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Hamirpur (Himachal) News: फिर खिसकी डेडलाइन, अब सितंबर तक हमीरपुर तक पूरा होगा फोरलेन निर्माण
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:07 AM IST
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मसयाणा के पास बंद पड़ा वीओपी का निर्माण कार्य। संवाद।
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कमलेश रतन भारद्वाज
हमीरपुर। शिमला-कांगड़ा फोरलेन पर सफर को लेकर लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। पहले जून और फिर जुलाई तक पूरा होने का दावा किया गया। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब सितंबर तक खिंच गया है।
कांगड़ा और हमीरपुर जिले में निर्माणाधीन दो पुलों और एक व्हीकल ओवर पास (वीओपी) का कार्य पूरा न होने के कारण एनएचएआई ने समय सीमा बढ़ा दी है। फोरलेन परियोजना के करीब 62 किलोमीटर लंबे कोहली (हमीरपुर)-कांगड़ा के हिस्से पर अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और कई हिस्सों में वाहनों की आवाजाही भी शुरू कर दी गई है।
हालांकि चीलबाहल-कोहली बायपास पर पुल और वीओपी निर्माण के चलते यातायात अभी पूरी तरह फोरलेन पर शिफ्ट नहीं हो पाया है। वहीं, कांगड़ा जिले में भी एक पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। चीलबाहल से कोहली तक 17 किलोमीटर लंबे हिस्से का अधिकांश ढांचा तैयार हो चुका है।
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सड़क की टारिंग भी लगभग पूरी हो गई है। केवल मसियाना के पास वीओपी का निर्माण शेष है। दूसरी ओर रानीताल से आगे ज्वालामुखी क्षेत्र में पुल निर्माण का काम भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। एनएचएआई के अनुसार पांच पैकेजों में बन रहे शिमला-कांगड़ा फोरलेन के विभिन्न हिस्सों पर काम तेजी से जारी है।
पैकेज-5 बी के तहत कांगड़ा से भंगवार तक 18 किलोमीटर पैकेज लगभग तैयार हो चुका है। वहीं, भंगवार से चीलबाहल तक 37 किलोमीटर के हिस्से को भी सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
फोरलेन बनने के बाद शिमला और कांगड़ा के बीच की दूरी करीब 224 किलोमीटर से घटकर 182 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे यात्रा समय और ईंधन की बचत से खर्च भी कम होगा।
कोहली तक काम पूरा होते ही आगे बढ़ेगा फोरलेन
चीलबाहल-कोहली बाईपास का निर्माण पूरा होने के बाद फोरलेन परियोजना का अगला चरण शुरू होगा। कोहली से बिलासपुर जिले के भगेड़ तक करीब 36 किलोमीटर लंबे नए खंड का निर्माण प्रस्तावित है। हालांकि इसकी डीपीआर अभी अंतिम स्वीकृति का इंतजार कर रही है। भगेड़ से नौणीचौक तक 15 किलोमीटर फोरलेन पहले ही तैयार होकर वाहनों के लिए खोला जा चुका है। वहीं, नौणीचौक-भराड़ीघाट और भराड़ीघाट-शिमला पैकेजों पर भी निर्माण कार्य जारी है।
कोट
कांगड़ा जिले में एक पुल और हमीरपुर जिले में एक पुल और वीओपी का निर्माण शेष है। सभी कार्य अंतिम चरण में हैं। बरसात के बाद कांगड़ा से हमीरपुर तक फोरलेन पूरी तरह तैयार हो जाएगा। -राकेश कुमार यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई यूनिट हमीरपुर
हमीरपुर। शिमला-कांगड़ा फोरलेन पर सफर को लेकर लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। पहले जून और फिर जुलाई तक पूरा होने का दावा किया गया। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब सितंबर तक खिंच गया है।
कांगड़ा और हमीरपुर जिले में निर्माणाधीन दो पुलों और एक व्हीकल ओवर पास (वीओपी) का कार्य पूरा न होने के कारण एनएचएआई ने समय सीमा बढ़ा दी है। फोरलेन परियोजना के करीब 62 किलोमीटर लंबे कोहली (हमीरपुर)-कांगड़ा के हिस्से पर अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और कई हिस्सों में वाहनों की आवाजाही भी शुरू कर दी गई है।
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हालांकि चीलबाहल-कोहली बायपास पर पुल और वीओपी निर्माण के चलते यातायात अभी पूरी तरह फोरलेन पर शिफ्ट नहीं हो पाया है। वहीं, कांगड़ा जिले में भी एक पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। चीलबाहल से कोहली तक 17 किलोमीटर लंबे हिस्से का अधिकांश ढांचा तैयार हो चुका है।
सड़क की टारिंग भी लगभग पूरी हो गई है। केवल मसियाना के पास वीओपी का निर्माण शेष है। दूसरी ओर रानीताल से आगे ज्वालामुखी क्षेत्र में पुल निर्माण का काम भी अंतिम चरण में पहुंच गया है। एनएचएआई के अनुसार पांच पैकेजों में बन रहे शिमला-कांगड़ा फोरलेन के विभिन्न हिस्सों पर काम तेजी से जारी है।
पैकेज-5 बी के तहत कांगड़ा से भंगवार तक 18 किलोमीटर पैकेज लगभग तैयार हो चुका है। वहीं, भंगवार से चीलबाहल तक 37 किलोमीटर के हिस्से को भी सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
फोरलेन बनने के बाद शिमला और कांगड़ा के बीच की दूरी करीब 224 किलोमीटर से घटकर 182 किलोमीटर रह जाएगी, जिससे यात्रा समय और ईंधन की बचत से खर्च भी कम होगा।
कोहली तक काम पूरा होते ही आगे बढ़ेगा फोरलेन
चीलबाहल-कोहली बाईपास का निर्माण पूरा होने के बाद फोरलेन परियोजना का अगला चरण शुरू होगा। कोहली से बिलासपुर जिले के भगेड़ तक करीब 36 किलोमीटर लंबे नए खंड का निर्माण प्रस्तावित है। हालांकि इसकी डीपीआर अभी अंतिम स्वीकृति का इंतजार कर रही है। भगेड़ से नौणीचौक तक 15 किलोमीटर फोरलेन पहले ही तैयार होकर वाहनों के लिए खोला जा चुका है। वहीं, नौणीचौक-भराड़ीघाट और भराड़ीघाट-शिमला पैकेजों पर भी निर्माण कार्य जारी है।
कोट
कांगड़ा जिले में एक पुल और हमीरपुर जिले में एक पुल और वीओपी का निर्माण शेष है। सभी कार्य अंतिम चरण में हैं। बरसात के बाद कांगड़ा से हमीरपुर तक फोरलेन पूरी तरह तैयार हो जाएगा। -राकेश कुमार यादव, परियोजना निदेशक, एनएचएआई यूनिट हमीरपुर

मसयाणा के पास बंद पड़ा वीओपी का निर्माण कार्य। संवाद।