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उच्च शिक्षा बनेगा विकसित भारत का इंजन : अनुराग ठाकुर
Fri, 19 Jun 2026 12:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 19 Jun 2026 12:51 AM IST
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मोहाली स्थित चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में आयोजित भारत उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन-2026 में सांसद अनुर
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हमीरपुर। सांसद एवं संसदीय स्थायी समिति (कोयला, खान एवं इस्पात) के अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर ने वीरवार को मोहाली स्थित चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में आयोजित ‘भारत उच्च शिक्षा शिखर सम्मेलन-2026’ के उद्घाटन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया।
भारतीय निजी विश्वविद्यालय परिसंघ (सीआईपीयू) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत 2047 की ओर राष्ट्रीय विकास के इंजन के रूप में विश्वविद्यालय’ रहा। सम्मेलन में देशभर से 150 से अधिक कुलाधिपति, कुलपति, शिक्षाविद, सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत के विशेषज्ञ शामिल हुए।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने देश की विकास यात्रा को ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की संज्ञा देते हुए कहा कि भारत आज रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की कार्यशैली पर आगे बढ़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि इसी कारण भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाइब्रेंसी रैंकिंग में तीसरे स्थान पर पहुंचा है।
उन्होंने उच्च शिक्षा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में शैक्षणिक संरचना का ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। आईआईटी की संख्या 16 से बढ़कर 23 और आईआईएम की संख्या 13 से बढ़कर 21 हो गई है, जबकि विश्वविद्यालयों की संख्या में लगभग 59.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक’ उच्च शिक्षा संस्थानों में संरचनात्मक सुधार और संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह विधेयक विश्वस्तरीय प्रतिभाओं के निर्माण में सहायक बनेगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों के युग में निजी विश्वविद्यालयों को परिवर्तन के वाहक बनकर भारत को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।
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भारतीय निजी विश्वविद्यालय परिसंघ (सीआईपीयू) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन का विषय ‘विकसित भारत 2047 की ओर राष्ट्रीय विकास के इंजन के रूप में विश्वविद्यालय’ रहा। सम्मेलन में देशभर से 150 से अधिक कुलाधिपति, कुलपति, शिक्षाविद, सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत के विशेषज्ञ शामिल हुए।
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अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने देश की विकास यात्रा को ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की संज्ञा देते हुए कहा कि भारत आज रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म की कार्यशैली पर आगे बढ़ रहा है।
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उन्होंने कहा कि इसी कारण भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वाइब्रेंसी रैंकिंग में तीसरे स्थान पर पहुंचा है।
उन्होंने उच्च शिक्षा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में शैक्षणिक संरचना का ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। आईआईटी की संख्या 16 से बढ़कर 23 और आईआईएम की संख्या 13 से बढ़कर 21 हो गई है, जबकि विश्वविद्यालयों की संख्या में लगभग 59.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ‘विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक’ उच्च शिक्षा संस्थानों में संरचनात्मक सुधार और संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह विधेयक विश्वस्तरीय प्रतिभाओं के निर्माण में सहायक बनेगा। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों के युग में निजी विश्वविद्यालयों को परिवर्तन के वाहक बनकर भारत को ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभानी होगी।