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Chamba News: अपहरणकर्ता समझ पुलिस से भिड़े थे ग्रामीण, कहा- चरस तस्करी का आरोपी कोई और
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चंबा चरस तस्करी मामले को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते गांव भुमनोता के लोग।संवाद
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चंबा। चुराह में शनिवार रात को पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले में नया मोड़ सामने आ रहा है। अब शलेला बाड़ी पंचायत के लोग उपायुक्त के पास पहुंचे और कहा कि ग्रामीणों को लगा कि गांव के निवासी सुभाष कुमार को कुछ लोग अगवा कर रहे हैं। इसलिए अपहरणकर्ता समझ कर गांव के लोग पुलिस के साथ भिड़ गए। साथ ही उन्होंने चरस रखने पर सुभाष कुमार नहीं नरेश कुमार नाम के व्यक्ति को आरोपी बताया है।
मंगलवार को उपायुक्त मुकेश रेपसवाल को ज्ञापन देते हुए ग्रामीण प्रकाश चंद, सुरेंद्र, अश्वनी कुमार, लक्ष्मण, मानदेई, चतर सिंह, प्रकाश चंद, मोती राम, तुला राम और चुनी लाल ने बताया उन्हें यह पता नहीं था कि यह पुलिस की टीम है और उसे चरस के आरोप में पकड़कर ले जा रही है।
सुभाष का गांव में चाल चलन काफी अच्छा है। इससे पहले उसके ऊपर ऐसे कोई आरोप नहीं लगे। वह आयुष विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर तैनात है और भुमनोता में ढाबा चलाता है। ऐसे में उसे साजिश के तहत इस अपराध में फंसाया जा रहा है। उन्हें सुभाष ने बताया कि इस चरस को दूसरा व्यक्ति उसके ढाबे में लेकर आया था, लेकिन पुलिस टीम ने उसे चरस के आरोप में पकड़ लिया।
पुलिस ने दूसरे व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश तक नहीं की। इसमें नरेश कुमार का नाम सामने आया है, इसलिए पुलिस को उसे गिरफ्तार करके बेगुनाह को छोड़ देना चाहिए।
उन्होंने साथ ही कहा कि पुलिस की टीम सादे कपड़ों में वहां आई थी और उनके पास गाड़ी भी निजी थी। उनकी झड़प का फायदा उठाकर सुभाष गाड़ी की डिक्की का शीशा तोड़कर वहां से भाग गया, उसे किसी ने भी नहीं भगाया था। इतने में पंचायत प्रधान और स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और गुस्साई भीड़ को शांत करवाया। यदि पुलिस टीम वर्दी में होती तो यह विवाद नहीं होना था।
12 किलोमीटर दूर शनेड़ा नाला का जिक्र समझ से परे
लोगों ने आरोप लगाया कि जब आरोपी को गांव भुमनोता से पकड़ा था तो पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में 12 किलोमीटर दूर शनेड़ा नाला का जिक्र क्यों किया। इसका भी लोग विरोध कर रहे हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि पुलिस टीम की इसमें कोई लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
माफी मांगने के लिए तैयार, ग्रामीण नशा तस्करी के हैं खिलाफ
ग्रामीणों ने कहा कि यह सारा घटनाक्रम अनजाने में हुआ है, इसके लिए वे क्षमा मांगने के लिए भी तैयार है। स्थानीय लोग नशा तस्करी के खिलाफ हैं, इसलिए बाद में उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
डीएसपी रंजन शर्मा करेंगे मामले की जांच
चंबा। चुराह में पुलिस टीम पर हमला करने के मामले की जांच अब डीएसपी रंजन शर्मा करेंगे। एसआईयू की जिस टीम पर यह हमला हुआ है, उसमें इंस्पेक्टर रैंक का पुलिस अफसर भी शामिल था। ऐसे में थाना प्रभारी इस मामले की जांच नहीं कर सकते। यही वजह है कि पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने इस मामले की जांच करने के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी को नियुक्त किया है। अब डीएसपी सलूणी दोनों पक्षों को बुलाकर इस मामले में पूछताछ करेंगे। इससे पहले थाना प्रभारी ने 10 लोगों को पूछताछ के लिए थाने में तलब किया था। लेकिन, अब इस मामले की निष्पक्ष जांच डीएसपी करेंगे। वह जल्द ही दोनों पक्षों की सुनवाई करने के लिए तीसा में जा सकते हैं। उनकी जांच पूरी होने के बाद पुलिस आगामी कदम उठाएगी।
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मंगलवार को उपायुक्त मुकेश रेपसवाल को ज्ञापन देते हुए ग्रामीण प्रकाश चंद, सुरेंद्र, अश्वनी कुमार, लक्ष्मण, मानदेई, चतर सिंह, प्रकाश चंद, मोती राम, तुला राम और चुनी लाल ने बताया उन्हें यह पता नहीं था कि यह पुलिस की टीम है और उसे चरस के आरोप में पकड़कर ले जा रही है।
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सुभाष का गांव में चाल चलन काफी अच्छा है। इससे पहले उसके ऊपर ऐसे कोई आरोप नहीं लगे। वह आयुष विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद पर तैनात है और भुमनोता में ढाबा चलाता है। ऐसे में उसे साजिश के तहत इस अपराध में फंसाया जा रहा है। उन्हें सुभाष ने बताया कि इस चरस को दूसरा व्यक्ति उसके ढाबे में लेकर आया था, लेकिन पुलिस टीम ने उसे चरस के आरोप में पकड़ लिया।
पुलिस ने दूसरे व्यक्ति को पकड़ने की कोशिश तक नहीं की। इसमें नरेश कुमार का नाम सामने आया है, इसलिए पुलिस को उसे गिरफ्तार करके बेगुनाह को छोड़ देना चाहिए।
उन्होंने साथ ही कहा कि पुलिस की टीम सादे कपड़ों में वहां आई थी और उनके पास गाड़ी भी निजी थी। उनकी झड़प का फायदा उठाकर सुभाष गाड़ी की डिक्की का शीशा तोड़कर वहां से भाग गया, उसे किसी ने भी नहीं भगाया था। इतने में पंचायत प्रधान और स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और गुस्साई भीड़ को शांत करवाया। यदि पुलिस टीम वर्दी में होती तो यह विवाद नहीं होना था।
12 किलोमीटर दूर शनेड़ा नाला का जिक्र समझ से परे
लोगों ने आरोप लगाया कि जब आरोपी को गांव भुमनोता से पकड़ा था तो पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में 12 किलोमीटर दूर शनेड़ा नाला का जिक्र क्यों किया। इसका भी लोग विरोध कर रहे हैं। इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि पुलिस टीम की इसमें कोई लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
माफी मांगने के लिए तैयार, ग्रामीण नशा तस्करी के हैं खिलाफ
ग्रामीणों ने कहा कि यह सारा घटनाक्रम अनजाने में हुआ है, इसके लिए वे क्षमा मांगने के लिए भी तैयार है। स्थानीय लोग नशा तस्करी के खिलाफ हैं, इसलिए बाद में उन्होंने आरोपी को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
डीएसपी रंजन शर्मा करेंगे मामले की जांच
चंबा। चुराह में पुलिस टीम पर हमला करने के मामले की जांच अब डीएसपी रंजन शर्मा करेंगे। एसआईयू की जिस टीम पर यह हमला हुआ है, उसमें इंस्पेक्टर रैंक का पुलिस अफसर भी शामिल था। ऐसे में थाना प्रभारी इस मामले की जांच नहीं कर सकते। यही वजह है कि पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने इस मामले की जांच करने के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी को नियुक्त किया है। अब डीएसपी सलूणी दोनों पक्षों को बुलाकर इस मामले में पूछताछ करेंगे। इससे पहले थाना प्रभारी ने 10 लोगों को पूछताछ के लिए थाने में तलब किया था। लेकिन, अब इस मामले की निष्पक्ष जांच डीएसपी करेंगे। वह जल्द ही दोनों पक्षों की सुनवाई करने के लिए तीसा में जा सकते हैं। उनकी जांच पूरी होने के बाद पुलिस आगामी कदम उठाएगी।