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Hamirpur (Himachal) News: छह साल बाद दियोटसिद्ध मंदिर को मिला स्थायी मंदिर अधिकारी
Mon, 29 Jun 2026 12:24 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 29 Jun 2026 12:24 AM IST
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दियोटसिद्ध ( हमीरपुर)। बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध में करीब छह वर्ष बाद स्थायी मंदिर अधिकारी की नियुक्ति हुई है। राज्य सरकार द्वारा जारी स्थानांतरण आदेशों के तहत राजेश कुमार का तबादला उपतहसील भरवाईं, जिला ऊना स्थित कानूनगो कार्यालय से बाबा बालकनाथ मंदिर न्यास दियोटसिद्ध में मंदिर अधिकारी के पद पर किया गया है।
वह शीघ्र ही अपना कार्यभार संभालेंगे। वहीं, वर्तमान मंदिर अधिकारी पवन का तबादला उपतहसील भरवाईं कर दिया गया है। गौरतलब है कि बीते छह माह के दौरान मंदिर अधिकारी के पद पर यह सातवीं नियुक्ति है। इस अवधि में एक अधिकारी का तबादला नियुक्ति के महज सात घंटे बाद ही कर दिया गया था।
पांच मार्च 2026 को मनजीत ठाकुर की नियुक्ति के कुछ घंटों बाद ही उनका तबादला हो गया था। इसके बाद नियुक्त अधिकारियों का कार्यकाल भी एक-दो माह तक ही सीमित रहा।मंदिर में वर्ष 2019 में ओपी लखनपाल स्थायी मंदिर अधिकारी के रूप में नियुक्त हुए थे।
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वर्ष 2020 में उनके पद से हटने के बाद इस पद पर किसी स्थायी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो सकी थी और व्यवस्था अतिरिक्त कार्यभार के आधार पर संचालित होती रही। मंदिर न्यास को उम्मीद है कि राजेश कुमार की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यों में स्थिरता आएगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
वहीं, न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम बड़सर स्वाति डोगरा ने कहा कि राजेश कुमार के प्रशासनिक अनुभव से मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुगम, पारदर्शी और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना न्यास की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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वह शीघ्र ही अपना कार्यभार संभालेंगे। वहीं, वर्तमान मंदिर अधिकारी पवन का तबादला उपतहसील भरवाईं कर दिया गया है। गौरतलब है कि बीते छह माह के दौरान मंदिर अधिकारी के पद पर यह सातवीं नियुक्ति है। इस अवधि में एक अधिकारी का तबादला नियुक्ति के महज सात घंटे बाद ही कर दिया गया था।
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पांच मार्च 2026 को मनजीत ठाकुर की नियुक्ति के कुछ घंटों बाद ही उनका तबादला हो गया था। इसके बाद नियुक्त अधिकारियों का कार्यकाल भी एक-दो माह तक ही सीमित रहा।मंदिर में वर्ष 2019 में ओपी लखनपाल स्थायी मंदिर अधिकारी के रूप में नियुक्त हुए थे।
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वर्ष 2020 में उनके पद से हटने के बाद इस पद पर किसी स्थायी अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो सकी थी और व्यवस्था अतिरिक्त कार्यभार के आधार पर संचालित होती रही। मंदिर न्यास को उम्मीद है कि राजेश कुमार की नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यों में स्थिरता आएगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
वहीं, न्यास अध्यक्ष एवं एसडीएम बड़सर स्वाति डोगरा ने कहा कि राजेश कुमार के प्रशासनिक अनुभव से मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुगम, पारदर्शी और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना न्यास की सर्वोच्च प्राथमिकता है।