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Hamirpur (Himachal) News: हिमाचल-केरल के व्यंजनों ने बढ़ाया सांस्कृतिक मेल-मिलाप
Wed, 08 Jul 2026 01:23 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:23 AM IST
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टौणी देवी स्कूल में एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत आयोजित व्यंजनी प्रदर्शनी का आकंलन करते प्रधानाच
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टौणी देवी(हमीरपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टौणी देवी में मंगलवार को एक भारत-श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत हिमाचल प्रदेश और केरल के पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने दोनों राज्यों की समृद्ध संस्कृति को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया।
केरल के व्यंजनों में डोसा, इडली, सांभर, उपमा, रसम, नारियल चटनी, उत्तपम और रवा वड़ा शामिल रहे, जिन्हें केले के पत्तों पर परोसा गया। वहीं, हिमाचल प्रदेश की ओर से सीडू, बबरू, ऐन्कली, सेपू बड़ी, हिमाचली धाम, दही-भल्ला और पटांडे जैसे पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित किए गए।
विद्यार्थियों ने इन व्यंजनों के सांस्कृतिक और पोषण संबंधी महत्व की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने कहा कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत अभियान विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और आपसी सम्मान की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।
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उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विकास शर्मा, उपाध्यक्ष सुषमा मलकानिया, अन्य सदस्य, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समन्वय नोडल अधिकारी नविता चौहान ने किया। समापन राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता के संदेश के साथ हुआ।
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केरल के व्यंजनों में डोसा, इडली, सांभर, उपमा, रसम, नारियल चटनी, उत्तपम और रवा वड़ा शामिल रहे, जिन्हें केले के पत्तों पर परोसा गया। वहीं, हिमाचल प्रदेश की ओर से सीडू, बबरू, ऐन्कली, सेपू बड़ी, हिमाचली धाम, दही-भल्ला और पटांडे जैसे पारंपरिक व्यंजन प्रदर्शित किए गए।
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विद्यार्थियों ने इन व्यंजनों के सांस्कृतिक और पोषण संबंधी महत्व की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने कहा कि एक भारत-श्रेष्ठ भारत अभियान विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और आपसी सम्मान की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।
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उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विकास शर्मा, उपाध्यक्ष सुषमा मलकानिया, अन्य सदस्य, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समन्वय नोडल अधिकारी नविता चौहान ने किया। समापन राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता के संदेश के साथ हुआ।