले में कुल 953 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इनमें 846 संभावित, 63 एचआरटीसी और 44 जीवीके से संबंधित हैं। इन ब्लैक स्पॉट को सुधारने का कार्य प्रगति पर है।
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