{"_id":"6a2efe78ba92e4084c01fef8","slug":"dav-is-a-powerful-center-for-education-values-and-nation-building-anurag-hamirpur-hp-news-c-94-1-hmp1004-197124-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का सशक्त केंद्र है डीएवी : अनुराग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का सशक्त केंद्र है डीएवी : अनुराग
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 15 Jun 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
हमीरपुर। सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने रविवार को पंजाब के होशियारपुर स्थित डीएवी कॉलेज के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। उन्होंने संस्थान की 100 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को देश के शैक्षिक इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
उन्होंने कहा कि एक छोटे से छात्रावास से प्रारंभ हुआ यह संस्थान आज देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का सशक्त केंद्र है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1926 से अब तक इस कॉलेज से पांच पीढ़ियों के विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर समाज और राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दे चुके हैं। स्वयं को डीएवी परिवार का गौरवपूर्ण पूर्व छात्र बताते हुए उन्होंने कहा कि वे इस अवसर पर एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक “ओल्ड डीएवी बॉय” के रूप में उपस्थित हैं, जिनका जीवन डीएवी के शिक्षा, सेवा, संकल्प और संस्कार जैसे मूल्यों से गहराई से जुड़ा है।
विज्ञापन
अनुराग ठाकुर ने डीएवी आंदोलन के प्रेरणास्रोत महात्मा हंसराज और लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि महात्मा हंसराज द्वारा 1886 में लाहौर में शुरू किया गया शिक्षा का यह आंदोलन आज देशभर में लगभग 950 संस्थानों के विशाल नेटवर्क में विकसित हो चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि डीएवी होशियारपुर को यह विशेष गौरव प्राप्त है कि यह महात्मा हंसराज द्वारा स्थापित देश की दूसरी डीएवी संस्था है। उन्होंने कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं पूर्व विधायक ओम प्रकाश बग्गा को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को स्मरणीय बताया।
साथ ही बताया कि वे विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (वीबीएसए) विधेयक-2025 की संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य के रूप में डीएवी जैसे संस्थानों के विद्यार्थियों की अपेक्षाओं को सामने रख रहे हैं।
अंत में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संस्थान ने अमरीश पुरी जैसे कलाकारों और कई आईएएस अधिकारियों सहित अनेक प्रतिभाओं को देश-दुनिया में पहचान दिलाई है। यह केवल डिग्री नहीं देता, बल्कि जीवन को दिशा और प्रकाश प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि एक छोटे से छात्रावास से प्रारंभ हुआ यह संस्थान आज देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण का सशक्त केंद्र है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि वर्ष 1926 से अब तक इस कॉलेज से पांच पीढ़ियों के विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर समाज और राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दे चुके हैं। स्वयं को डीएवी परिवार का गौरवपूर्ण पूर्व छात्र बताते हुए उन्होंने कहा कि वे इस अवसर पर एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक “ओल्ड डीएवी बॉय” के रूप में उपस्थित हैं, जिनका जीवन डीएवी के शिक्षा, सेवा, संकल्प और संस्कार जैसे मूल्यों से गहराई से जुड़ा है।
अनुराग ठाकुर ने डीएवी आंदोलन के प्रेरणास्रोत महात्मा हंसराज और लाला लाजपत राय को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि महात्मा हंसराज द्वारा 1886 में लाहौर में शुरू किया गया शिक्षा का यह आंदोलन आज देशभर में लगभग 950 संस्थानों के विशाल नेटवर्क में विकसित हो चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि डीएवी होशियारपुर को यह विशेष गौरव प्राप्त है कि यह महात्मा हंसराज द्वारा स्थापित देश की दूसरी डीएवी संस्था है। उन्होंने कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं पूर्व विधायक ओम प्रकाश बग्गा को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को स्मरणीय बताया।
साथ ही बताया कि वे विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (वीबीएसए) विधेयक-2025 की संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य के रूप में डीएवी जैसे संस्थानों के विद्यार्थियों की अपेक्षाओं को सामने रख रहे हैं।
अंत में उन्होंने स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संस्थान ने अमरीश पुरी जैसे कलाकारों और कई आईएएस अधिकारियों सहित अनेक प्रतिभाओं को देश-दुनिया में पहचान दिलाई है। यह केवल डिग्री नहीं देता, बल्कि जीवन को दिशा और प्रकाश प्रदान करता है।