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Hamirpur (Himachal) News: हमीरपुर और करोट स्कूलों को मिलेगा डे बोर्डिंग का दर्जा
Wed, 10 Jun 2026 12:28 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 10 Jun 2026 12:28 AM IST
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बवीता चंदेल
हमीरपुर। एजुकेशन हब हमीरपुर में तहत दो मौजूदा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं को डे बोर्डिंग दर्जा दिया गया है। हमीरपुर और करोट के स्कूलों को डे-बोर्डिंग स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रारंभिक चरण में इन दोनों डे-बोर्डिंग स्कूलों के लिए अलग स्थानों का चयन किया गया था और नए परिसर बनाने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन अब विभाग ने जगह में बदलाव करते हुए पहले से संचालित स्कूल परिसरों में ही अतिरिक्त भवनों का निर्माण करने का निर्णय लिया है।
स्कूलों के मौजूदा परिसरों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्षाएं,प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम, खेल सुविधाएं, पुस्तकालय और अन्य आधारभूत ढांचे का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की योजना को शुरू करते समय हमीरपुर और करोट में नए परिसर स्थापित करने के लिए अलग-अलग स्थानों का चयन किया गया था।
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हालांकि बाद में विभागीय स्तर पर समीक्षा के दौरान पाया गया कि पहले से संचालित विद्यालयों में पर्याप्त भूमि और बुनियादी ढांचा उपलब्ध है, जिसे विस्तार देकर डे-बोर्डिंग मॉडल के अनुरूप विकसित किया जा सकता है।
इसके उपरांत अब निर्णय लिया गया है कि नए परिसर बनाने की बजाय मौजूदा स्कूलों में ही अतिरिक्त भवन तैयार किए जाएंगे। डे-बोर्डिंग स्कूलों में विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला, विज्ञान,तकनीक और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों, स्मार्ट कक्षाएं, डिजिटल शिक्षण उपकरण, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान, बहुउद्देशीय हॉल और अन्य सुविधाओं की सुविधा मिलेगी।
वर्तमान में शिक्षा खंड बड़सर में कोहड़रा, नादौन में अमलैहड़ और भोरंज के कराहा में डे बोर्डिंग स्कूल का निर्माण किया जा रहा है। संवाद
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हमीरपुर। एजुकेशन हब हमीरपुर में तहत दो मौजूदा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाओं को डे बोर्डिंग दर्जा दिया गया है। हमीरपुर और करोट के स्कूलों को डे-बोर्डिंग स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।
प्रारंभिक चरण में इन दोनों डे-बोर्डिंग स्कूलों के लिए अलग स्थानों का चयन किया गया था और नए परिसर बनाने की योजना तैयार की गई थी, लेकिन अब विभाग ने जगह में बदलाव करते हुए पहले से संचालित स्कूल परिसरों में ही अतिरिक्त भवनों का निर्माण करने का निर्णय लिया है।
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स्कूलों के मौजूदा परिसरों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्षाएं,प्रयोगशालाएं, स्मार्ट क्लासरूम, खेल सुविधाएं, पुस्तकालय और अन्य आधारभूत ढांचे का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूलों की योजना को शुरू करते समय हमीरपुर और करोट में नए परिसर स्थापित करने के लिए अलग-अलग स्थानों का चयन किया गया था।
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हालांकि बाद में विभागीय स्तर पर समीक्षा के दौरान पाया गया कि पहले से संचालित विद्यालयों में पर्याप्त भूमि और बुनियादी ढांचा उपलब्ध है, जिसे विस्तार देकर डे-बोर्डिंग मॉडल के अनुरूप विकसित किया जा सकता है।
इसके उपरांत अब निर्णय लिया गया है कि नए परिसर बनाने की बजाय मौजूदा स्कूलों में ही अतिरिक्त भवन तैयार किए जाएंगे। डे-बोर्डिंग स्कूलों में विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ-साथ खेल, कला, विज्ञान,तकनीक और व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियों, स्मार्ट कक्षाएं, डिजिटल शिक्षण उपकरण, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान, बहुउद्देशीय हॉल और अन्य सुविधाओं की सुविधा मिलेगी।
वर्तमान में शिक्षा खंड बड़सर में कोहड़रा, नादौन में अमलैहड़ और भोरंज के कराहा में डे बोर्डिंग स्कूल का निर्माण किया जा रहा है। संवाद