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रुचि और क्षमता के बीच संतुलन स्थापित कर चुने कॅरिअर : रांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 29 Mar 2026 01:12 AM IST
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टौणी देवी (हमीरपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (उत्कृष्ट) टौणी देवी के कॅरिअर काउंसलिंग सेल ने शनिवार को एक कॅरिअर मार्गदर्शन सेमिनार का आयोजन किया। सेमिनार में विद्यालय के अतिरिक्त दो निजी स्कूलों के कुल 101 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कॅरियर के विविध विकल्पों से अवगत कराना तथा उन्हें अपनी रुचि, योग्यता और उपलब्ध अवसरों के संतुलन के आधार पर सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना रहा। प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने विद्यार्थियों को कॅरिअर चयन के इस महत्वपूर्ण चरण में गंभीरता और सजगता से निर्णय लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कॅरिअर का सही चयन तभी संभव है, जब विद्यार्थी अपनी रुचियों, क्षमताओं और उपलब्ध अवसरों के बीच संतुलन स्थापित कर सकें।
उन्होंने विद्यार्थियों को आत्म मूल्यांकन करने, अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचानने तथा भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में अभिभावकों, शिक्षकों और वरिष्ठों का मार्गदर्शन अत्यंत सहायक सिद्ध होता है। कॅरिअर काउंसलिंग सेल की नोडल अधिकारी रेखा ने विद्यार्थियों को झुंड मानसिकता से बचने के लिए सचेत करते हुए कहा कि हर विद्यार्थी की क्षमता और रुचि अलग होती है, इसलिए कॅरियर का चयन भी व्यक्तिगत होना चाहिए।
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कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कॅरियर के विविध विकल्पों से अवगत कराना तथा उन्हें अपनी रुचि, योग्यता और उपलब्ध अवसरों के संतुलन के आधार पर सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित करना रहा। प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने विद्यार्थियों को कॅरिअर चयन के इस महत्वपूर्ण चरण में गंभीरता और सजगता से निर्णय लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कॅरिअर का सही चयन तभी संभव है, जब विद्यार्थी अपनी रुचियों, क्षमताओं और उपलब्ध अवसरों के बीच संतुलन स्थापित कर सकें।
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उन्होंने विद्यार्थियों को आत्म मूल्यांकन करने, अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचानने तथा भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में अभिभावकों, शिक्षकों और वरिष्ठों का मार्गदर्शन अत्यंत सहायक सिद्ध होता है। कॅरिअर काउंसलिंग सेल की नोडल अधिकारी रेखा ने विद्यार्थियों को झुंड मानसिकता से बचने के लिए सचेत करते हुए कहा कि हर विद्यार्थी की क्षमता और रुचि अलग होती है, इसलिए कॅरियर का चयन भी व्यक्तिगत होना चाहिए।