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Hamirpur (Himachal) News: टायरों की कमी से थमी बसों की रफ्तार, बिगड़ा व्यवस्था का पहिया
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सचित्र
खास खबर
एचआरटीसी डिपो हमीरपुर के 17 रूट हुए प्रभावित, यात्री हो रहे परेशान
कई बसों के फेरे घटे, कुछ रूटों पर संचालन हो रहा प्रभावित
नवीन ठाकुर
हमीरपुर। पहाड़ी क्षेत्रों की जीवनरेखा मानी जाने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की रफ्तार इन दिनों टायरों की कमी से थमने लगी है। हालत यह है कि हमीरपुर डिपो के करीब 17 रूट प्रभावित हो गए हैं। कई बसों के फेरे कम करने पड़े हैं, जबकि कुछ बसें टायर उपलब्ध न होने के कारण वर्कशॉप में ही खड़ी हैं। इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है।
हमीरपुर डिपो के तहत करीब 184 रूटों पर 150 से अधिक बसें संचालित होती हैं। इनमें बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों को जिला मुख्यालय और अन्य शहरों से जोड़ने वाले रूट शामिल हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से टायरों की पर्याप्त सप्लाई न मिलने के कारण निगम के सामने बसों का संचालन सुचारू बनाए रखना चुनौती बन गया है। जानकारी के अनुसार कई बसें निर्धारित समय पर नहीं चल पा रहीं, जबकि कुछ रूटों पर यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, विद्यार्थियों और रोजाना नौकरी के लिए आने-जाने वाले यात्रियों को झेलनी पड़ रही है। कई स्थानों पर यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
जिलावासियों रमेश, सचिन, राहुल, दीनानाथ का कहना है कि एचआरटीसी पर निर्भर हजारों लोगों के लिए परिवहन व्यवस्था का प्रभावित होना चिंता का विषय है। टायर जैसी बुनियादी आवश्यकता की कमी के कारण बस सेवाओं का प्रभावित होना निगम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर रहा है। लोगों ने सरकार और निगम प्रबंधन से जल्द पर्याप्त टायर उपलब्ध करवाकर प्रभावित रूटों पर बस सेवाएं सामान्य करने की मांग उठाई है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर
टायरों की कमी का असर मुख्य रूप से उन रूटों पर पड़ रहा है जहां यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद बस सेवा ही एकमात्र सार्वजनिक परिवहन विकल्प है। ऐसे क्षेत्रों में फेरे कम होने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
कोट
टायरों की कमी की समस्या के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। आवश्यक टायर उपलब्ध होते ही प्रभावित बसों को फिर से रूटों पर लगाया जाएगा। समस्या के शीघ्र समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।-राहुल कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी हमीरपुर डिपो
खास खबर
एचआरटीसी डिपो हमीरपुर के 17 रूट हुए प्रभावित, यात्री हो रहे परेशान
कई बसों के फेरे घटे, कुछ रूटों पर संचालन हो रहा प्रभावित
नवीन ठाकुर
हमीरपुर। पहाड़ी क्षेत्रों की जीवनरेखा मानी जाने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की रफ्तार इन दिनों टायरों की कमी से थमने लगी है। हालत यह है कि हमीरपुर डिपो के करीब 17 रूट प्रभावित हो गए हैं। कई बसों के फेरे कम करने पड़े हैं, जबकि कुछ बसें टायर उपलब्ध न होने के कारण वर्कशॉप में ही खड़ी हैं। इसका सीधा असर रोजाना सफर करने वाले हजारों यात्रियों पर पड़ रहा है।
हमीरपुर डिपो के तहत करीब 184 रूटों पर 150 से अधिक बसें संचालित होती हैं। इनमें बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों को जिला मुख्यालय और अन्य शहरों से जोड़ने वाले रूट शामिल हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से टायरों की पर्याप्त सप्लाई न मिलने के कारण निगम के सामने बसों का संचालन सुचारू बनाए रखना चुनौती बन गया है। जानकारी के अनुसार कई बसें निर्धारित समय पर नहीं चल पा रहीं, जबकि कुछ रूटों पर यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे अधिक दिक्कत ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों, विद्यार्थियों और रोजाना नौकरी के लिए आने-जाने वाले यात्रियों को झेलनी पड़ रही है। कई स्थानों पर यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
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जिलावासियों रमेश, सचिन, राहुल, दीनानाथ का कहना है कि एचआरटीसी पर निर्भर हजारों लोगों के लिए परिवहन व्यवस्था का प्रभावित होना चिंता का विषय है। टायर जैसी बुनियादी आवश्यकता की कमी के कारण बस सेवाओं का प्रभावित होना निगम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर रहा है। लोगों ने सरकार और निगम प्रबंधन से जल्द पर्याप्त टायर उपलब्ध करवाकर प्रभावित रूटों पर बस सेवाएं सामान्य करने की मांग उठाई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर
टायरों की कमी का असर मुख्य रूप से उन रूटों पर पड़ रहा है जहां यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद बस सेवा ही एकमात्र सार्वजनिक परिवहन विकल्प है। ऐसे क्षेत्रों में फेरे कम होने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
कोट
टायरों की कमी की समस्या के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। आवश्यक टायर उपलब्ध होते ही प्रभावित बसों को फिर से रूटों पर लगाया जाएगा। समस्या के शीघ्र समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।-राहुल कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी हमीरपुर डिपो