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HP Assembly Session: हिमकेयर की जगह शुरू होगी इंश्योरेंस स्कीम, दो बिजली मीटरों पर ही मिलेगी सब्सिडी

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 26 Mar 2026 05:00 AM IST
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सार

हिमकेयर की जगह अब इंश्योरेंस स्कीम शुरू होगी। इस योजना के तहत अस्पतालों में इलाज कराने के लिए कार्ड बनाए जाएंगे। 

HP Assembly Session: insurance scheme to replace Himcare, and subsidies for two electricity meter.
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : आईपीआर विभाग
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर की जगह अब इंश्योरेंस स्कीम शुरू होगी। इस योजना के तहत अस्पतालों में इलाज कराने के लिए कार्ड बनाए जाएंगे। वहीं, घरेलू उपभोक्ताओं को दो बिजली मीटरों पर ही सब्सिडी मिलेगी। लहसुन और गुरनू चाय को भी न्यूनतम समर्थन मूल्य के दायरे में लाया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में यह जानकारी बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए दी। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना में 1,100 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के चलते यह फैसला लिया गया है। हिमकेयर में गड़बड़ियों की जांच विजिलेंस को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक मेडिकल कॉलेज के कराए ऑडिट में 100 करोड़ की गड़बड़ी सामने आई है। यह मामला भी विजिलेंस ब्यूरो देखेगा। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में नेरचौक मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों और मशीनरियों की कमी थी। कॉलेज में एमआरआई मशीन नहीं लगाई गई। निजी व्यक्ति को फायदा देने के लिए अस्पताल के बाहर मशीन लगवाई गई और मरीजों से 3000 से 5000 की वसूली होती रही।

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विपक्ष ने किया वाकआउट
मुख्यमंत्री के इन आरोपों पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भड़क गए। उन्होंने कहा कि सीएम महज आरोप लगाते हैं। वह तथ्य सामने रखें। हमें इसकी जानकारी नहीं है। अगर हमने एमआरआई नहीं लगाई तो साढ़े तीन साल में क्यों नहीं लगा पाए। इस बीच दोनों पक्षों में नोकझोंक बढ़ती रही। सदन में हंगामा हो गया। बाद में विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। विपक्ष की गैर मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने राज्य की संपदा का दुरुपयोग किया और जब उनकी सरकार सत्ता में आई तो आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी इसलिए एक महीने तक मंत्रिमंडल विस्तार नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार ने मुफ्त की रेवड़ियां बांटकर प्रदेश की वित्तीय स्थिति को कमजोर किया गया और इसे श्रीलंका जैसी स्थिति की ओर धकेला। मुख्यमंत्री ने बजट का जिक्र करते हुए कहा कि इस बार वह ऑल्टो कार के बजाय इलेक्ट्रिक वाहन से सदन पहुंचे, जो आत्मनिर्भर हिमाचल का संदेश है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने हिमकेयर योजना में 442 करोड़ रुपये खर्च कर केवल 370 करोड़ रुपये का इलाज करवाया, जबकि उनकी सरकार ने तीन वर्षों में 960 करोड़ रुपये का इलाज कराया। हिमकेयर का पैसा रोगी कल्याण समितियों में गया, जिसका कोई ऑडिट नहीं हुआ। उन्होंने हिमकेयर योजना की विजिलेंस जांच और रोगी कल्याण समितियों के खर्च करने का ऑडिट के आदेश दिए। सीएम ने कहा कि सरकार हर मेडिकल कॉलेज के लिए 4 एमआरआई मशीनें खरीद रही है। पूर्व सरकार ने 5000 बीघा जमीन एक रुपये का कस्टमाइज्ड पैकेज देकर प्रदेश की संपदा को लुटाया। राज्य में कोई वित्तीय संकट नहीं है। नौकरियां निकल रही हैं, कर्मचारियों को वेतन और पेंशन मिल रही है। सरकार ने निर्णय लिया कि प्रदेश के 22 से 23 लाख परिवारों को दो मीटर तक बिजली पर सब्सिडी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले बजट तक मेडिकल कॉलेजों और शिक्षा क्षेत्र के अधिकांश खाली पद भर दिए जाएंगे।

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वित्तीय स्थिति मजबूत होने पर विधायक निधि बढ़ाने पर विचार होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तीय स्थिति मजबूत होने पर विधायक निधि बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जयराम ठाकुर दिल्ली में प्रधानमंत्री से मिले, लेकिन उन्होंने प्रदेश के लिए 1500 करोड़ रुपये देने और आरडीजी बहाल करने की मांग तक नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि यदि 8000 करोड़ रुपये आरडीजी एक वर्ष के लिए न काटी जाती तो राज्य 2027 के बजाय 2026 में ही आत्मनिर्भर हो जाता। बीपीएल को लेकर 6 चरण बनाए गए हैं। इसमें 93 हजार लोगों को शामिल किया गया है। मनरेगा में जिसने 20 दिन का काम किया है उन्हें भी सुखी परिवार योजना में लाया जा रहा है।

महात्मा गांधी पर तपा सदन, सत्तापक्ष और विपक्ष में नोकझोंक
वहीं महात्मा गांधी पर बुधवार को सदन खूब तपा। शून्यकाल के बाद बजट पर चर्चा शुरू हुई तो पहले बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा - महात्मा गांधी न होते तो हम आजाद न होते। भाजपा की केंद्र सरकार ने मनरेगा से महात्मा गांधी नाम हटा दिया। वीबी-जी राम जी को इस तरह से हिंदी और अंग्रेजी को जोड़कर लिखा कि इसे गरम जी बना दिया। स्कीम में राम जी का नाम जबरदस्ती डाल दिया। इनकी विचारधारा के लोग विदेश में पढ़ते हैं, पर अंग्रेजी का विरोध करते हैं। अंग्रेजी के तो ये दुश्मन हैं। उन्होंने योजना के नाम की ओर इशारा किया। इस पर सतपाल सिंह सत्ती ने सदन में कहा कि प्रधानमंत्री महात्मा गांधी को बहुत सम्मान देते हैं। उन्होंने नेगी की ओर पलटवार कर कहा - जब आप महात्मा गांधी पर ज्यादा बोलते हैं, तब हम भी कहते हैं, क्या चरखा चलाने से आजादी मिल सकती है। आजादी के आंदोलन में बहुत से स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान रहा है। वीर सावरकर के तीनों भाई काला पानी में रहे। एक भी कांग्रेस के नेता नाम बताएं, जिसने काला पानी की सजा काटी हो। इस पर दोनों पक्षों में खूब नोकझोंक होती रही। बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए  राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि जो बजट पेश हुआ है, यह अपनी किस्म का पहला बजट है। किसानों, पशुपालकों, भेड़पालकों आदि को ध्यान में रखकर बजट तैयार किया गया है। पिछली सरकार ने बिजली प्रोजेक्टाें पर रॉयल्टी को चार और पांच प्रतिशत पर लाया। जीएसटी भी केंद्र सरकार छीनकर ले गई। किसी भी तरह से केंद्र सरकार सुधार नहीं करने देना चाहती है। यह सब तो गला घोंट रहे हैं।  जगत सिंह नेगी ने कहा कि यह लोग न तो पानी और न ही हवा में जीने दे रहे हैं। एपस्टीन फाइल्स में इनके नेताओं के नाम आ रहे हैं। नेगी ने विपक्ष से पूछा - राजस्व घाटा अनुदान मिलना चाहिए कि नहीं। हां में या न में कहो। पर यह बोल ही नहीं सकते। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि महात्मा गांधी यहां आठ बार आए। वह साक्षात इस सदन में आए थे। महात्मा गांधी, मोती लाल नेहरू, पंडित जवाहर लाल नेहरू ने भी यहां स्पीच दिए।

बंद हुए संस्थानों की जानकारी नहीं मिलने पर भाजपा ने जताई नाराजगी
हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई 2025 तक बंद हुए सरकारी संस्थानों की जानकारी नहीं मिलने पर भाजपा सदस्यों ने सदन में नाराजगी जताई। नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार का कार्यकाल समापन की ओर बढ़ रहा है। सरकार को एक साल से कम का समय रह गया है। संस्थानों को बंद करने के लिए अधिसूचनाएं तक जारी हुई हैं जानकारी को छिपा कर क्या हासिल करना चाहती है। त्रिलोक जम्वाल ने कहा कि संस्थानों को बंद करने की प्रक्रिया तो जारी है लेकिन पुरानी जानकारी भी नहीं दी जा रही। रणधीर शर्मा ने कहा कि सूचना को छिपाना सही बात नहीं है। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयास रहेगा कि जल्द ही सूचना को उपलब्ध करवा दिया जाए। 

बंद नहीं की अटल आदर्श विद्यालय योजना
 नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने पूछा कि क्या पूर्व सरकार की अटल आदर्श विद्यालय योजना को बंद कर दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना को बंद नहीं किया गया है। हमारी सरकार सभी प्रधानमंत्रियों का सम्मान करती है। अटल योजना के स्कूलों का काम पूरा किया जा रहा है। इस योजना में आवासीय सुविधा दी जानी है। कांग्रेस सरकार राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल योजना लाई है। इसमें आवासीय सुविधा नहीं है। बच्चे स्कूल में पढ़कर शाम को घर जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने ही रोहतांग टनल का नाम बदला। सोनिया गांधी के नाम लिखा नींव पत्थर मौके से हटाया। इस मामले को एनएच और रक्षा मंत्रालय के समक्ष उठाया गया है।

विदेश भ्रमण पर अगली बार ब्रिकम को भी लेकर जाएंगे
शिमला। भाजपा विधायक ब्रिकम ठाकुर ने सदन में उद्योग विभाग के अधिकारियों के विदेश दौरे पर सवाल उठाए। जवाब में मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहली बार अफसरों और मंत्रियों के साथ विधायकों को भी विदेश दौरे पर भेजा है। भाजपा विधायक अनिल शर्मा हमारे साथ जापान, हांगकांग और वियतनाम के दौरे पर गए। विधायक विपिन सिंह परमार को भी जाना था लेकिन वो नहीं गए। अगली बार ध्यान रखा जाएगा कि पूर्व उद्योग मंत्री ब्रिकम ठाकुर को भी साथ लेकर जाएं।

पौधे रोपने पर तय समय में अदायगी की बनेगी एसओपी
 मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राजीव गांधी वन संवर्धन योजना के तहत महिला-युवक मंडलों को पौधे रोपने पर तय समय में अदायगी की एसओपी बनाई जाएगी। विधायक केवल सिंह पठानिया, सुरेंद्र शौरी, नीरज नैय्यर और सुखराम चौधरी के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वन आवरण बढ़ाने के लिए सरकार ने योजना शुरू की है। पौधे रोपने और उनकी देखभाल के लिए सरकार धनराशि भी दे रही है। कोई उद्योगपति भी पौधे रोपना चाहता है तो उसे सरकार भूमि उपलब्ध करवाएगी। 

हिमाचल के स्कूलों में 1063 शिक्षक सरप्लस
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सरकारी स्कूलों में जेबीटी के 273, टीजीटी के 683 तथा प्रवक्ता विद्यालय (नई व्यवस्था) के 107 पद सरप्लस हैं। विधायक सुखराम चौधरी के सवाल का लिखित जवाब देते हुए कहा कि सरकार की ओर से युक्तिकरण को एक सतत् प्रकिया के तौर में अपनाया गया है। इसका उद्देश्य स्कूलों में उपलब्ध अध्यापकों का संतुलित एवं आवश्यकता आधारित वितरण सुनिश्चित करना है। 

70 वर्ष के पेंशनरों को घर में पेंशन देने का विचार नहीं
शिमला। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनीराम शांडिल ने बताया कि प्रदेश में 806846 व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। विधायक विनोद कुमार और जीतराम कटवाल के सवाल का लिखित जवाब देते हुए कहा कि सरकार 70 वर्ष आयु वर्ग के पेंशनरों को उनके घरों में पेंशन देने का विचार नहीं रखती है। प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ लाभार्थियों के बचत खातों में प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से किया जाता है। 

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