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Himachal: खामियां मिलने पर हिमाचल के 88 दवा उद्योगों में उत्पादन पर रोक, लाइसेंस निरस्त

संवाद न्यूज एजेंसी, बद्दी (सोलन)। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 26 Mar 2026 06:00 AM IST
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सार

राज्य ड्रग विभाग और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की ओर से संयुक्त निरीक्षण किया जाता है। इस दौरान जिन उद्योगों में मानकों के अनुरूप खामियां पाई जाती हैं, उनके उत्पादन को तुरंत रोक दिया जाता है। 

Production halted, licenses cancelled at 88 pharmaceutical industries in Himachal Pradesh after defects were f
उद्योग(सांकेतिक) - फोटो : संवाद
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विस्तार

जोखिम आधारित निरीक्षण और राज्य ड्रग विभाग की जांच में खामियां पाए जाने के कारण प्रदेश में करीब 88 दवा उद्योगों के उत्पादन पर रोक लगा दी गई है। विभाग का कहना है कि यदि ये उद्योग अपनी गुणवत्ता में सुधार करते हैं तो दोबारा उत्पादन शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। राज्य ड्रग विभाग और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन की ओर से संयुक्त निरीक्षण किया जाता है। इस दौरान जिन उद्योगों में मानकों के अनुरूप खामियां पाई जाती हैं, उनके उत्पादन को तुरंत रोक दिया जाता है। इसके अलावा विभाग द्वारा नियमित जांच भी की जाती है। विभाग ने ड्रग अलर्ट में फेल होने वाली 73 दवाओं के लाइसेंस भी रद्द किए हैं। इन दवाओं के सैंपलों की विभाग स्वयं दोबारा जांच करेगा। दोबारा उत्पादन शुरू करने से पहले दवा और पूरे प्लांट का निरीक्षण किया जाएगा और मानक पूरे होने पर ही अनुमति दी जाएगी।

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राज्य ड्रग नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि इस माह कुल 88 दवाओं के लाइसेंस रद्द किए गए हैं, क्योंकि वे गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरीं। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनियों को दोबारा लाइसेंस प्राप्त करने के लिए अपनी गुणवत्ता में सुधार करना होगा। उन्होंने बताया कि विभाग लगातार उद्योगों से सैंपल एकत्र कर जांच करता है, जिससे गुणवत्ता में कमी वाली दवाओं की पहचान हो सके। जिन दवाओं की गुणवत्ता सही नहीं पाई जाती, उन्हें विभाग सीडीएससीओ पोर्टल पर अपलोड कर देता है। डॉ. कपूर ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पोर्टल पर सूचीबद्ध खराब गुणवत्ता वाली दवाओं की खरीद से बचें। विभाग दवा निर्माताओं को गुणवत्ता सुधार के लिए समय भी देता है, जिसके बाद सुधार होने पर उत्पादन दोबारा शुरू किया जा सकता है।

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