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Himachal News: धागा और प्लास्टिक उद्योगों का कच्चा माल हुआ महंगा; फाइबर और प्लास्टिक के रेट 15 से 20 फीसदी बढ़े
ओमपाल सिंह, बद्दी (सोलन)।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Thu, 26 Mar 2026 10:52 AM IST
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सार
ईरान-अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंचता जा रहा है। युद्ध के चलते फाइबर के 15 से 20 फीसदी रेट बढ़े हैं। पढ़ें पूरी खबर...
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
खाड़ी युद्ध के चलते कच्चे तेल के संकट से बीबीएन के धागा और प्लास्टिक उद्योगों में प्रयोग होने वाला सामान महंगा हो गया है। इससे आने वाले समय में तैयार माल भी महंगा हो जाएगा। फाइबर के 15 से 20 फीसदी रेट बढ़े हैं, इसके चलते धागे के दाम भी 5 फीसदी की वृद्धि हुई है।
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बीबीएन में एक दर्जन के करीब धागा उद्योग हैं। हाई स्पीड डीजल, प्रोपेन गैस और पैकिंग मैटीरियल और स्ट्रेच रैपिंग महंगी हो गई है। हाई स्पीड डीजल में 20 से 30 फीसदी वृद्धि हुई है। प्रोपेन गैस में 55 फीसदी उछाल आया है। इस गैस की सप्लाई पर सरकार ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके दाम में 55 फीसदी उछाल आया है। स्ट्रेच रैपिंग पहले 86 रुपये में मिलती थी, जो अब बढ़कर 109 रुपये हो गई है। फिलामिंट कॉटन के धागे में प्लास्टिक दाना डलता है इसमें भी 30 से 50 फीसदी तक रेट में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा सामान का भाड़ा भी लगातार बढ़ रहा है।
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धागा उद्योगों में उत्पादन की तीन माह पहले रेट के हिसाब से बुकिंग हो जाती है। ऐसे में पार्टी खराब न हो, इसलिए घाटे में माल तैयार किया जा रहा है। बद्दी की बिरला टैक्सटाइल के कार्यकारी अध्यक्ष रोहित आरोड़ा ने बताया कि कच्चे तेल, एलपीजी गैस व प्राकृतिक गैस के दाम बढ़ गए थे। इसका असर धागा उद्योग पर पड़ा। कच्चे तेल के दाम 122 डालर तक पहुंच गए थे, लेकिन 20 मार्च से लगातार कम हो रहे हैं। इन चार दिनों में रेट 88 डालर तक आ गए हैं। अगर हालात सामान्य नहीं होते तो उद्योगों को तैयार माल के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।