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Hamirpur (Himachal) News: अज्ञात दानवीर ने महाकाल की जलधारी को अष्टधातु से मढ़वाया
Wed, 01 Jul 2026 01:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 01 Jul 2026 01:52 AM IST
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ठाकुर द्वारा गोशाला जमली धाम मेंमहादेव मंदिर मेंलधारी को अष्टधातु से मढ़वाया। स्रोत : जागरूक
- फोटो : samvad
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डिडवीं टिक्कर(हमीरपुर)। ठाकुर द्वारा गोशाला जमली धाम स्थित श्री महाकाल चमत्कारी महादेव मंदिर में गुप्त दानदाता के सहयोग से शिवलिंग की जलधारी को 15 किलोग्राम अष्टधातु से मढ़वाया गया है।
गोशाला समिति के प्रधान रसील सिंह मनकोटिया ने बताया कि नौ अगस्त 2025 को मध्य प्रदेश के बकावा गांव से नर्मदा नदी से प्राप्त पत्थर से निर्मित शिवलिंग, जलधारी और नंदी की विधि-विधान के साथ स्थापना की गई थी। तभी से मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना और आरती के साथ-साथ विकास कार्य भी निरंतर जारी हैं।
उन्होंने बताया कि दो दिन पहले होशियारपुर से आए दो कारीगरों ने शिवलिंग की जलधारी को अष्टधातु से मढ़ने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया। समिति ने उनके सम्मान स्वरूप पारिश्रमिक देने का प्रयास किया, लेकिन दोनों कारीगरों ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि इस कार्य का पूरा खर्च एक दानवीर ने वहन किया है और उनकी इच्छा के अनुसार उनकी पहचान भी गुप्त रखी गई है।
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समिति ने दानदाता और कारीगरों के इस योगदान की सराहना करते हुए इसे श्रद्धा और सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
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गोशाला समिति के प्रधान रसील सिंह मनकोटिया ने बताया कि नौ अगस्त 2025 को मध्य प्रदेश के बकावा गांव से नर्मदा नदी से प्राप्त पत्थर से निर्मित शिवलिंग, जलधारी और नंदी की विधि-विधान के साथ स्थापना की गई थी। तभी से मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना और आरती के साथ-साथ विकास कार्य भी निरंतर जारी हैं।
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उन्होंने बताया कि दो दिन पहले होशियारपुर से आए दो कारीगरों ने शिवलिंग की जलधारी को अष्टधातु से मढ़ने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया। समिति ने उनके सम्मान स्वरूप पारिश्रमिक देने का प्रयास किया, लेकिन दोनों कारीगरों ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि इस कार्य का पूरा खर्च एक दानवीर ने वहन किया है और उनकी इच्छा के अनुसार उनकी पहचान भी गुप्त रखी गई है।
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समिति ने दानदाता और कारीगरों के इस योगदान की सराहना करते हुए इसे श्रद्धा और सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।