Himachal News: प्रेशर पाइप फटने से अनियंत्रित हुई HRTC की बस, चालक की सूझबूझ से बची 45 सवारियों की जान
हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में सवारियों से भरी बस की ब्रेक फेल हो गईं। बस की प्रेशर पाइप फटने के बाद ब्रेक न लगने पर चालक ने सूझबूझ से काम करते हुए 45 के करीब सवारियों की जान बचा ली। पढ़ें पूरी खबर...
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अपने सफर पर निकले स्कूली विद्यार्थियों, नौकरीपेशा समेत दिहाड़ीदार लोग सोमवार को चालक की सूझबूझ से मौत के मुंह से नवजीवन लेकर वापस लौटे हैं। एचआरटीसी की खस्ताहाल बसों की समयानुसार मरम्मत न होना इसकी मुख्य वजह ही सामने आ रहा है। बस की प्रेशर पाइप फटने के बाद ब्रेक न लगने पर चालक ने सूझबूझ से काम करते हुए 45 के करीब सवारियों की जान बचाने के लिए हैंड ब्रेक लगाते हुए गियर डाउन किया और बचाव का कोई भी साधन न दिखने पर मजबूरन पहाड़ी से टकरा दी।
गनीमत, ये रही कि पहाड़ी से टकराव के बाद बस अनियंत्रित होकर सड़क पर नहीं पलटी। कुल मिला कर एचआरटीसी चंबा डिपो की अनदेखी डिपो समेत अनमोल जिंदगियों के लिए घातक साबित हो सकती है। दिन : सोमवार। समय : 8:45 बजे। स्थान : घूमा। रोजमर्रा की तरह अगाहर-जुमहार-लुड्डू-चंबा रूट की बस अगाहर से सुबह : 8:00 बजे चंबा चलने को तैयार है। आज बस 15 मिनट देरी से चंबा लौट रही है।
बस में सवार स्कूली बच्चे समय पर स्कूल न पहुंचने को लेकर चिंहित है, नौकरीपेशा और दिहाड़ीदार भी देरी से बस चलने को लेकर नाराज है। लेकिन, बस रूट पर चलने को तैयार है। बस अपने निर्धारित रूट से होते हुए सुबह : 8:45 बजे घूम नामक स्थान पर पहुंची। अचानक से बस में जोरदार धमाके के साथ प्रेशर पाइप फट गई। प्रेशर पाइप फटने का आभास होते हुए चालक ने ब्रेक लगाने की कोशिश की। लेकिन, बस में ब्रेक न लगने पर चालक के पसीने छूट गए। बस से आई जोरदार आवाज को लेकर कुछ सवारियों में चीखो-पुकार मच गई।
चालक-परिचालक ने सवारियों को शांत करते हुए बस में तकनीकी खराबी आने की बात कहते हुए शांत रहने की बात कही। बस की ब्रेक न लगने की बात चालक ने सवारियों को बताते हुए बस की हेंड ब्रेक लगा दी, साथ ही गियर डाउन करते हुए बस को धीरे-धीरे पहाड़ी की ओर करते हुए पहाड़ी से टकरा दिया। बस के पहाड़ी से टकराने के बाद बस वहीं पर थम गई। गनीमत, ये रही कि बस सड़क पर नहीं पलटी। चालक ने सवारियों को बस से उतरने की बात कही। जिस पर सवारियां चालक को कोसती हुई एक-एक कर बाहर आ गई।
सवारियां बस से उतरने के बाद चालक ने परिचालक को टायर के नीचे पत्थर लगाने की बात कही। जिसके बाद ही चालक बाहर उतरा। चालक ने सवारियों को बताया कि बस की ब्रेक फेल हो चुकी थी। उसने लोगों की जिंदगियों को बचाने के लिए सड़क से बस को बाहर जाने से रोकने के लिए ही पहाड़ी से टकराया। जिससे सवारियों को कोई नुकसान नहीं हुआ। यदि बस असंतुलित होकर सड़क से बाहर चली जाती तो बड़ा जानो-माल का नुकसान हो सकता था।
उधर, सवारियों में रोहित कुमार, मनोहर सिंह, मनजीत शर्मा, पवन कुमार, राकेश कुमार ने बताया कि रूट पर रोजाना देरी से बसें भेजी और चलाई जा रही है। इतना ही नहीं, हर तीसरे दिन बस बीच राह हांफ जाती है। बसों को मरम्मत करवा रूट पर भेजने को लेकर कई बार प्रबंधन को लिखित शिकायत भी दी गई। बावजूद सब नियम दरकिनार हो रहे है। सोमवार को बस की ब्रेक फेल होते के बाद रूट पर कोई वाहन चालक, स्कूटी, बाइक सवार या राहगीर नहीं था। अन्यथा जानमाल का नुकसान हो सकता था।
अब तक इन रूटों पर खराब हो चुकी है एचआरटीसी की बसें
चंबा- बाट, चंबा- चंबा- अगाहर, उटीप, चंबा- जम्मुहार, चंबा- शिमला, चंबा- चुवाड़ी, चंबा- पठानकोट, चंबा- भड़ेला, डलहौजी- चकोत्तर, चंबा- किहार, चंबा- देहरादून, चंबा- कीड़ी, चंबा- पनेला, चंबा- दिल्ली, चंबा- पुखरी, डलहौजी- मंगलेरा रूटों पर बसें खराब हो चुकी है।
कितने बसें और कितनी दे रही सेवाएं
चंबा डिपो में कुल 100 बसें है और 200 रूट है। इनमें से 10 बसें वर्कशॉप में खड़ी है और 90 सेवाएं दे रही है। जोकि, लंबे रूटों से वापिस लौटकर लोकल रूटों पर भी दौड़ती है।
एचआरटीसी के डीडीएम शुगल सिंह ने बताया कि मामला ध्यान में आया है। प्रेशर पाइप फटने से इस प्रकार की नौबत आई। चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया। बस की मरम्मत करवा वापस वर्कशॉप ले आया गया है।

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