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Hamirpur (Himachal) News: दियोटसिद्ध में टूटी व्यवस्था... श्रद्धालु सड़क किनारे बैठने को मजबूर, कैसे दूर होगी थकान
Sat, 13 Jun 2026 01:09 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 13 Jun 2026 01:09 AM IST
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आशीष ठाकुर निवासी बड़सर
- फोटो : 1
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दियोटसिद्ध (हमीरपुर)। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगाए गए बेंचों की जर्जर स्थिति ने व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पैदल यात्रा कर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आराम से बैठने को सही जगह नहीं मिल पा रही है।
मंदिर न्यास द्वारा वर्षाशालिका से बैरियर नंबर दो तक करीब आठ सीमेंट के बेंच लगाए गए थे, जिनका उद्देश्य विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आराम देना था, लेकिन इनमें से छह बेंच टूट चुके हैं और उपयोग के योग्य नहीं बचे हैं।
स्थिति यह है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान आराम के लिए सड़क किनारे ही बैठना पड़ रहा है। इससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने मंदिर प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त बेंचों की शीघ्र मरम्मत करवाई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को उचित सुविधा मिल सके।
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दियोटसिद्ध में लोगों के बैठने के लिए लगाए गए बेंच टूटे हुए हैं। इन पर बैठना मुश्किल होता है। इससे श्रद्धालुओं को दिक्कतें पेश आती हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इनकी मरम्मत करवाए अथवा इनके स्थान पर नए बेंच लगवाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। -विशाल ठाकुर, निवासी जजरी
श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है। श्रद्धालु 10 से 15 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर बाबा बालक नाथ मंदिर पहुंचते हैं। थकान मिटाने के लिए उन्हें इन्हीं बेंचों का सहारा होता है। मंदिर न्यास को इसे गंभीरता के साथ लेना चाहिए। -आशीष ठाकुर, निवासी बड़सर
मामला संज्ञान में आया है। शीघ्र ही इन बेंचों को ठीक करवा दिया जाएगा या फिर इनके स्थान पर नए बेंच लगवा दिए जाएंगे, ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। श्रद्धालुओं का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। -पवन कुमार भाटिया, मंदिर अधिकारी, बाबा बालक नाथ मंदिर, दियोटसिद्ध
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मंदिर न्यास द्वारा वर्षाशालिका से बैरियर नंबर दो तक करीब आठ सीमेंट के बेंच लगाए गए थे, जिनका उद्देश्य विशेष रूप से बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आराम देना था, लेकिन इनमें से छह बेंच टूट चुके हैं और उपयोग के योग्य नहीं बचे हैं।
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स्थिति यह है कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान आराम के लिए सड़क किनारे ही बैठना पड़ रहा है। इससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने मंदिर प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त बेंचों की शीघ्र मरम्मत करवाई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को उचित सुविधा मिल सके।
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दियोटसिद्ध में लोगों के बैठने के लिए लगाए गए बेंच टूटे हुए हैं। इन पर बैठना मुश्किल होता है। इससे श्रद्धालुओं को दिक्कतें पेश आती हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इनकी मरम्मत करवाए अथवा इनके स्थान पर नए बेंच लगवाए, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। -विशाल ठाकुर, निवासी जजरी
श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखना जरूरी है। श्रद्धालु 10 से 15 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर बाबा बालक नाथ मंदिर पहुंचते हैं। थकान मिटाने के लिए उन्हें इन्हीं बेंचों का सहारा होता है। मंदिर न्यास को इसे गंभीरता के साथ लेना चाहिए। -आशीष ठाकुर, निवासी बड़सर
मामला संज्ञान में आया है। शीघ्र ही इन बेंचों को ठीक करवा दिया जाएगा या फिर इनके स्थान पर नए बेंच लगवा दिए जाएंगे, ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। श्रद्धालुओं का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। -पवन कुमार भाटिया, मंदिर अधिकारी, बाबा बालक नाथ मंदिर, दियोटसिद्ध

आशीष ठाकुर निवासी बड़सर- फोटो : 1

आशीष ठाकुर निवासी बड़सर- फोटो : 1

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