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Hamirpur (Himachal) News: तीन माह तक नौनिहालों को क्या पढ़ाया देनी होगी जानकारी
Fri, 26 Jun 2026 12:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:44 AM IST
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हमीरपुर। जिले के 406 प्राथमिक स्कूलों में संचालित प्री-प्राइमरी कक्षाओं की पढ़ाई और गतिविधियों का व्यापक सर्वे किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रमुखों को पिछले तीन माह के दौरान नौनिहालों को पढ़ाए गए पाठ्यक्रम और करवाई गई गतिविधियों का ब्योरा देने के निर्देश दिए हैं।
सर्वे के आधार पर यह आकलन किया जाएगा कि प्री-प्राइमरी स्तर पर निर्धारित पाठ्यक्रम का क्रियान्वयन किस प्रकार किया जा रहा है और विद्यार्थियों को सीखने के लिए किस प्रकार के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
स्कूलों में जेबीटी शिक्षकों को अप्रैल से जून तक बच्चों को पढ़ाए गए विषयों, गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया और विद्यार्थियों की प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
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वर्तमान में जिलेभर के प्राथमिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रारंभिक शिक्षा को गतिविधि आधारित बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसके तहत प्री-प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को खेल, गीत, कहानी, चित्रकला, रंगों की पहचान, समूह गतिविधियों और ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है।
इसी क्रम में विभाग ने स्कूलों का सर्वे करने का निर्णय लिया है, ताकि आगामी सत्र में विद्यार्थियों के लिए और अधिक प्रभावी एवं अतिरिक्त गतिविधियों का आयोजन किया जा सके।
कोट
स्कूल प्रमुखों को इस संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सर्वे में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाए पाठ्यक्रम का आकलन किया जाएगा।
-भवानी सिंह, जिला समन्वयक, प्री-प्राइमरी, डाइट गौना करौर
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सर्वे के आधार पर यह आकलन किया जाएगा कि प्री-प्राइमरी स्तर पर निर्धारित पाठ्यक्रम का क्रियान्वयन किस प्रकार किया जा रहा है और विद्यार्थियों को सीखने के लिए किस प्रकार के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
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स्कूलों में जेबीटी शिक्षकों को अप्रैल से जून तक बच्चों को पढ़ाए गए विषयों, गतिविधियों के माध्यम से सीखने की प्रक्रिया और विद्यार्थियों की प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
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वर्तमान में जिलेभर के प्राथमिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रारंभिक शिक्षा को गतिविधि आधारित बनाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। इसके तहत प्री-प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को खेल, गीत, कहानी, चित्रकला, रंगों की पहचान, समूह गतिविधियों और ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करवाई जा रही है।
इसी क्रम में विभाग ने स्कूलों का सर्वे करने का निर्णय लिया है, ताकि आगामी सत्र में विद्यार्थियों के लिए और अधिक प्रभावी एवं अतिरिक्त गतिविधियों का आयोजन किया जा सके।
कोट
स्कूल प्रमुखों को इस संदर्भ में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सर्वे में प्री-प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को पढ़ाए पाठ्यक्रम का आकलन किया जाएगा।
-भवानी सिंह, जिला समन्वयक, प्री-प्राइमरी, डाइट गौना करौर