फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Dharamshala News ›   dharamshala tibetan youth congress global protest china

Dharamshala: तिब्बती युवा कांग्रेस ने शुरू किया वैश्विक विरोध अभियान, चीन और संयुक्त राष्ट्र के खिलाफ प्रदर्शन

Mon, 20 Jul 2026 10:59 AM IST
Ankesh Dogra एएनआई, शिमला।
एएनआई, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Mon, 20 Jul 2026 10:59 AM IST
सार

Dharamshala Tibet Protest : धर्मशाला में तिब्बती युवा कांग्रेस ने तिब्बत के मुद्दे पर वैश्विक विरोध अभियान शुरू किया। 24 घंटे की भूख हड़ताल के माध्यम से संगठन ने संयुक्त राष्ट्र की कथित निष्क्रियता और चीन की नीतियों का विरोध जताया। नेताओं ने कहा कि यह अभियान दुनिया भर में चलाया जाएगा। चीन इन आरोपों को खारिज करते हुए तिब्बत में विकास कार्यों का दावा करता है।

विज्ञापन
dharamshala tibetan youth congress global protest china
टीवाईसी के वैश्विक विरोध अभियान का शुभारंभ - फोटो : एएनआई

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से तिब्बती युवा कांग्रेस (टीवाईसी) ने तिब्बत के मुद्दों को लेकर एक वैश्विक विरोध अभियान का शुभारंभ किया है। इस अभियान के तहत, संगठन ने 24 घंटे की सांकेतिक भूख हड़ताल का आयोजन कर तिब्बत के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र की कथित निष्क्रियता और चीन की नीतियों के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया है। टीवाईसी के अनुसार, यह अभियान दुनिया भर में उन देशों में भी चलाया जाएगा जहां संगठन की इकाइयां सक्रिय हैं।

विज्ञापन

 

विरोध का उद्देश्य और मांगें
तिब्बती सांसद और टीवाईसी के पूर्व अध्यक्ष गोम्पो धोंडुप ने बताया कि यह भूख हड़ताल हाल ही में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के बाहर आत्मदाह करने वाले एक तिब्बती आंदोलनकारी को श्रद्धांजलि देने और उसके उठाए गए मुद्दों के समर्थन में शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य तिब्बत के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना है। धोंडुप के अनुसार, धर्मशाला से शुरू हुआ यह अभियान भविष्य में विभिन्न देशों में फैलेगा और इसमें तिब्बती संगठनों के साथ-साथ आम लोगों की भी भागीदारी होगी।

तिब्बती युवा कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष लोबसांग त्सेरिंग ने इस आंदोलन के माध्यम से चीन की नीतियों की कड़ी निंदा की। उन्होंने आरोप लगाया कि तिब्बती संस्कृति और पहचान पर चीन द्वारा लगातार दबाव बढ़ाया जा रहा है। त्सेरिंग ने स्पष्ट किया कि यह विरोध केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुनिया भर में संगठन की शाखाओं के माध्यम से जारी रहेगा।
 

संगठन के महासचिव तेनजिन लोबसांग ने इस वैश्विक अभियान को संयुक्त राष्ट्र की कथित चुप्पी और तिब्बत से जुड़े मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा बताया। उन्होंने तिब्बत में कड़ी निगरानी व्यवस्था लागू होने और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का भी आरोप लगाया। यह विरोध प्रदर्शन तिब्बत की वर्तमान स्थिति और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका पर प्रकाश डालता है, तथा तिब्बती समुदाय की आवाज को वैश्विक मंच पर उठाने का एक प्रयास है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed