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Chamba News: जयपुर में दिखी चंबा रुमाल और चित्रकला की चमक
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:10 PM IST
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राजस्थान में वर्कशॉप के समापन के दिन चंबा की ज्योति नाथ को सम्मानित करते:
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चंबा। राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर में आयोजित राष्ट्रीय महिला लोक कला एवं शिल्प कार्यशाला में चंबा की पारंपरिक कला ने देशभर के कला प्रेमियों का दिल जीत लिया। 2 से 8 जनवरी तक चली इस कार्यशाला में चंबा की कलाकार ज्योति नाथ और आशा राठौर ने भाग लेकर चलो चंबा अभियान के तहत चंबा रुमाल और चित्रकला को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया।
कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 16 महिला कलाकारों ने हिस्सा लिया। चंबा की ज्योति नाथ ने अपनी पहाड़ी लघु चित्रकला, जबकि आशा राठौर ने विश्व प्रसिद्ध चंबा रुमाल की सुई-धागे की कला का जीवंत प्रदर्शन किया। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया।
पश्चिम बंगाल से आए पर्यटकों ने चंबा स्टॉल पर प्रदर्शित कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि ज्योति नाथ का काम बेहद अनोखा और आकर्षक है। इन चित्रों को देखकर चंबा घूमने की इच्छा जाग उठी है। चंबा स्टॉल पर प्रदर्शित पहाड़ी पेंटिंग्स को दर्शकों ने अद्भुत बताया।
इस कार्यशाला के माध्यम से ‘चलो चंबा अभियान’ ने प्रतिभागियों और दर्शकों को लक्ष्मी नारायण मंदिर, चंबा रुमाल, खजियार और डलहौजी जैसी सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान से रूबरू कराया। अभियान के जरिये चंबा की कला, संस्कृति और पर्यटन को देशभर में पहचान मिली।
ज्योति नाथ वर्तमान में कम्युनिटी आर्ट सेंटर का नेतृत्व कर रही हैं और पहाड़ी कला को नई पहचान दिलाने में सक्रिय हैं। वहीं आशा राठौर चंबा रुमाल की कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चंबा की कला और संस्कृति की इस प्रस्तुति को चंबा जिला और हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
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कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 16 महिला कलाकारों ने हिस्सा लिया। चंबा की ज्योति नाथ ने अपनी पहाड़ी लघु चित्रकला, जबकि आशा राठौर ने विश्व प्रसिद्ध चंबा रुमाल की सुई-धागे की कला का जीवंत प्रदर्शन किया। दोनों कलाकारों की जुगलबंदी ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया।
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पश्चिम बंगाल से आए पर्यटकों ने चंबा स्टॉल पर प्रदर्शित कलाकृतियों की सराहना करते हुए कहा कि ज्योति नाथ का काम बेहद अनोखा और आकर्षक है। इन चित्रों को देखकर चंबा घूमने की इच्छा जाग उठी है। चंबा स्टॉल पर प्रदर्शित पहाड़ी पेंटिंग्स को दर्शकों ने अद्भुत बताया।
इस कार्यशाला के माध्यम से ‘चलो चंबा अभियान’ ने प्रतिभागियों और दर्शकों को लक्ष्मी नारायण मंदिर, चंबा रुमाल, खजियार और डलहौजी जैसी सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान से रूबरू कराया। अभियान के जरिये चंबा की कला, संस्कृति और पर्यटन को देशभर में पहचान मिली।
ज्योति नाथ वर्तमान में कम्युनिटी आर्ट सेंटर का नेतृत्व कर रही हैं और पहाड़ी कला को नई पहचान दिलाने में सक्रिय हैं। वहीं आशा राठौर चंबा रुमाल की कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। राष्ट्रीय स्तर पर चंबा की कला और संस्कृति की इस प्रस्तुति को चंबा जिला और हिमाचल प्रदेश के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।