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Hamirpur (Himachal) News: मछलियों का प्रजनन काल शुरू, दो माह तक शिकार पर रोक
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:45 AM IST
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हमीरपुर। मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए जिले में मंगलवार से मछली आखेट पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। मत्स्य विभाग ने सभी मछली विक्रेताओं और पंजीकृत मछुआरों को उपलब्ध मछली का स्टॉक बुधवार दोपहर तक समाप्त करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रतिबंध अवधि के दौरान स्थानीय मछलियों के आखेट और बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी।
मत्स्य विभाग के अनुसार हर वर्ष 16 जून से 15 अगस्त तक मछलियों का प्रजनन काल रहता है। इस दौरान मछलियां प्राकृतिक जल स्रोतों में अंडे देती हैं, जिससे नई पीढ़ी का विकास होता है। ऐसे समय में मछली पकड़ने से मत्स्य संपदा को नुकसान पहुंच सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार दो माह के लिए मछली आखेट प्रतिबंधित किया गया है।
जिले की कुनाह, मान, चाहव सीर और सलासी खड्डों में करीब 586 पंजीकृत मछुआरे मत्स्य आखेट से जुड़े हैं। प्रतिबंध अवधि के दौरान इन सभी को आखेट गतिविधियों से दूर रहना होगा। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
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मत्स्य विभाग की टीमें आगामी दिनों में विभिन्न खड्डों और जल स्रोतों का निरीक्षण करेंगी। साथ ही बाजारों में भी निगरानी रखी जाएगी ताकि प्रतिबंध अवधि में अवैध रूप से पकड़ी गई मछलियों की बिक्री न हो सके।
जिले के मछुआरों को बुधवार तक उपलब्ध स्टॉक खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -अजय कुलदीप, एफओ, मत्स्य विभाग हमीरपुर
मत्स्य विभाग के अनुसार हर वर्ष 16 जून से 15 अगस्त तक मछलियों का प्रजनन काल रहता है। इस दौरान मछलियां प्राकृतिक जल स्रोतों में अंडे देती हैं, जिससे नई पीढ़ी का विकास होता है। ऐसे समय में मछली पकड़ने से मत्स्य संपदा को नुकसान पहुंच सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार दो माह के लिए मछली आखेट प्रतिबंधित किया गया है।
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जिले की कुनाह, मान, चाहव सीर और सलासी खड्डों में करीब 586 पंजीकृत मछुआरे मत्स्य आखेट से जुड़े हैं। प्रतिबंध अवधि के दौरान इन सभी को आखेट गतिविधियों से दूर रहना होगा। नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
मत्स्य विभाग की टीमें आगामी दिनों में विभिन्न खड्डों और जल स्रोतों का निरीक्षण करेंगी। साथ ही बाजारों में भी निगरानी रखी जाएगी ताकि प्रतिबंध अवधि में अवैध रूप से पकड़ी गई मछलियों की बिक्री न हो सके।
जिले के मछुआरों को बुधवार तक उपलब्ध स्टॉक खत्म करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई नियमों की अनदेखी करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। -अजय कुलदीप, एफओ, मत्स्य विभाग हमीरपुर