धर्मशाला छात्रा मौत मामला: मेडिकल बोर्ड में एम्स बिलासपुर के विशेषज्ञ भी शामिल, आरोपी छात्राओं से भी पूछताछ
धर्मशाला कॉलेज की छात्रा मौत मामले में जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड में अब एम्स बिलासपुर के विशेषज्ञों की टीम भी शामिल रहेगी। मेडिकल बोर्ड आगामी सात दिनों में पुलिस को इस मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। पढ़ें पूरी खबर...
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राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, रैंगिंग और कथित यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में जांच के लिए गठित मेडिकल बोर्ड में अब एम्स बिलासपुर के विशेषज्ञों की टीम भी शामिल रहेगी। फोरेंसिक विज्ञान विभाग के एक्सपर्ट और स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित मेडिकल बोर्ड ही अब इस घटना के रहस्य से पर्दा उठाएंगे। आरोपी छात्राओं और पीड़ित छात्रा के मोबाइल फोन में सुरक्षित ओडियाे, वीडियो, व्हाट्सएप चैट आदि विभिन्न डाटा का फोरेंसिक विशेषज्ञ बारीकी से अध्ययन कर रहे हैं।
उधर, मेडिकल बोर्ड ने भी मृतक छात्रा की बीमारी और इलाज से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट्स का अध्ययन शुरू कर दिया है। इन रिपोर्ट्स से स्पष्ट हो जाएगा कि रैगिंग और कथित यौन उत्पीड़न का मामला सामने आने के बाद पीड़ित छात्रा की तबीयत बिगड़ी थी या बीमारी पुरानी थी। आठ विभिन्न अस्पतालों में इलाज की क्या पद्धति रही और मौत के वास्तविक कारण क्या रहे। मेडिकल बोर्ड आगामी सात दिनों में पुलिस को इस मामले में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा।
शुक्रवार को भी इस मामले में आरोपी कालेज छात्राओं से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में डीएसपी निशा कुमारी और एसएचओ नारायण सिंह के सामने पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक स्कूल और कालेज से रिकॉर्ड लिया जा रहा है और अगर रिकॉर्ड में घटना के समय छात्रा नाबालिग निकलती है तो पुलिस इस मामले में पॉक्सो एक्ट में भी प्राथमिकी दर्ज कर सकती है। हालांकि घटना के समय पीड़ित छात्रा के नाबालिग होने की संभावना से इन्कार किया जा रहा है। इसके अलावा पीड़ित छात्रा बीए प्रथम वर्ष में सालभर कितने दिन कालेज आई इस बारे में कुल उपस्थिति का रिकॉर्ड भी कालेज प्रशासन से लिया जा रहा है।
उधर, आरोपी सहायक प्रोफेसर की अंतरिम जमानत 12 जनवरी को खत्म हो रही है। संबंधित शिक्षक क्या अब आगे अंतरिम जमानत बढ़ाने का प्रयास करेंगे या नहीं यह देखना भी दिलचस्प है। हालांकि अब तक की जांच में सहायक प्रोफेसर ने अपने उपर लगे आरोपों को खारिज किया है। यूजीसी और राज्य सरकार की जांच कमेटियां भी इस मामले में अपने-अपने उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट सौंपेंगी, जिसके बाद इस मामले में आगामी कार्रवाई हो पाएगी।
उधर, पुलिस उप महानिरीक्षक उत्तरी रेंज सौम्या सांबशिवम ने कहा कि मेडिकल बोर्ड में टांडा मेडिकल कॉलेज के साथ ही एम्स बिलासपुर के विशेषज्ञ भी शामिल किए गए हैं।