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हिमाचल: पांगी के जंगलों में दिखा दुर्लभ स्नो कॉक पक्षी, वन विभाग ने बढ़ाई चौकसी; संरक्षण पर जोर
Thu, 22 Oct 2026 09:47 AM IST
Ankesh Dogra
प्रवीण कुमार, चंबा।
प्रवीण कुमार, चंबा।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 22 Oct 2026 09:47 AM IST
सार
चंबा जिले के जनजातीय क्षेत्र पांगी के बगोटू में दुर्लभ हिमालयन स्नो कॉक पक्षी दिखाई दिया है। वन रक्षक तेज सिंह ने वन बीट की निगरानी के दौरान इसकी तस्वीरें खींचीं। वन विभाग ने पक्षी के संरक्षण और अवैध शिकार की रोकथाम के लिए नियमित गश्त बढ़ाने पर जोर दिया है।
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पांगी के बगोटू में विचरण करता स्नो कॉक पक्षी।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
जनजातीय क्षेत्र पांगी के बर्फीले इलाके बगोटू में दुर्लभ हिमालयन स्नो कॉक पक्षी को देखा गया है। वन रक्षक तेज सिंह ने अपनी वन बीट की निगरानी के दौरान उसकी तस्वीर खिंची। यह जंगली पक्षी हिमालय के ऊंचे, ठंडे और पथरीले पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम टेट्राओगैलस हिमालयेन्सी है।
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यह तीतर कुल का पक्षी है और हिमाचल प्रदेश सहित पश्चिमी हिमालय के विभिन्न क्षेत्रों में पाया जाता है। हिमाचल के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में इस पक्षी का पाया जाना वहां की जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है। चंबा जिले के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में इसके संभावित आवास की मौजूदगी वन्य प्राणी विभाग के लिए उपयोगी हो सकती है। इससे पहले चंबा में इस पक्षी की मौजूदगी के सबूत बहुत कम थे। हालांकि, पांगी के जंगलों में दुर्लभ वन्य जीवों की मौजूदगी के प्रमाण पहले ही मिल चुके हैं। लेकिन, अब दुर्लभ पक्षी भी नजर आने लगे हैं।
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वन बीट प्रेग्रां के तहत आने वाला बगोटू क्षेत्र ज्यादातर समय बर्फ के लिए ढका रहता है। इसके साथ वहां पर पत्थरीले पहाड़ भी हैं। जोकि, इस पक्षी के रहने के लिए सुरक्षित स्थान हो सकता है। वन विभाग ने इस प्रजाति के संरक्षण के लिए वन रक्षक को नियमित गश्त के निर्देश दिए हैं। क्योंकि, कुछ शिकारी ऐसे जंगली पक्षियों का अवैध शिकार भी कर देते हैं। यह दुर्लभ पक्षी घास और कोमल पत्तियां, पौधों की नई कोंपलें, बीज और जंगली बेरियां तथा कुछ पौधों की जड़ें और कंद खाता है। वन मंडल पांगी के मंडल अधिकारी रवि गुलेरिया ने बताया कि बगोटू में स्नो कॉक पक्षी को देखा गया है। उसके संरक्षण के लिए विभाग पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रहा है।
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