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बीपीएल चयन प्रक्रिया हो सरल : मनकोटिया
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अंब (ऊना)। ग्राम पंचायत चौआर की प्रधान रजनी मनकोटिया ने बीपीएल परिवारों के चयन और सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग की ओर से बीपीएल परिवारों के चयन एवं सत्यापन के लिए जारी नए दिशा-निर्देशों में कई ऐसी जटिल शर्तें और नियम शामिल हैं, जिनके कारण पात्र परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
प्रधान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब, कम पढ़े-लिखे, बुजुर्ग, दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्र जुटाना, निर्धारित समयावधि में सत्यापन करवाना और अन्य औपचारिकताएं पूरी करना आसान नहीं है। कई परिवारों को आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी भी नहीं होती, जिससे उन्हें अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक कागजी कार्रवाई और जटिल नियमों के चलते ऐसे परिवार बीपीएल सूची में शामिल होने से वंचित रह सकते हैं, जो वास्तव में सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं के सबसे अधिक हकदार हैं। इससे सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाएगा। मनकोटिया ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि बीपीएल चयन और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया जाए।
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प्रधान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब, कम पढ़े-लिखे, बुजुर्ग, दिव्यांग और अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्र जुटाना, निर्धारित समयावधि में सत्यापन करवाना और अन्य औपचारिकताएं पूरी करना आसान नहीं है। कई परिवारों को आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी भी नहीं होती, जिससे उन्हें अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक कागजी कार्रवाई और जटिल नियमों के चलते ऐसे परिवार बीपीएल सूची में शामिल होने से वंचित रह सकते हैं, जो वास्तव में सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं के सबसे अधिक हकदार हैं। इससे सरकार की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाएगा। मनकोटिया ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि बीपीएल चयन और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया जाए।
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