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Hamirpur (Himachal) News: रसोई से शुरू हुआ व्यवसाय, अब हर माह हो रही अच्छी आय
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:17 AM IST
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भौंखर की अर्पणा घर पर बढ़ियों की पैकेजिंग करते हुए। संवाद
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हमीरपुर। इरादे मजबूत हों तो घर की रसोई भी रोजगार का बड़ा केंद्र बन सकती है। भौंखर गांव की अर्पणा ने इस बात को सच साबित कर दिखाया है।
पारंपरिक पहाड़ी स्वाद को रोजगार का माध्यम बनाकर अर्पणा आज न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।
घर से शुरू किए गए अचार, मकंद और सेपू बड़ी बनाने के छोटे से कारोबार ने उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया है। इस कार्य से उन्हें हर माह 15 से 20 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है।
अर्पणा ने कुछ वर्ष पहले घर में उपयोग के लिए पारंपरिक तरीके से बड़ी और अचार तैयार करना शुरू किया था। परिवार और रिश्तेदारों द्वारा सराहना मिलने के बाद उन्होंने इसे व्यवसाय का रूप दे दिया। शुरुआत में सीमित मात्रा में उत्पादन करने के बाद धीरे-धीरे उन्होंने इसे बढ़ाया और स्थानीय बाजार तक अपने उत्पाद पहुंचाने शुरू किए।
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आज उनके द्वारा तैयार की गई सेपू बड़ी और अचार क्षेत्र की कई दुकानों में उपलब्ध हैं। शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन और सामाजिक कार्यक्रमों में सेपू बड़ी की विशेष मांग रहती है, जिससे उन्हें लगातार ऑर्डर मिलते रहते हैं।
इस कार्य में अर्पणा के पति भी बराबर सहयोग करते हैं। वे कच्चा सामान जुटाने, पैकिंग करने और उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में उनकी मदद करते हैं। इस तरह यह छोटा प्रयास आज पूरे परिवार के लिए स्थायी आय का साधन बन चुका है।
पारंपरिक पहाड़ी स्वाद को रोजगार का माध्यम बनाकर अर्पणा आज न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैं।
घर से शुरू किए गए अचार, मकंद और सेपू बड़ी बनाने के छोटे से कारोबार ने उन्हें आत्मनिर्भर बना दिया है। इस कार्य से उन्हें हर माह 15 से 20 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हो रही है।
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अर्पणा ने कुछ वर्ष पहले घर में उपयोग के लिए पारंपरिक तरीके से बड़ी और अचार तैयार करना शुरू किया था। परिवार और रिश्तेदारों द्वारा सराहना मिलने के बाद उन्होंने इसे व्यवसाय का रूप दे दिया। शुरुआत में सीमित मात्रा में उत्पादन करने के बाद धीरे-धीरे उन्होंने इसे बढ़ाया और स्थानीय बाजार तक अपने उत्पाद पहुंचाने शुरू किए।
आज उनके द्वारा तैयार की गई सेपू बड़ी और अचार क्षेत्र की कई दुकानों में उपलब्ध हैं। शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन और सामाजिक कार्यक्रमों में सेपू बड़ी की विशेष मांग रहती है, जिससे उन्हें लगातार ऑर्डर मिलते रहते हैं।
इस कार्य में अर्पणा के पति भी बराबर सहयोग करते हैं। वे कच्चा सामान जुटाने, पैकिंग करने और उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में उनकी मदद करते हैं। इस तरह यह छोटा प्रयास आज पूरे परिवार के लिए स्थायी आय का साधन बन चुका है।