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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   "Aadi, what should I do with your toys? You tell me..." saying this, the mother fainted.

Hamirpur (Himachal) News: आदी तेरे खिलौनों का क्या करूं, तू ही बता दे...कहकर बेहोश हो गई मां

Fri, 19 Jun 2026 12:46 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Fri, 19 Jun 2026 12:46 AM IST
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बेटे के पार्थिव शरीर से लिपटकर बिलखी मां सुषमा, फिर गश खाकर गिरी
चचेरी बहन वामसी रूंधे गले से बोली, आदी उठ मुझसे लड़ाई कर न भाई
सुनील कुमार
गलोड़ (हमीरपुर)। वीरवार दोपहर 23 वर्षीय आदित्य शर्मा का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव भालू पहुंचा, पूरे क्षेत्र में गम का माहौल छा गया और हर आंख नम हो गई। होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी मिसाइल हमले में मारे गए आदित्य अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे।
घर में सभी उन्हें प्यार से आदी कहकर बुलाते थे। दोपहर 12:41 बजे जैसे ही फूलों से सजे वाहन में आदित्य का पार्थिव शरीर पैतृक घर पहुंचा, चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो उठा। आंगन में मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें भर आईं।
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इस दौरान मां को सहारा देकर करीबी रिश्तेदार बेटे के पार्थिव देह का दर्शन करवाने का प्रयास कर रहे हैं। लोगों का हुजूम अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा है।
समय : दोपहर 12:50 बजे। मां ने कांपते हाथों से बेटे को सेहरा पहनाया। दूल्हे के लिबास में सजे अपने लाल को देखते ही उनका सब्र टूट गया। बेटे के पार्थिव शरीर से लिपटकर वह बिलख पड़ीं और रुंधे गले से बोलीं आदी... अब तेरे खिलौनों का क्या करूं, तू ही बता दे... इतना कहते ही वह गश खाकर जमीन पर गिर पड़ी।
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परिजनों ने उन्हें संभाला, लेकिन उनकी चीखें यहां मौजूद हर किसी के दिल को पसीज रही हैं। करीब 20 मिनट तक आदित्य का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए आंगन में रखा गया। इसके बाद अंतिम यात्रा शुरू हुई।
समय : दोपहर 1 बजे।
जैसे ही अर्थी आंगन से उठी, माहौल फिर चित्कार से गमगीन हो उठा। आदित्य की चचेरी बहन वामसी लखनपाल अर्थी के पीछे दौड़ पड़ी। रोते-बिलखते हुए वह पुकार रही थी आदी, तुमने कहा था घर आओगे तो मुझसे लड़ोगे। आदी उठ मुझसे लड़ ले न भाई... बहन की यह पुकार सुनकर वहां मौजूद लोग भी अपने आंसू नहीं रोक सके।

परिजनों ने किसी तरह वामसी को संभाला, लेकिन चचेरे भाई को खोने का दर्द उसके शब्दों में साफ झलक रहा था। उधर, खुद को संभालने का प्रयास कर रहे पिता राजेश शर्मा भी बेटे की अर्थी आंगन से उठते ही टूट गए। उनकी आंखों से आंसुओं का सैलाब बह निकला।
हादसे के आठ दिन बाद घर लाए गए आदित्य की पार्थिव देह को अंतिम प्रणाम कर स्थानीय लोगों ने विदा किया।
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