सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Dharamshala News ›   Autism Awareness Day Bravely Stitching Together the Struggle—Growing Anxiety for Sons as Age Advances

ऑटिज्म जागरूकता दिवस: बहादुर लगा रहे संघर्ष के टांके, ढलती उम्र के साथ बढ़ रही बेटों की फिक्र

सचिन चौधरी, धर्मशाला। Published by: Ankesh Dogra Updated Thu, 02 Apr 2026 12:29 PM IST
विज्ञापन
सार

World Autism Awareness Day 2026: हर साल 2 अप्रैल को विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य ऑटिज्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना और लोगों को इसके बारे में सही जानकारी देना है। कचहरी अड्डा के साथ सटे केसीसी चौक के एक कोने में बैठकर दूसरों के फटे जूते टांकने वाले बहादुर सिंह की कहानी भी ऑटिज्म से जुड़ी है। उनके दो बेटे अरुण उर्फ मोनू और मनोज बचपन से ही ऑटिज्म के साथ जी रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...

Autism Awareness Day Bravely Stitching Together the Struggle—Growing Anxiety for Sons as Age Advances
बहादुर सिंह, मनोज, अरुण उर्फ मोनू। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार

कचहरी अड्डा के साथ सटे केसीसी चौक के एक कोने में बैठकर दूसरों के फटे जूते टांकने वाले बहादुर सिंह के हाथों में चलने वाली सुई सिर्फ चमड़ा नहीं सिलती, बल्कि वह हर दिन अपने दो विशेष बेटों के भविष्य की उम्मीदों को भी टांकने की कोशिश करते हैं। उम्र की ढलान पर खड़े बहादुर सिंह का संघर्ष आज भी उतना ही जवान है, जितनी उनके बेटों के प्रति उनकी चिंता। 

Trending Videos

उनके दो बेटे अरुण उर्फ मोनू और मनोज बचपन से ही ऑटिज्म के साथ जी रहे हैं। बेटों की बढ़ती उम्र के साथ जब पता चला कि वह ऑटिज्म के साथ पैदा हुए हैं तो अपनी हैसियत के अनुसार शुरुआत में उपचार भी करवाया। सीमित आय और आर्थिक तंगी के बीच बहादुर सिंह ने हार नहीं मानी, लेकिन अब ढलती उम्र के साथ उनकी आंखों में एक ही सवाल कौंधता है कि हमारे बाद इनका क्या होगा। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

मूल रूप से जयसिंहपुर के रहने वाले बहादुर सिंह 1990 से धर्मशाला के चरान में रह रहे हैं। उनकी दिनचर्या दुकान और बेटे मोनू की देखभाल के बीच सिमटी हुई है। मोनू को वह दुकान में साथ ले आते हैं, जबकि मनोज की घर पर उनकी मां देखभाल करती हैं। बहादुर सिंह कहते हैं कि जब तक शरीर साथ दे रहा है, वे बेटों को संभाल लेंगे। लेकिन हर रात उन्हें यह फिक्र सोने नहीं देती कि उनके न रहने पर इन मासूमों का हाथ कौन थामेगा। जूतों की मरम्मत करते-करते बहादुर सिंह ने अपना जीवन तो खपा दिया पर समाज और सिस्टम से अब भी उस मजबूत टांके की उम्मीद है जो उनके बेटों के कल को टूटने से बचा ले।

बहादुर सिंह बताते हैं कि उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर कई मंत्रियों तक अपनी गुहार लगाई कि मोनू को कहीं कोई छोटी-मोटी नौकरी मिल जाए, ताकि उसका भविष्य सुरक्षित हो सके। लेकिन हर बार सत्ता की चौखट से उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। वर्तमान में दोनों भाइयों को कल्याण विभाग की ओर से 1150-1150 रुपये मासिक पेंशन मिलती है, जो आज की महंगाई में ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।

केसीसी चौक पर ट्रैफिक संभाल रहा है मोनू
बहादुर सिंह का बड़ा बेटा मोनू धर्मशाला की सड़कों पर एक मिसाल बनकर उभर रहा है। ऑटिज्म की चुनौतियों को दरकिनार कर मोनू केसीसी बैंक चौक पर यातायात व्यवस्था संभालता है। पुलिस वर्दी के प्रति उसकी दीवानगी ऐसी है कि पिता ने उसे वर्दी सिलवा कर दी तो पुलिसकर्मियों ने उसे बेल्ट और टोपी भेंट की। बिना किसी सरकारी वेतन के मोनू पूरी निष्ठा के साथ ट्रैफिक व्यवस्था संभालता है। समाजसेवा के लिए समर्पित अरुण उर्फ मोनू को 26 जनवरी को उपायुक्त कांगड़ा भी सम्मानित कर चुके हैं।

ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर कोई बीमारी नहीं, बल्कि न्यूरो-डेवलपमेंटल स्थिति है जो बच्चों के व्यवहार, संचार और सामाजिक संपर्क को प्रभावित करती है। यदि 1 से 3 वर्ष की उम्र के बीच इसकी पहचान कर ली जाए तो समय पर हस्तक्षेप से बच्चे के विकास और आत्मनिर्भरता में क्रांतिकारी बदलाव लाया जा सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चे के साथ समय बिताएं और उनकी भावनाओं को समझें। ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए कोई दवा नहीं, बल्कि विभिन्न थेरेपी मददगार साबित होती हैं।-डॉ. अतुल गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, टांडा मेडिकल कॉलेज 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed